ब्रेकिंग न्यूज़
अपराधी मारा गया... अपराध जीवित रहा !          BIG NEWS : भारत चीन के बीच बातचीत, सकारात्मक सहमति के कदम आगे बढ़े         BIG NEWS : बारामूला के नौगाम सेक्टर में LOC के पास मुठभेड़, दो आतंकी ढेर         BIG STORY : समरथ को नहिं दोष गोसाईं         शर्मनाक : बाबू दो रुपए दे दो, सुबह से भूखी हूं.. कुछ खा लुंगी         BIG NEWS : वर्चुअल काउंटर टेररिज्म वीक में बोले सिंघवी, कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, था और रहेगा         BIG NEWS : कानपुर से 17 किमी दूर भौती में मारा गया गैंगेस्टर विकास, एसटीएफ के 4 जवान भी घायल         BIG NEWS : झारखंड के स्कूलों पर 31 जुलाई तक टोटल लॉकडाउन         BIG NEWS : चीन के खिलाफ “बायकॉट चाइना” मूवमेंट          पाकिस्तानी सेना ने नौशेरा सेक्टर में की गोलाबारी, 1 जवान शहीद         मुसीबत देश के आम लोगों की है जो बहुत....         BIG NEWS : एनकाउंटर में मारा गया गैंगस्टर विकास दुबे         बस नाम रहेगा अल्लाह का...         BIG NEWS : सेना के काफिले पर आतंकी हमला, जवान समेत एक महिला घायल         BIG NEWS : लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने की थी बीजेपी नेता वसीम बारी की हत्या         दुबे के बाद क्या ?         मै हूं कानपुर का विकास...         BIG NEWS : रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने 6 पुलों का किया ई उद्घाटन, कहा-सेना को आवाजाही में मिलेगी सुविधा         BIG NEWS : कुख्यात अपराधी विकास दुबे उज्जैन के महाकाल मंदिर से गिरफ्तार         BIG MEWS : चुटुपालु घाटी में आर्मी का गाड़ी खाई में गिरा, एक जवान की मौत, दो घायल         BIG NEWS : सेना ने फेसबुक, इंस्टाग्राम समेत 89 एप्स पर लगाया बैन         BIG NEWS : बांदीपोरा में आतंकियों ने बीजेपी नेता वसीम बारी की हत्या, हमले में पिता-भाई की भी मौत         नहीं रहे शोले के ''सूरमा भोपाली'', 81 की उम्र में अभिनेता जगदीप का निधन         गृह मंत्रालय ने IPS अधिकारी बसंत रथ को किया निलंबित, दुर्व्यवहार का आरोप         BIG NEWS : कुलभूषण जाधव ने रिव्यू पिटीशन दाखिल करने से किया इनकार, पाकिस्तान ने दिया काउंसलर एक्सेस का प्रस्ताव         पुलिस पूछ रही है- कहां है दुबे         झारखंड मैट्रिक रिजल्ट : स्टेट टॉपर बने मनीष कुमार         झारखंड बोर्ड परीक्षा रिजल्ट : कोडरमा अव्वल और पाकुड़ फिसड्डी         BIG NEWS :  मैट्रिक का रिजल्ट जारी, 75 परसेंट पास हुए छात्र         पाकिस्तान की करतूत, बालाकोट सेक्टर के रिहायशी इलाकों में की गोलाबारी, एक महिला की मौत          BIG NEWS : होम क्वारंटाइन हो गए हैं सीएम हेमंत सोरेन, आज हो सकता है कोरोना टेस्ट !         BIG NEWS : मंत्री मिथिलेश, विधायक मथुरा समेत 165 नए कोरोना पॉजिटिव         BIG NEWS : उड़ी सेक्टर में भारी मात्रा में हथियार व गोला-बारूद बरामद         BIG NEWS : लद्दाख में एलएसी पर सेना पूरी तरह से मुस्तैद         CBSE: नौवीं से बारहवीं कक्षा तक के छात्रों के सिलेबस में होगी 30 फीसदी कटौती         BIG NEWS : पुलवामा आतंकी हमले में शामिल एक और OGW को NIA ने किया गिरफ्तार         BIG NEWS : कल घोषित होगा मैट्रिक का रिजल्ट         BIG NEWS : POK में चीन और पाकिस्तान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन         बारामूला में हिजबुल मुजाहिदीन का एक OGW गिरफ्तार, हैंड ग्रेनेड बरामद         अंदरखाने खोखला, बाहर-बाहर हरा-भरा...!        

