ब्रेकिंग न्यूज़
BIG NEWS : बिहार विधानसभा चुनाव में ऑनलाइन नॉमिनेशन, ग्लव्स पहनकर वोटिंग...         BIG NEWS : बिहार में 3 फेज में चुनाव का ऐलान,10 नवंबर को नतीजे         BIG NEWS : शिबू सोरेन और उनकी पत्नी को हराया अब उनके बेटे को हराने की इच्छा नहीं : बाबूलाल मरांडी         BIG NEWS : लद्दाख में टेंशन बनाए रखना एक बहाना, मकसद सीपेक बचाने के लिए गिलगित-बल्तिस्तान को पाकिस्तान का 5वां सूबा बनाना         BIG STORY : कपल चैलेंज का "खेला" करने वालों के लिए  ख़ास !         BIG NEWS : टीवी डिबेट्स के चर्चित चेहरे और जम्मू-कश्मीर के एडवोकेट बाबर कादरी की श्रीनगर में आतंकियों ने की गोली मारकर हत्या         यहां मंदिर से आती है देवी प्रतिमाओं के बात करने की आवाज         यहां देवताओं के राजा इंद्र के एरावत ने भगवान शिव की की थी पूजा         अभी तो सिर्फ मछलियां फँसी है, मगरमच्छों का क्या?         बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीएमसी को लगाई लताड़         पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर डीन जोंस की हार्ट अटैक से मुंबई में मौत         SAARC मीटिंग में विदेश मंत्री ने कहा- सीमा पार आतंकवाद प्रमुख वैश्विक चुनौती         'नाइट टेस्ट' में भी पास हुई स्वदेशी पृथ्वी-2 मिसाइल, ओडिशा में हुआ परीक्षण, 300 किमी की दूरी तक मार करने में सक्षम         BIG NEWS : पुलवामा में सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को किया ढेर, बडगाम में एक जवान शहीद         BIG NEWS : बडगाम में बीजेपी नेता की गोली मारकर हत्या         BIG NEWS : DRDO ने किया लेजर गाइडेड एंटी टैंक मिसाइल का सफल परीक्षण         BIG NEWS : लॉकडाउन में चर्चित ज्योति पासवान पर बनने वाली फिल्म खटाई में, फिल्म निर्माता पर केस         मशहूर ब्रिटिश कंपनी बेब्ले एंड स्काउट उत्तर प्रदेश में बनाएगी हथियार          BIG NEWS : भारत अमेरिका से खरीदेगा 30 रीपर ड्रोन          शिवलिंग के अंकुर से निकलती हैं अन्‍य देवी-देवताओं की आकृतियां, जिनका रहस्य वैज्ञानिक भी नहीं खोज पाए         गढ़मुक्तेश्वर में हुआ था महाभारत में मारे गए योद्धाओं का पिंडदान         पाकिस्तान ने पुंछ जिले के तीन सेक्टरों में दागे गोले, भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई         BIG NEWS : भारत ने स्वदेशी हाई-स्पीड अभ्यास ड्रोन का सफल परीक्षण किया         BIG NEWS : चीन ने भारत से सटी सीमा के नजदीक 13 नए सैन्य ठिकाने बनाए          पूरब का सोमनाथ है ये मंदिर, एक ही पत्थर से बना है विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग         BIG NEWS : राशन दुकानदार को अपराधियों ने मारी गोली, हालत गंभीर रिम्स रेफर         BIG NEWS : भारत-चीन के बीच 13 घंटे तक चली कोर कमांडर स्तर की वार्ता, तनाव कम करने को लेकर हुई बातचीत         BIG NEWS : पाकिस्तान ने अखनूर सेक्टर में ड्रोन से भेजे हथियार, सुरक्षाबलों ने किया जब्त         देवेंद्र सिंह केस में टेरर फंडिंग जांच : NIA की टीम ने बारामूला में कई जगहों पर की छापेमारी         BIG NEWS : बडगाम एनकाउंटर में 1 आतंकी ढेर, ऑपरेशन जारी         रोजाना कुछ देर के लिए गायब हो जाता है यह शिव मंदिर         झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला : 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण देने पर झारखंड की नियोजन नीति रद्द         अमशीपोरा एनकाउंटर:आफस्पा कानून का खूलेआम दुरूपयोग         BIG NEWS : कृषि बिल पर इतना हंगामा क्यों बरपा !         BIG NEWS : भिवंडी में तीन मंजिला इमारत ढहने से 10 लोगों की मौत          BIG NEWS : लद्दाख में 20 से ज्यादा चोटियों पर भारत की पकड़ मजबूत          मां लक्ष्मी का ऐसा मंदिर, जहां एक सिक्के से होती है हर इच्छा पूरी         इस शिवलिंग में हैं एक लाख छिद्र, यहां छुपा है पाताल का रास्ता         विपक्ष करता रहा हंगामा और मोदी सरकार ने राज्यसभा में भी पास कराए कृषि बिल, किसानों को कहीं भी फसल बेचने की आजादी         पायल घोष ने अनुराग कश्यप पर लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप         BIG NEWS : एक पत्रकार, चीनी महिला और नेपाली नागरिक गिरफ्तार, चीन को खुफिया जानकारी देने का आरोप         जम्मू कश्मीर में बड़े आर्थिक पैकेज की घोषणा : बिजली-पानी के बिलों पर एक साल तक 50 प्रतिशत की छूट का ऐलान         ऐसा मंदिर जहां चूहों को भोग लगाने से प्रसन्न होती है माता         यहां भोलेनाथ ने पांडवों को दिए शिवलिंग के रूप में दर्शन !        

