ब्रेकिंग न्यूज़
BIG BREAKING : रांची में सरेराह मार्बल दुकान में चली गोली, अपराधियों ने एक व्यक्ति को गोली मारी         BIG NEWS : झारखंड के शिक्षा मंत्री अब करेंगे इंटर की पढ़ाई...          BIG NEWS : सभी मेल, एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेन 30 सितंबर तक रद्द         BIG NEWS : राहुल-प्रियंका से मिले सचिन पायलट, घर वापसी की अटकलें तेज         BIG NEWS : आतंकी हमले में घायल बीजेपी नेता की मौत         आदिवासी विकास का फटा पोस्टर...         BIG NEWS : नक्सली राकेश मुंडा को लाखों का इनाम और पत्तल बेचती अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉलर संगीता सोरेन को दो हजार         पाखंड के सिपाही कम्युनिस्ट लेखक...         BIG NEWS : देवघर में सेप्टिक टैंक में दम घुटने से 6 लोगों की मौत         BIG NEWS : अब भाजपा गुजरात गए विधायकों को वापस बुला रही, सभी विधायक होटल जाएंगे         BIG NEWS : पालतू कुत्ते फज की बेल्ट से गला घोंटकर सुशांत सिंह राजपूत की, की गई थी हत्या : अंकित आचार्य          BIG NEWS : सरकार का 101 रक्षा उपकरणों के आयात पर रोक, इसके पीछे क्या है मकसद?          BIG NEWS : बडगाम में आतंकवादियों ने बीजेपी नेता को गोली मारी          BIG NEWS : कुलगाम में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी, 2 से 3 आतंकी घिरे         BIG NEWS : सुशांत सिंह केस का राजदार कौन !         BIG NEWS : फिल्म स्टार संजय दत्त लीलावती हॉस्पिटल में भर्ती          BIG NEWS : दिशा सलियान का निर्वस्त्र शव पोस्टमार्टम के लिए दो दिनों तक करता रहा इंतजार          BIG NEWS : टेरर फंडिंग मॉड्यूल का खुलासा, लश्कर-ए-तैयबा के 6 मददगार गिरफ्तार         BIG NEWS : एलएसी पर सेना और वायु सेना को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश         BIG NEWS : राजस्थान का सियासी जंग : कांग्रेस के बाद अब भाजपा विधायकों की घेराबंदी         BIG NEWS : देवेंद्र सिंह केस ! NIA की टीम ने घाटी में कई जगहों पर की छापेमारी         बाढ़ और संवाद हीनता          BIG NEWS : पटना एसआईटी टीम के साथ मीटिंग कर सबूतों और तथ्यों को खंगाल रही है CBI         BIG NEWS : सुशांत सिंह की मौत के बाद रिया चक्रवर्ती और बांद्रा डीसीपी मे गुफ्तगू         BIG NEWS : भारत और चीन के बीच आज मेजर जनरल स्तर की वार्ता, डिसएंगेजमेंट पर होगी चर्चा         BIG NEWS : मनोज सिन्हा ने ली जम्मू-कश्मीर के नये उपराज्यपाल पद की शपथ, संभाला पदभार         BIG NEWS : पुंछ में एक और आतंकी ठिकाना ध्वस्त, AK-47 राइफल समेत कई हथियार बरामद         BIG NEWS : सीएम हेमंत सोरेन ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ किया केस         BIG NEWS : मुंबई में ED के कार्यालय पहुंची रिया चक्रवर्ती          BIG NEWS : शोपियां में मिले अपहृत जवान के कपड़े, सर्च ऑपरेशन जारी         मुंबई में सड़कें नदियों में तब्दील          BIG NEWS : पाकिस्तान आतंकवाद के दम पर जमीन हथियाना चाहता है : विदेश मंत्रालय         BIG NEWS : श्रीनगर पहुंचे जम्मू-कश्मीर के नये उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, आज लेंगे शपथ         सुष्मान्जलि कार्यक्रम में सुषमा स्वराज को प्रकाश जावड़ेकर सहित बॉलीवुड के दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि           BIG NEWS : जीसी मुर्मू होंगे देश के नए नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक          BIG NEWS : सीबीआई ने रिया समेत 6 के खिलाफ केस दर्ज किया         बंद दिमाग के हजार साल           BIG NEWS : कुलगाम में आतंकियों ने की बीजेपी सरपंच की गोली मारकर हत्या         BIG NEWS : अयोध्या में भूमि पूजन! आचार्य गंगाधर पाठक और PM मोदी की मां हीराबेन         मनोज सिन्हा होंगे जम्मू-कश्मीर के नए उपराज्यपाल, जीसी मुर्मू का इस्तीफा स्वीकार         BIG NEWS : सदियों का संकल्प पूरा हुआ : मोदी         BIG NEWS : लालू प्रसाद यादव को रिम्स डायरेक्टर के बंगले में किया गया स्विफ्ट         BIG NEWS : अब पाकिस्तान ने नया मैप जारी कर जम्मू कश्मीर, लद्दाख और जूनागढ़ को घोषित किया अपना हिस्सा         हे राम...         BIG NEWS : सुशांत केस CBI को हुआ ट्रांसफर, केंद्र ने मानी बिहार सरकार की सिफारिश         BIG NEWS : पीएम मोदी ने अयोध्या में की भूमि पूजन, रखी आधारशिला         BIG NEWS : PM मोदी पहुंचे अयोध्या के द्वार, हनुमानगढ़ी के बाद राम लला की पूजा अर्चना की         BIG NEWS : आदित्य ठाकरे से कंगना रनौत ने पूछे 7 सवाल, कहा- जवाब लेकर आओ         रॉकेट स्ट्राइक या विस्फोटक : बेरूत के तट पर खड़े जहाज में ताकतवर ब्लास्ट, 73 की मौत         BIG NEWS : भूमि पूजन को अयोध्या तैयार         रामराज्य बैठे त्रैलोका....         BIG NEWS : सुशांत सिंह राजपूत की मौत से मेरा कोई संबंध नहीं : आदित्य ठाकरे         BIG NEWS : दीपों से जगमगा उठी भगवान राम की नगरी अयोध्या         BIG NEWS : पूर्व मंत्री राजा पीटर और एनोस एक्का को कोरोना, कार्मिक सचिव भी चपेट में        

