ब्रेकिंग न्यूज़
BIG NEWS : जम्मू कश्मीर DDC चुनाव में गौतम गंभीर होंगे बीजेपी के अगले स्टार प्रचारक         BIG NEWS : शेहला रशीद का दावा, “मेरे पिता ने नहीं की मेरी परवरिश, वो मेरे बारे में कुछ नहीं जानते”         BIG NEWS : जम्मू कश्मीर में हस्तकला से जुड़े कारीगरों का पंजीकरण करेगी सरकार, हस्तशिल्प को मिलेगा वैश्विक बाजार         BIG NEWS : “जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराने पर निर्वाचन आयोग लेगा फैसला”- राज्य चुनाव आयुक्त केके शर्मा         BIG NEWS : शेहला रशीद मामले में तू तू मैं मैं, शेहला के पिता ने कहा, “अगर मैं हिंसक व्यक्ति हूं, तो मेरे खिलाफ कई FIR दर्ज होनी चाहिए थी”         BIG NEWS : DDC चुनाव में लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए नागरिकों ने किया मतदान, कुल 48.62 फीसदी लोगों ने डाला वोट         BIG NEWS : सुरंग का पता लगाने के लिए पाकिस्तान में 200 मीटर अंदर घुसे भारतीय जवान, नगरोटा हमले में हुआ इस्तेमाल !         BIG NEWS : 25000 करोड़ के रोशनी घोटाले में फारूक अब्दुल्ला के भाई मुस्तफा का नाम भी शामिल, जांच जारी         BIG NEWS : पाकिस्तानी सेना ने पुंछ जिले में फिर की गोलाबारी, एक बीएसएफ अधिकारी शहीद         किसान आंदोलन का मतलब         क्या किसान को समझने में असफल है वर्तमान सरकार          BIG NEWS : माता अन्नपूर्णा एक बार फिर अपने घर लौटकर आ रही हैं...         BIG NEWS : शेहला रशीद पर पिता ने लगाये गंभीर आरोप- कहा- एंटी नेशनल एक्टिविटिज़ में शामिल है शेहला         BIG NEWS : कोरोना काल में भी काशी की ऊर्जा, भक्ति, शक्ति में नहीं आया बदलाव : पीएम मोदी         BIG NEWS : कश्मीर में महबूबा मुफ्ती की सियासी ज़मीं कमजोर, अपनों ने छोड़ा साथ तो फिर अलापा अनुच्छेद 370 का राग         GOOD NEWS : रांची रेलवे स्टेशन पर 6 नाबालिग लड़कियों को कालकोठरी पहुंचने से बचाया         BIG NEWS : नए कृषि सुधारों से किसानों को कानूनी संरक्षण दिया गया, पुराने सिस्टम पर रोक कहां : पीएम मोदी         BIG NEWS : DDC चुनाव के बीच आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई तेज, कुपवाड़ा में हैंड ग्रेनेड और 3.5 लाख रुपये के साथ एक आतंकी सहयोगी गिरफ्तार         BIG NEWS : 30 नवंबर को साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, जानें कब और कहां दिखाई देगा         BIG NEWS : किसान आंदोलन को लेकर हाइप्रोफाइल मीटिंग, नड्डा के घर में शाह, राजनाथ और तोमर ने किया मंथन         BIG NEWS : विपक्षी दलों के दबाव के बाद पीएम इमरान खान ने दी सफाई, कहा- “मुझ पर सेना का कोई दबाव नहीं है”         “ जम्मू कश्मीर में DDC चुनाव को बाधित करने की लगातार कोशिश में हैं आतंकवादी” : सेना प्रमुख एमएम नरवणे         जम्मू में LOC के पास दिखा ड्रोन, BSF ने की कार्रवाई में फायरिंग         BIG NEWS : पीएम नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ में कहा, “नए कृषि कानून से दूर होगी किसानों की परेशानी”         BIG NEWS : सुकमा में IED ब्लॉस्ट असिस्टेंट कमांडेंट नितिन भालेराव शहीद, 10 जवान घायल         BIG NEWS : DDC चुनाव के पहले दिन बड़ी संख्या में नागरिकों ने किया मतदान, कुल 51.76 फीसदी लोगों ने डाला वोट         कोरोना वायरस: टीकाकरण के लिए देश में तैयारी जोरों