हर साल बढ़ जाती है इस शिवलिंग की लंबाई, कहते हैं इसके नीचे छिपी है मणि

Bhola Tiwari Sep 16, 2020, 5:40 AM IST टॉप न्यूज़
img

नई दिल्ली : वैसे तो अपने देश में सैकड़ों शिवलिंग मौजूद हैं लेकिन मध्य प्रदेश के खजुराहों में स्थित शिवलिंग की महिमा जब आप जानेगें तो आप आश्चर्य में पड़ जायेंगे। जी हाँ, हम बात कर रहे हैं खजुराहो के सुप्रसिद्ध मतंगेश्वर महादेव मंदिर की, जो पूरे मध्य प्रदेश में आस्था का मुख्य केंद्र है। 

इस ख़ास शिव मंदिर से लोगों की आस्था तो जुड़ी है ही लेकिन इस मंदिर से जुड़ा एक चमत्कार इसे बेहद खास बना देता है। ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर के शिवलिंग की लम्बाई हर साल बढ़ जाती है। 


मध्य प्रदेश के खजुराहो में बने मंदिर अपनी वास्तुकला और काम कला पर आधारित मूर्तियों के लिए मशहूर है। खजुराहो सिर्फ मंदिरों के लिए ही नहीं बल्कि अनेक मिथकों और कहानियों के लिए जाना जाता है।

मान्यता है कि खजुराहो में मंदिर केवल आराधना के उद्देश्य से ही नहीं बनवाए गए थे। बल्कि इनका उद्देश्य आम लोगों को यौन शिक्षण देने के साथ साथ तांत्रिक पूजा संपन्न कराना था। लेकिन यहां का मतंगेश्वर मंदिर आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है।

यहीं पर हुआ था शिव पार्वती का विवाह

भगवान शिव को समर्पित मतंगेश्‍वर मंदिर में सैकड़ों वर्षों से महादेव की आराधना की होती आ रही ह। इस मंदिर से चमत्कार और मान्यताएं जुड़ी हुई हैं जिसकी वजह से श्रद्धालु यहां भगवान शिव का आशीर्वाद लेने दूर दूर से आते हैं। यहां के लोगों की मान्यता है कि खजुराहो ही वे स्थान है, जहां भगवान शिव का विवाह देवी पार्वती के साथ हुआ था।

एक प्रचलित कथा के अनुसार मंदिर में स्थापित शिवलिंग के नीचे एक मणि है जो भक्तों की हर मनोकामना को पूरी करती है। पुराण कथाओं के मुताबिक भगवान शिव के पास मरकत मणि थी, जिसे उन्होंने पांडवों में सबसे ज्येष्ठ युधिष्ठिर को दिया था। युधिष्ठिर ने मणि मतंग ऋषि को दी थी जिसके बाद यह मणि उन्होंने राजा हर्षवर्मन को दे दी। मतंग ऋषि की मणि की वजह से ही इनका नाम मतंगेश्वर महादेव पड़ा। ऐसा कहा जाता है कि मतंग ऋषि ने मतंगेश्वर महादेव के 18 फीट के शिवलिंग के नीचे मणि सुरक्षा की दृष्टि से गाड़ दी थी। यह इस मणि और महादेव का ही प्रताप है कि यहां मांगी हुई हर मुराद पूरी हो जाती है।

हर साल बढ़ जाता है शिवलिंग

मंदिर का सबसे बड़ा आकर्षण है यहां का ढाई मीटर ऊंचा शिवलिंग। मतंगेश्‍वर शिव मंदिर में बने शिवलिंग के बारे में माना जाता है कि हर साल तिल के बराबर इसकी ऊंचाई बढ़ जाती है। मतंगेश्वर मंदिर खजुराहो के सभी मंदिरों में सबसे पवित्र माना जाता है। इस मंदिर के स्तंभ और दीवारों पर यहां के बाकी मंदिरों की तरह कामुक मूर्तियां आदि नहीं उकेरी गई हैं।

इस शिवलिंग को मृत्युंजय महादेव के नाम से भी लोग जानते हैं। कहा जाता है कि ये शिवलिंग जितना जमीन से ऊपर दिखाई देता है, उससे ज्यादा जमीन में दबा है।


चंदेल वंश के राजाओं ने बनवाया था मंदिर

इस मंदिर का निर्माण चंदेल राजाओं द्वारा 9वीं सदी में करवाया गया था। खजुराहो का इतिहास लगभग एक हजार साल पुराना है। यह शहर चंदेल साम्राज्‍य की प्रथम राजधानी था। चंदेल वंश और खजुराहो के संस्थापक चन्द्रवर्मन थे। चंद्रवर्मन मध्यकाल में बुंदेलखंड में शासन करने वाले राजपूत राजा थे। वे अपने आप को चन्द्रवंशी मानते थे।

Similar Post You May Like

Recent Post

Popular Links