आज के स्वनिर्मित अजात शत्रु और मृत्युन्जय कौन!

Bhola Tiwari Jul 13, 2020, 8:06 AM IST कॉलमलिस्ट
img


निशिकांत ठाकुर

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक हैं)

नई दिल्ली : साल 1960 से थोड़ा पहले चलते हैं, जिसकी झीनी-झीनी यादें मस्तिष्क रूपी सीडी में घूम रही है। वह सुदूर देहात, सड़कों के नाम पर पतली-पतली, सफेद, टेढ़ी-मेढ़ी पगडंडी, जिस पर पैदल चलते लोग और यदाकदा साइकिल और दिन में एकाध जीप और कार गुजरा करती थी। आज जब लॉकडाउन में अकेला बैठा कुछ पढ़ रहा था तो ऐसा लगा जैसे कोई दिवास्वप्न देख रहा हूं। उस काल का दृश्य घूमने लगा। फिर चेता कि नहीं... यह तो अपने यहां का बीता सच है, जो अब स्वप्न के तरह कभी भी अकेला बैठता हूं, तो वह समय, वे दृश्य घूमने लगते हैं। मैं आजादी के दस से पंद्रह साल बाद की बात इसी भारत की कर रहा हूं। जब इतने बड़े अखंड भारतीय भू-भाग को पहले मुगलों ने सैकड़ों वर्षों तक गुलाम बनाकर रखा। फिर अंग्रेजों ने येन-केन प्रकरेण भारत पर कब्जा करके सैकड़ों वर्षों तक निचोड़ता रहा। फिर जब हमारे वीर शहीदों ने अंग्रेजों के खिलाफ खिलाफत की और अपनी शहादतें देकर उसे बता दिया कि हमारे पास सुभाष चंद्र बोस भी हैं, चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह और संत मोहनदास करमचंद गांधी भी हैं, तो फिर हजारों शहादतें लेकर उसने कई शर्तों के बाद हमें दो हिस्सों में बांट कर आजादी देने का फैसला किया। संसाधन विहीन इतने बड़े देश को एक सूत्र में बांधना, नदी-नालों को ठीक करना, यातायात की सुविधा को दुरुस्त करना, उसे बहाल करना, रेल यातायात को आगे बढ़ाना, शिक्षा के क्षेत्र को विकसित करने के लिए मजबूत नींव रखना, भोजन के लिए गैर विकसित देश में अनाज की पैदावार को किस प्रकार बढ़ाया जाए, ताकि लोगो को भोजन की सही सुविधा मिल सके, अपनी सैन्य शक्ति को कैसे मजबूत किया जाए, विदेशों से अपना संबंध कैसा रखा जाए... इन सारी चीजों के लिए मजबूत नींव कैसे रखी जाए, इस पर विचार करना इस काल के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण रहा होगा। जब इन सारे सवालों के बारे में सोचता हूं तो वही दृश्य सामने घूमने लगता है जिसकी चर्चा हम ऊपर कर चुके हैं। जितनी बार इन सारी बातों और इसे सही करने में आने वाली कठिनाइयों के बारे में सोचता हूं, उतना ही अपने देश पर फख्र होने लगता है।