पर         BIG NEWS : चाईबासा में नक्सलियों से एनकाउंटर के बाद पुलिस ने SLR समेत 169 जिंदा कारतूस किया बरामद         BIG NEWS : गिलगित-बल्तिस्तान की जनता के आगे इमरान सरकार ने टेके घुटने, 9 साल बाद बाबा जान को किया रिहा         BIG NEWS : DDC चुनाव के पहले दिन का मतदान खत्म, 1 बजे तक 40 फीसदी लोगों ने डाला वोट         जम्मू-कश्मीर में जमीनी लोकतंत्र का आगाज, DDC चुनाव में स्थानीय नागरिकों ने बढ़चढ़कर लिया हिस्सा         BIG NEWS : जायडस की वैक्सीन का अपडेट लेने के बाद PM मोदी हैदराबाद के लिए हुए रवाना         BIG NEWS : जम्मू कश्मीर में DDC के 43 सीटों पर वोटिंग, पंच और सरपंच के उपचुनाव के लिए 1179 प्रत्याशी मैदान में         गढ़मुक्तेश्वर में हुआ था महाभारत में मारे गए योद्धाओं का पिंडदान         BIG NEWS : चारा घोटाला के मामले में लालू यादव की सुनवाई 11 दिसंबर तक टली         BIG NEWS : 28 नवंबर को DDC चुनाव के पहले चरण का मतदान, चुनाव के मद्देनजर घाटी में बढ़ाई गई सुरक्षा         BIG NEWS : सुरक्षा के कारण बस पुलवामा जाने से रोका गया, नजरबंद नहीं हैं महबूबा मुफ्ती : पुलिस         BIG NEWS : पाकिस्तान ने LOC पर लगातार दूसरे दिन की गोलाबारी, 2 जवान शहीद         BIG NEWS : बॉम्‍बे हाई कोर्ट कंगना रनौत को दिलाएगा मुआवजा, कहा- BMC ने गलत इरादे' से की एक्ट्रेस के मुंबई ऑफिस में तोड़फोड़         पाकिस्तानी सेना ने पुंछ जिले में की गोलाबारी, एक जवान शहीद         सड़ियल समाज की मरी संतानें         BIG NEWS : किसान आंदोलन के बहाने कांग्रेस का फर्जीवाड़ा, पुरानी तस्वीरें पोस्ट कर माहौल भड़काने की कोशिश         यहां शिवजी देते हैं जीवन का वरदान, मौत भी खाती है इनसे खौफ         BIG NEWS : फोन कंट्रोवर्सी के लपेटे में आए लालू, BJP नेता ने लालू यादव के खिलाफ दायर किया PIL         BIG NEWS : फोन कॉन्ट्रोवर्सी हुई तो 114 दिन से बंगले में रह रहे लालू यादव रिम्स वार्ड में लौटे         एक बड़ी साजिश जो नाकाम हो गई...         BIG NEWS : DDC चुनाव से पहले महबूबा मुफ्ती को बड़ा झटका, PDP के तीन और नेताओं ने एक साथ दिया इस्तीफा         BIG NEWS : पाकिस्तान एक बार फिर हुआ शर्मसार, शाह महमूद कुरैशी की कोशिश के बावजूद OIC में जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर नहीं होगी कोई चर्चा         BIG NEWS : श्रीनगर में सुरक्षाबलों पर आतंकी हमला, दो जवान शहीद         BIG NEWS : चाईबासा के टोंटो जंगल से 5 नर कंकाल          प्रेम में विरक्ति है शिव के भस्म प्रिय होने का कारण, जाने इसके पीछे की कथा         कोरोना पर गाइडलाइन : अब राज्य सरकार को लॉकडाउन लगाने के लिए केंद्र की लेनी होगी मंजूरी          BIG NEWS : लालू का कथित ऑडियो वायरल होते ही बिहार से लेकर रांची तक सियासी हलचल बढ़ी         BIG NEWS : कई दिनों से लापता 3 युवकों की मिली सिर कटी लाश, 6 हिरासत में         BIG NEWS : बिहार में हो हंगामा के बीच NDA के विजय सिन्हा बने स्पीकर         BIG NEWS : NIA ने निलंबित डीएसपी देवेंद्र सिंह केस में पीडीपी नेता वहीद पारा को किया गिरफ्तार         BIG NEWS : गिलगित-बल्तिस्तान चुनाव में इमरान सरकार और सेना पर लगे धांधली के आरोप, उग्र प्रदर्शनकारियों ने की आगजनी         BIG NEWS : कांग्रेस के दिग्गज नेता अहमद पटेल का निधन        

