ब्रेकिंग न्यूज़
BIG NEWS : बडगाम में बीजेपी नेता की गोली मारकर हत्या         BIG NEWS : DRDO ने किया लेजर गाइडेड एंटी टैंक मिसाइल का सफल परीक्षण         BIG NEWS : लॉकडाउन में चर्चित ज्योति पासवान पर बनने वाली फिल्म खटाई में, फिल्म निर्माता पर केस         मशहूर ब्रिटिश कंपनी बेब्ले एंड स्काउट उत्तर प्रदेश में बनाएगी हथियार          BIG NEWS : भारत अमेरिका से खरीदेगा 30 रीपर ड्रोन          शिवलिंग के अंकुर से निकलती हैं अन्‍य देवी-देवताओं की आकृतियां, जिनका रहस्य वैज्ञानिक भी नहीं खोज पाए         गढ़मुक्तेश्वर में हुआ था महाभारत में मारे गए योद्धाओं का पिंडदान         पाकिस्तान ने पुंछ जिले के तीन सेक्टरों में दागे गोले, भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई         BIG NEWS : भारत ने स्वदेशी हाई-स्पीड अभ्यास ड्रोन का सफल परीक्षण किया         BIG NEWS : चीन ने भारत से सटी सीमा के नजदीक 13 नए सैन्य ठिकाने बनाए          पूरब का सोमनाथ है ये मंदिर, एक ही पत्थर से बना है विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग         BIG NEWS : राशन दुकानदार को अपराधियों ने मारी गोली, हालत गंभीर रिम्स रेफर         BIG NEWS : भारत-चीन के बीच 13 घंटे तक चली कोर कमांडर स्तर की वार्ता, तनाव कम करने को लेकर हुई बातचीत         BIG NEWS : पाकिस्तान ने अखनूर सेक्टर में ड्रोन से भेजे हथियार, सुरक्षाबलों ने किया जब्त         देवेंद्र सिंह केस में टेरर फंडिंग जांच : NIA की टीम ने बारामूला में कई जगहों पर की छापेमारी         BIG NEWS : बडगाम एनकाउंटर में 1 आतंकी ढेर, ऑपरेशन जारी         रोजाना कुछ देर के लिए गायब हो जाता है यह शिव मंदिर         झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला : 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण देने पर झारखंड की नियोजन नीति रद्द         अमशीपोरा एनकाउंटर:आफस्पा कानून का खूलेआम दुरूपयोग         BIG NEWS : कृषि बिल पर इतना हंगामा क्यों बरपा !         BIG NEWS : भिवंडी में तीन मंजिला इमारत ढहने से 10 लोगों की मौत          BIG NEWS : लद्दाख में 20 से ज्यादा चोटियों पर भारत की पकड़ मजबूत          मां लक्ष्मी का ऐसा मंदिर, जहां एक सिक्के से होती है हर इच्छा पूरी         इस शिवलिंग में हैं एक लाख छिद्र, यहां छुपा है पाताल का रास्ता         विपक्ष करता रहा हंगामा और मोदी सरकार ने राज्यसभा में भी पास कराए कृषि बिल, किसानों को कहीं भी फसल बेचने की आजादी         पायल घोष ने अनुराग कश्यप पर लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप         BIG NEWS : एक पत्रकार, चीनी महिला और नेपाली नागरिक गिरफ्तार, चीन को खुफिया जानकारी देने का आरोप         जम्मू कश्मीर में बड़े आर्थिक पैकेज की घोषणा : बिजली-पानी के बिलों पर एक साल तक 50 प्रतिशत की छूट का ऐलान         ऐसा मंदिर जहां चूहों को भोग लगाने से प्रसन्न होती है माता         यहां भोलेनाथ ने पांडवों को दिए शिवलिंग के रूप में दर्शन !         BIG NEWS : राजौरी में लश्कर-ए-तैयबा के 3 आतंकी गिरफ्तार, 1 लाख रुपये समेत AK-56 राइफल बरामद         BIG NEWS : आतंकी संगठन अल-कायदा मॉड्यूल का  भंडाफोड़, 9 आतंकी गिरफ्तार         BIG NEWS : पश्चिम बंगाल और केरल में एनआईए की छापेमारी, अल-कायदा के नौ आतंकी गिरफ्तार         BIG NEWS : दिशा सालियान के साथ चार लोगों ने कियारेप !         अनिल धस्माना को NTRO का बनाया गया अध्यक्ष         जहां शिवलिंग पर हर बारह साल में गिरती है बिजली         BIG NEWS : पाकिस्तान की नई चाल, गिलगित-बल्तिस्तान को प्रांत का दर्जा देकर चुनाव कराने की तैयारी         BIG NEWS : सहायक पुलिस कर्मियों पर लाठीचार्ज, कई घायल, आंसू गैस के गोले छोड़े        

कब तक ?

Bhola Tiwari Aug 10, 2020, 8:48 AM IST कॉलमलिस्ट
img


प्रशान्त करण

रांची  :  कब तक - यह अधीरता का प्रतीक है।हम जब अधीर हो जाते हैं तो यह सुलभ प्रश्न सहजता से कर बैठते हैं।जिससे यह प्रश्न करते हैं उससे यह अपेक्षा भी करते हैं कि वह मुझे इसका उत्तर ऐसा दे ताकि और अधिक प्रतीक्षा करनी न पड़े।पर कला यह कि आप इस प्रश्न के उत्तर में प्रसन्न तो हो जाएं परन्तु आपका प्रश्न जहाँ के तहाँ रह जाएं।इस कला का उत्तरोत्तर विकास हमारी शासन प्रणाली में बहुत अच्छे से हुआ है।अभ्यास और प्रयास से इसमें लोग सिद्धहस्त होते चले गए।जितना सफल अधिकारी उतना की इस कला का माहिर!