अपने को गौरवान्वित महसूस करने लगता हूं। हमारे भारत की नींव मजबूत हुई और हम विश्व की महाशक्ति के रूप में उभर कर सबके समक्ष आ गए हैं।


सब कुछ रास्ते पर धीरे-धीरे आता गया और आज उस पगडंडी की, जिसकी चर्चा हम पहले कर चुके हैं, वहां छह से आठ लाइन की सड़कें हैं, हम मनचाही यात्रा करके देश के एक कोने से दूसरे कोने में कुछ ही समय में पहुंच सकते हैं। अब हम महान उपन्यासकार शिंव प्रसाद सिंह के गांव जलालपुर, जमुनिया से करैता ‘आकाशगामिनी देवी’ का मेला देखने और जलेबी खाने नहीं जाते। आज यदि महान उपन्यासकार, लेखक फणीश्वर नाथ रेणु होते तो उन्हें अपने गांव औराही-हिंगना से सिमराहा रेलवे स्टेशन ट्रेन पकड़ने पैदल या बैलगाड़ी से नहीं जाना पड़ता। अब हम घंटों में शॉपिंग करने के लिए दुबई-लंदन चले जाते हैं। अब हमारे यहां विदेशां से छात्र पढ़ने आते है। हम विश्व के शक्तिशाली देशों में शुमार हो चुके हैं। मैं इंग्लैंड सहित कई देशों की अनेक यात्राओं में गया और उन देशों के कई शहरों में घूमा। इंग्लैंड तो वहां के चुनाव कवरेज के लिए गया था जहां सभी जगह भारतीयों को सम्मान की नजरों से देखा जाता है। बड़े-बड़े रेस्टोरेंट में पंजाबी पॉप सिंगर के गीत बजते रहते हैं। कई देशों में घूमने के बाद यही लगता था कि हम बड़े भाग्यवान हैं और इसलिए हम आजाद भारतवर्ष में पैदा हुए। अब यदि भारत को नेपाल, पाकिस्तान और चीन धमकाता है तो उसे डर होता है कि यदि भारतवर्ष अपने पर आ गया तो फिर उसकी हैसियत उसके सामने बता दिया जाएगा। विश्व का सर्व शक्तिशाली देश अमेरिका भी भारत से बराबरी की बात करता है। अभी हाल ही में गलवन घाटी में हमारे देश के बीस जवानों को चीनी सैनिकों ने शहीद किया और हमारी सीमा में घुसपैठ करने का प्रयास किया, पर उसे सफलता नहीं मिली। क्योंकि, उसके सूत्रों से जब उसे भारत की सामरिक तैयारी का पता चला तो फिर उसे अपनी जमीन पर वापस लौटना पड़ा। हमने सामरिक दृष्टि से भी अपने को खूब मजबूत किया है और इसका अंदाजा बाद में चीन को हुआ। वैसे सच तो यह भी है कि साल 1962 में भी चीन एक बार वापस लौट गया था और हम निश्चिंत हो गए थे कि चीन वापस चला गया है। लेकिन, चीन फिर वापस आया और भारत को शिकस्त दे गया। वैसे इस बार ऐसी कुटिलता की उम्मीद चीन से नहीं करनी चाहिए, लेकिन उसका पिछला रिकार्ड तो यही बताता है कि वह धोखा देने में माहिर देशों में एक है। इसलिए हमें सतर्क तो रहना ही होगा।