हिन्दी पत्रकारिता के 'पितामह' गणेश शंकर विद्यार्थी

Bhola Tiwari Oct 27, 2020, 2:37 PM IST कॉलमलिस्ट
img


नीरज कृष्ण

पटना  : आज जब चारों ओर पत्रकारिता के मूल्यों के क्षरण की चचाएँ हो रही हैं। पीत-पत्रकारिता, पेड-न्यूज, फेक न्यूज, टीआरपी केन्द्रित पत्रकारिता और टीआरपी बढ़ाने का गोरखधंधा, हर खबर को सनसनी की तरह पेश करना, आम जन के मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए नए मुद्दे खड़े करके पेश करना सहित अनेक प्रकार की समस्याएं मौजूदा पत्रकारिता के सामने मुंह बाए खड़ी हैं। ऐसे में हमें पत्रकारिता की उस शख्सियत की रह-रह कर याद आती है, जिसने देश को साम्प्रदायिकता के मुंह में जाने से रोकने के लिए ना केवल कलम चलाई, बल्कि दंगों के बीच में जाकर दंगे रोकने की कोशिश की और शहादत दे दी। जी हां मैं गणेश शंकर विद्यार्थी की ही बात कर रहा हूँ। विद्यार्थी पत्रकार और संपादक होने के साथ-साथ स्वतंत्रता आंदोलन में आजादी की लड़ाई के सिपाही थे। उन्होंने प्रताप अखबार की शुरूआत की थी, जिसने भगत सिंह जैसे क्रांतिकारियों की प्रतिभा को मंच प्रदान किया। 

गणेश शंकर विद्यार्थी का जन्म 26 अक्तूबर, 1890 को इलाहाबाद में हुआ था। माता का नाम गोमती देवी था। पिता जय नारायण ग्वालियर रियासत में मुंगावली स्थित ऐंग्लो वर्नाक्युलर स्कूल के प्रधानाध्यापक थे। यहीं विद्यार्थी की प्रारंभिक शिक्षा हुई। 1907 में प्राईवेट विद्यार्थी के रूप में कानपुर से एंट्रेस पास करके इलाहाबाद के एक कॉलेज में दाखिला लिया। प्रताप निर्भीक व निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए जाना जाने लगा। इसने आजादी की लड़ाई में अहम भूमिका निभाई। 

इलाहाबाद प्रवास के दौरान विद्यार्थी जी की मुलाकात ‘कर्मयोगी‘ साप्ताहिक के सम्पादक सुन्दर लाल से हुई एवं इसी दौरान वे उर्दू पत्र ‘स्वराज्य‘ के संपर्क में भी आये। गौरतलब है कि अपनी क्रान्तिधर्मिता के चलते ‘स्वराज्य‘ पत्र के आठ सम्पादकों को सजा दी गई थी, जिनमें से तीन को कालापानी की सजा मुकर्रर हुई थी। सुन्दरलाल उस दौर के प्रतिष्ठित संपादकों में से थे। लोकमान्य तिलक को इलाहाबाद बुलाने के जुर्म में उन्हें कालेज से निष्कासित कर दिया गया था एवं इसी कारण उनकी पढ़ाई भी भंग हो गई थी। सुन्दरलाल के संपर्क में आकर विद्यार्थी जी ने ‘स्वराज्य‘ एवं ‘कर्मयोगी‘ के लिए लिखना आरम्भ किया। यहीं से पत्रकारिता एव क्रान्तिकारी आन्दोलन के प्रति उनकी आस्था भी बढ़ती गई। इलाहाबाद से गणेश शंकर ‘विद्यार्थी’ कानपुर आये एवं इसे अपनी कर्मस्थली बनाया। कानपुर में विद्यार्थी जी ने 1913 से साप्ताहिक ‘प्रताप’ के माध्यम से न केवल क्रान्ति का नया प्राण फूँका बल्कि इसे एक ऐसा समाचार पत्र बना दिया जो सारी हिन्दी पत्रकारिता की आस्था और शक्ति का प्रतीक बन गया।