      कब तक ? प्रश्न पूछने वाली जनता या लोगों से सरकार के पूरे तंत्र अप्रसन्न हो जाते हैं।और धैर्य धारण करने के अभ्यास के बारे में अच्छा खासा प्रवचन देने लगते हैं।वे अक्सरहाँ यह कहते हैं कि सरकार का शासनतंत्र बड़ा है।जितना बड़ा स्वरूप है उतने बड़े अनेक नियम/उप नियम/अधिनियम आदि हैं।इसलिए समय तो लगेगा ही।जब न्यायालयों में मामले के निस्तारण में कई दशक लगते हैं और लोग धैर्य धारण कर प्रतीक्षा करते रहते हैं तो आपसे सरकारी कामों में अधीर होने को कौन उकसा रहा है?इस प्रश्न के सुनते ही सरकार की ताकत देखकर बड़े-बड़ों को साँप सूंघ जाता है।फिर हम साधारण जनता किस खेत की मूली हैं?

     एक बार तीन टर्म रहे एक मंत्री जी ने अपने ही चुनाव क्षेत्र में एक नदी पर बन रहे दशकों से चिर प्रतीक्षित पुल का शिलान्यास चुनाव घोषित होने के ठीक पूर्व बड़े लाव-लश्कर के साथ आकर उतने ही तामझाम से किया।उनके अभिभाषण से पूर्व जनता और प्रेस ने साफ साफ पूछा कि पुल बन तो जाएगा न?वे अतिशय उत्साह में कह गए- अगर पुल न बने तो मेरे नाम पर कुत्ता पोस लेना,मैं इस पूरे क्षेत्र में दुबारा मुँह दिखाने तक नहीं आऊंगा आदि आदि।फिर कब तक बनेगा पूछने पर उन्होंने अपने अभिभाषण में खुलासा किया कि यह नियत समय से पहले ही बनेगा।इसका ठिका हमारे साले मुन्नू बाबू को इसी लिए दिलवाया गया है कि वे मेरा मान रखने के लिए इसे जल्दी बनवा देंगे।लोग प्रसन्न हो गए,मंत्री जी का जयघोष हुआ।कालांतर में इसी पुल की बात से वे अगले चुनाव में विजयी होकर फिर से पुल वाले विभाग के मंत्री हो गए।अगले तीन वर्षों तक पुल का काम भी शुरू नहीं हुआ जो जनता अधीर हो गयी।लोग जाकर इसी पुल के बारे में पूछते- कब तक? मंत्री जी उनकी खूब ज्यादा ही आवाभगत कर मुस्कुराते हुए कहते- बस जल्दी ही।पर फिर अगले चुनाव तक पुल बनना शुरू ही नहीं हुआ।इस चुनाव में पूरे क्षेत्र की जनता इस बात से घोर नाराज़ हो गयी।मंत्री जी को यह जानकारी हुई।उन्होंने आनन-फानन में पुल का काम शुरू करा दिया ताकि चुनाव जीत सकें।चुनाव हुए और वे फिर जीत गए,पर पुल का काम जैसे धीमी गति से चुनाव के पहले शुरू हुआ था उसी गति से चुनाव के बाद इस कारण बन्द हो गया क्योंकि मुन्नू बाबू ने अपने स्थानीय मजदूरों की मजदूरी, सीमेंट, छड़, बालू-गिट्टी सबका भुगतान आपूर्तिकर्ताओं को किया ही नहीं और किसी की हिम्मत नहीं कि मांगे।विरोधी पक्ष ने इसे मुद्दा बनाकर खूब हंगामा किया और पूछा- कब तक?सरकार का उत्तर आया- जल्द बनेगा।जनता धैर्य रखें।जनता ने धैर्य रख लिया।पाँच वर्षों के बाद फिर से चुनाव के एक साल पहले मंत्री जी को याद दिलाया गया कि पुल तो बना नहीं।इस बार वे हार जाएंगे।मंत्री जी के हाथ-पाँव फूलने लगे ।उन्होंने मजदूरों और आपूर्तिकर्ताओं का बकाया भुगतान मुन्नू बाबू से बड़ी मुश्किल से कराया।अब पुल का काम तेजी से हुआ और चुनाव आते-आते पुल आखिरकार दस वर्षों के बाद बनकर उद्घाटन के लिए तैयार हुआ।उद्घाटन हुआ,उसी तरह जैसे हुआ था शिलान्यास।पर मंत्री जी की किस्मत देखिए कि अगले सप्ताह की वर्षा में वह पुल धराशायी हो गया।जनता ने फिर पूछा-कब तक?

   मंत्री जी चुनाव हार गए।उनकी पार्टी ही पूरे प्रदेश में चुनाव हार गई।विपक्षी पार्टी की सरकार ने इस पर जाँच बैठा दी और ऐलान किया कि दोषियों को जेल भेजेंगे।जनता ने फिर पूछा-कब तक?सरकार ने फिर वही जबाब दिया-व्यवस्था में समय लगता है।धैर्य रखें।

       पिछले कई वर्षों से यह पुल अभी तक नहीं बना और जाँच रिपोर्ट नहीं आयी।पर नादान जनता हर किसी सरकारी अधिकारी के गाँव आने से आज भी यह पूछती है- कब तक?

Similar Post You May Like

Recent Post

Popular Links