अब पाठको के मन में यह प्रश्न उठ रहा होगा कि यह तो हो चुका है, लेकिन इसका उल्लेख, इसकी मार्केटिंग यहां क्यों की जा रही है? तो इसका उत्तर यह है कि यह सब एक दिन की कहानी नहीं है और यह सब कुछ वर्षों में नहीं हुआ है। इन सारी व्यवस्थाओं को सही करने की जिम्मेदारी एक पर नहीं डाली जा सकती है। इसके लिए सामूहिक प्रयास हुए और नेतृत्व समय-समय पर बदलता रहा, लेकिन कम संसाधनों में सामूहिक योगदान से इतने वर्षों मै हम इतना विकसित हुए हैं। पता नहीं हम अपने भूत को इतना नकारते क्यों हैं? उनकी चर्चा से हम इतने व्याकुल क्यों हो जाते हैं? अनाप-शनाप तर्क क्यों देते हैं? गालियां क्यों बकने लगते हैं? व्यक्तिगत आक्षेप क्यों करते हैं? खास बात यह कि इस कुतर्क में हां में हां मिलाने वाले यदि मिल जाएं तो फिर बात ही क्या है। उनके तो सात पुश्तों को गंगाजल से धो डाला जाता है और फिर पानी पी-पीकर एकतरफा कुतर्क दिया जाता है। हो सकता है मेरी बुद्धि थोड़ी कम हो, मेरे लिए समाज सोचे कि मैं एक पक्षीय हूं, लेकिन जो भी कुतर्क को तर्क से काटने का प्रयत्न करता है, उसका हाल भी वही होता है। क्या हो गया अपने देश को कि हमारे देश के युवा से लेकर समाज का हर वर्ग मार्केटिंग के ऐसे चंगुल में फंस चुका है कि अपनी मार्केटिंग के बलबूते कोई भी मार्केटिंग का व्यक्ति डिब्बे की मिट्टी को भी अमृत समझाकर उसे बेच देता है और सामान्य व्यक्ति उसका सेवन करने को तैयार हो जाता है। हम किसी दल के पक्षपाती नहीं हैं, लेकिन कोई बात सामने है और जिसे देखा है तो उसे ही सत्य मानकर मेरा जो विचार उस पर है, उसे व्यक्त करता हूं

अब बस पाठकों से एक प्रश्न कर रहा हूं कि क्या कोई देश एक दिन में इतना विकसित हो सकता है जो इतनी शीघ्रता से चांद ही नहीं, मंगल ग्रह पर भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा दे? निश्चित रूप से ही भारत रूपी इस जमीन पर कोई मजबूत व्यक्तित्व रहा होगा या आया होगा या आया है , जिसने यह ठाना होगा कि हम इन बिखरे मोतियों को चुनकर माला बनाएंगे और इस महान देश भारत को विश्व का सिरमौर बनाएंगे। विचार करिएगा , क्योंकि किसी की सलाह है कि सत्य लिखना चिंतनीय है। इसलिए आपसे समझना चाहता हूं कि क्या सच में ऐसा है? लेकिन यदि ऐसा है तो हां कोई मृत्युन्जय नहीं है और कोई अजातशत्रु भी आज तक नहीं हुआ है।  

Similar Post You May Like

Recent Post

Popular Links