मैं जलूंगा तो मेरे घर में उजाले होंगे

Bhola Tiwari May 24, 2019, 9:03 AM IST टॉप न्यूज़
img

एस डी ओझा

भारत किसी जमाने में सोने की चिड़िया कहलाता था । अरबी लोग यहां से मसाले का व्यापार करते थे । वे भारत से औने पौने दाम में मसाले खरीद उसे यूरोप को बहुत ऊंची कीमत पर बेचते थे । अरबी लोगों की पौ बारह थी । नुकसान भारत का और यूरोप का होता था । यूरोपीय लोगों ने जब लैण्ड रूट से भारत आना चाहा तो अरबी लोगों ने अपनी जमीन से होकर उन्हें आने न दिया । आने कैसे देते ? अरबी लोगों को नुकसान उठाना पड़ता । दूसरी बात कि मसालों के दर को लेकर अरबी लोगों की कलई भी खुल जाती । अंततोगत्वा यूरोपीय लोगों ने भारत आने के लिए समुद्री मार्ग खोजना शुरू किया । समुद्री मार्ग खोजना आसान नहीं था । यह सिर हथेली पर लेकर चलने का सौदा था ।

सबसे पहले स्पेन का नाविक कोलम्बस भारत की खोज में निकला । उसकी खोज भटक गई । वह खोजते खोजते अमेरिका पहुंच गया । वह अमेरिका को हीं भारत समझ बैठा ।

वहां के आदिवासियों से वह मिला । उनका रंग लाल था । इसलिए उसने उनका नाम रेड इंडियन रखा । अब तक कोलम्बस को पता चल चुका था कि वह भारत नहीं , किसी और द्वीप पर पहुंच गया है । इस द्वीप का नाम अमेरिका रखा गया । अमेरिका के खोजकर्ता के रुप में कोलम्बस का नाम अमर हो गया । भारत की खोज न कर पाने का मलाल उसे हमेशा रहा ।

कोलम्बस के पांच साल बाद पुर्तगाल का वास्को डि गामा भारत की खोज पर निकला । 08 जुलाई 1497 का दिन था वह । 170 नाविक व चार जहाजों के साथ वास्को डि गामा अपने गंतव्य के लिए रवाना हुआ । तीन महीने के सफर के बाद उसे दक्षिण अफ्रीका का किनारा मिला । यहां उसे कुछ भारतीय मिले , जिनसे उसे भारत के बारे में जानकारी मिली । यहां वह आठ दिन रुका । एक जहाज की गड़बड़ी ठीक करी । पीने का पानी और खाद्य सामग्री जहाजों में भरा । फिर वह अगले पड़ाव के लिए चल पड़ा । केप आॅफ गुड होप पहुंचने में चार दिन और लगे । वहां से वह मोसेल पहुंचा । उसे मोजाम्बिक में बाध्यता मूलक रुकना पड़ा । खाना खत्म हो गया था । कुछ नाविक बीमार भी पड़ गए थे । मोजाम्बिक के राजा को वास्को डि गामा ने मंहगे मंहगे उपहार दिए । इस बात से गदगद मोजाम्बिक के राजा ने वास्को डि गामा को हर सम्भव मदद की । उसके जहाज में खाने पीने की आइटमों की भरमार कर दी । पूरे रास्ते में वह स्थानीय लोगों व जल दस्युओं से भिड़ता आया था । वह अपनी बंदूकों के बल पर हीं अब तक बचता आया था ।

वास्को डि गामा अपने साथ तीन दुभाषिया लाया था । दो तो फर्राटेदार अरबी बोलते थे । एक कई भाषाओं का जानकार था । 20 मई 1498 को वह भारत के कालीकट बंदरगाह पर पहुंचा । यहां वास्को डि गामा की मुलाकात जमोरियन से हुई ।

जमोरियन ने उससे व्यापार करने के एवज में चांदी सोने की मांग की । भारत पहुंचते पहुंचते वास्को डि गामा कंगाल हो गया था । उसके पास जमोरियन को देने के लिए कुछ भी नहीं था । अंततः वास्को डिगामा ने जमोरियन की हत्या करवा दी । और खुद कालीकट बंदरगाह का मालिक बन बैठा । वह व्यापारियों से राजस्व वसूलना शुरू कर दिया । जो व्यापारी राजस्व नहीं देता , उसका जहाज वास्को डि गामा जल दस्युओं से डुबवा देता । तीन महीने के बाद वास्को डि गामा

सात जहाजों में सोने की अशर्फियां भर कर पुर्तगाल लौट गया । पुर्तगाल के राजा ने एक सेना नायक की तरह उसकी आवभगत की । 

एक साल बाद वास्को डि गामा फिर कालीकट पहुंचा । वास्को डि गामा की वजह से अरब लोगों का कारोबार चौपट हो गया ।

कालीकट बंदरगाह से उसने खूब राजस्व वसूल किए । पुर्तगाल

का खजाना भरता गया । वास्को डि गामा पुर्तगाल का हीरो बनकर उभरा । 1503 में वह पुर्तगाल लौट गया । फिर बीस साल बाद वह पुनः कालीकट लौटा । अब तक कालीकट पुर्तगाल का एक उपनिवेश बन चुका था । अपने कर्म भूमि में आकर वास्को डि गामा बहुत खुश था । किंतु वह फिर अपनी जन्म भूमि पुर्तगाल नहीं लौट सका । 24 दिसम्बर 1524 को उसकी मौत कोचीन में हो गयी । वास्को डि गामा ने अनेकों कष्ट झेले थे अपने देश पुर्तगाल को सम्पन्न बनाने के लिए । 

मैं कड़ी धूप में चलता हूं ,

इस यकीं के साथ ,

मैं जलूंगा तो मेरे घर में उजाले होंगे ।

Similar Post You May Like

Recent Post

Popular Links