प्रताप प्रेस में कम्पोजिंग के अक्षरों के खाने में नीचे बारूद रखा जाता था एवं उसके ऊपर टाइप के अक्षर, ब्लाक बनाने के स्थान पर नाना प्रकार के बम बनाने का सामान भी रहता था, पर तलाशी में कभी भी पुलिस को ये चीजें हाथ नहीं लगीं। विद्यार्थी जी को 1921 से 1931 तक पाँच बार जेल जाना पड़ा और यह प्राय: ‘प्रताप‘ में प्रकाशित किसी समाचार के कारण ही होता था। विद्यार्थी जी ने सदैव निर्भीक एवं निष्पक्ष पत्रकारिता की। उनके पास पैसा और समुचित संसाधन नहीं थे, पर एक ऐसी असीम ऊर्जा थी, जिसका संचरण स्वतंत्रता प्राप्ति के निमित्त होता था। ‘प्रताप‘ प्रेस के निकट तहखाने में ही एक पुस्तकालय भी बनाया गया, जिसमें सभी जब्तशुदा क्रान्तिकारी साहित्य एवं पत्र-पत्रिकाएं उपलब्ध थी।

विद्यार्थी जी एक पत्रकार के साथ-साथ क्रान्तिधर्मी भी थे। वे पहले ऐसे राष्ट्रीय नेता थे जिन्होंने काकोरी षडयंत्र केस के अभियुक्तों के मुकदमे की पैरवी करवायी और जेल में क्रान्तिकारियों का अनशन तुड़वाया। कानपुर को क्रान्तिकारी गतिविधियों का केन्द्र बनाने में विद्यार्थी जी का बहुत बड़ा योगदान रहा है। सरदार भगत सिंह, चन्द्रशेखर आजाद, विजय कुमार सिन्हा, राजकुमार सिन्हा जैसे तमाम क्रान्तिकारी विद्यार्थी जी से प्रेरणा पाते रहे। वस्तुत: प्रताप प्रेस की बनावट ही कुछ ऐसी थी कि जिसमें छिपकर रहा जा सकता था तथा फिर सघन बस्ती में तलाशी होने पर एक मकान से दूसरे मकान की छत पर आसानी से जाया जा सकता था।

सर्वप्रथम दरियागंज, दिल्ली में हुये दंगे का समाचार एकत्र करने के लिए भगत सिंह ने दिल्ली की यात्रा की और लौटकर ‘प्रताप’ के लिए सचिन दा के सहयोग से दो कालम का समाचार तैयार किया। चन्द्रशेखर आजाद से भगत सिंह की मुलाकात विद्यार्थी जी ने ही कानपुर में करायी थी, फिर तो शिव वर्मा सहित तमाम क्रान्तिकारी जुड़ते गये। यह विद्यार्थी जी ही थे कि जेल में भेंट करके क्रान्तिकारी राम प्रसाद बिस्मिल की आत्मकथा छिपाकर लाये तथा उसे ‘प्रताप‘ प्रेस के माध्यम से प्रकाशित करवाया। प्रताप क्रांतिकारियों की अभिव्यक्ति का महत्वपूर्ण मंच था। यहां पर बहुत से क्रांतिकारियों ने शरण भी हासिल की। 

उन्होंने धार्मिक कट्टरता, अंधराष्ट्रवाद और धर्म-जाति के आधार पर लोगों को आपस में बांटने की तीखी आलोचना की। भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव की शहादत के तीसरे ही दिन कानपुर के हिन्दू मुस्लिम दंगे में नि:सहायों को बचाते हुए 25 मार्च, 1931 को वे शहीद हो गए जब कुछ हिन्दुओं को बचाने के प्रयास में विशेष समुदाय के धर्मोन्मादी मलेच्छ गुंडे जंगली भेडियो की तरह उन पर टूट पडे और विद्यार्थी जी को धरती की गोद मे सुला दिया। तीन दिन बाद उनकी लाश सड़क पर पड़ी मिली जो इतनी फूल गयी थी कि पहचान में भी नहीं आ रही थी। गणेश शंकर विद्यार्थी ने कलम और कर्तव्य के लिए शहादत की मिसाल कायम की।

आज के कलमकारों के लिए विद्यार्थी जी ही आदर्श होने चाहिए। ऐसे लोग नहीं जो अपने जरा से स्वार्थ के लिए कलम को गिरवी रख देते हों। आज के अंधराष्ट्रवाद, धर्माधता और साम्प्रदायिकता के दौर में गणेश शंकर विद्यार्थी, उनकी लेखनी व कार्य और ज्यादा प्रासंगिक हें।

Similar Post You May Like

Recent Post

Popular Links