मोदी के अंतरिम बजट में फील गुड

modee ke antarim bajat mein pheel gud

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नई दिल्ली: चुनावी साल में मोदी सरकार का मास्टरस्ट्रोक! अंतरिम बजट के दौरान लोकसभा में भी दिखा बीजेपी का फील गुड
अरुण जेटली की गैर-मौजूदगी में वित्त मंत्रालय का कार्यभार संभाल रहे पीयूष गोयल ने मोदी सरकार का आखिरी बजट पेश किया. हालांकि, यह पूर्ण बजट नहीं था, फिर भी लोकसभा चुनाव में उतरने से ठीक पहले सरकार की तरफ से हर वर्ग को खुश करने की कोशिश की गई. चाहे गरीब तबका हो या फिर किसान या फिर मिडिल क्लास, सबको साधकर सरकार अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश करती दिखी.

लोकसभा में जब वित्त मंत्री पीयूष गोयल बजट पेश कर रहे थे तो उस वक्त सदन के भीतर का माहौल काफी खुशनुमा दिख रहा था. सरकार के मंत्रियों के अलावा बीजेपी और सहयोगी दलों के सांसदों की तरफ से सरकार के हर उस कदम की सराहना की जा रही थी, जिससे वोटों की फसल को और बेहतर तरीके से तैयार किया जा सके.

बजट में इस बात का प्रावधान किया गया है कि 5 लाख तक की सालाना आमदनी पर किसी तरह का कोई टैक्स नहीं लगेगा. उसके बाद 1.50 लाख रुपए तक की आमदनी पर 80C के तहत छूट मिलेगा. 80 D में 50 हजार रुपए की छूट. इसके अलावा NPS करने पर 50 हजार रुपए की छूट मिलेगी. इस तरह कुल मिलाकर 7.50 लाख रुपए की आमदनी पर टैक्स नहीं देना होगा.

मिडिल क्लास के अलावा किसानों को खुश करने के लिए भी सरकार ने बड़ा ऐलान किया है. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के जरिए मोदी सरकार ने उन किसानों को बड़ा तोहफा दिया है, जिनके पास 2 हेक्टेयर या फिर उससे कम जमीन हो. यानी 4.8 एकड़ जोत की भूमि वाले या फिर उससे कम भूमि वाले 12 करोड़ किसानों का इसका सीधा फायदा होगा. 6000 रुपए हर साल सीधे उनके एकाउंट में दिया जाएगा.

सरकार ने इस योजना को पिछले साल 1 दिसंबर से ही लागू करने का फैसला कर लिया है. यानी चुनाव से ठीक पहले किसानों के एकाउंट में दिसंबर से लेकर मार्च तक के चार महीने के हिसाब से दो-दो हजार रुपए पहुंच जाएंगे. यह वो वक्त होगा, जब देश भर में चुनाव का माहौल होगा.

गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की तरफ से बार-बार सरकार से किसानों की कर्जमाफी की मांग की जाती रही है, अब सरकार ने लघु और सीमांत किसानों के खाते में सीधे पैसा ट्रांसफर कर उनको बड़ी राहत देने जा रही है. यह फैसला चुनाव से ठीक पहले गेम चेंजर हो सकता है.

इसके अलावा सरकार की तरफ से गरीब मजदूरों को भी बड़ी राहत दी गई है. सरकार ने दस करोड़ मजदूरों के लिए पेंशन योजना की भी शुरुआत की है, जिसके तहत 60 साल के मजदूरों को कम-से-कम 3000 रुपए पेंशन के तौर पर मिलेगा. सरकार की कोशिश गरीब और मजदूर तबके को चुनाव से पहले खुश करने की है.

सदन में फील गुड का एहसास कराने वाले बजट को देखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी खासे उत्साहित थे. वित्त मंत्री की तरफ से की जा रही हर घोषणा के बाद बीच-बीच में मोदी भी मेज थपथपाकर शाबाशी दे रहे थे.

लेकिन, इन सबके बीच सदन के भीतर विपक्ष अवाक् था. एक के बाद एक की जा रही सभी लोक-लुभावन घोषणाओं के बीच सरकार की कोशिश चुनाव के लिए माहौल बनाने की थी लेकिन, विरोधियों को सरकार की यह पहल नागवार गुजरी.