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अपनी मर्जी से भागी हूँ, ठीक है.

Bhola Tiwari May 08, 2019, 7:05 AM IST टॉप न्यूज़
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एस डी ओझा

 " देखिये लोग हम दोनों एक साथ भागे हैं, ठीक है. और इनका कोई गलती नही है मेरा गलती क्योंकि हम इनको लेकर भागे हैं ठीक है. अगर मरना चाहते हैं तो इन्ही के साथ और जीना चाहते हैं तो इन्ही के साथ. इनके ख़ुशी में मेरा ख़ुशी है ठीक है. एक दिन पापा हमको गली में देख लिए थे हमको बहोत मार-मारे थे, बेल्टे-बेल्ट. बोलते थे कि तुम उससे बात मत करो और स्कूल जाने से भी मना कर रहे थे. पर किसी वजह से, घर के लोग की वजह से हमको फिर इनके साथ आना पड़ा ठीक है. इंका कोई गलती नही है, गलती है तो मेरा है ठीक है. मरेंगे तो इन्ही के साथ जियेंगे तो इन्ही के साथ. शादी भी करेंगे, इन्ही के साथ हमको जो करना है ये कैसे भी रखें हमको नून रोटी खाएं चाहे माड़-भात खाएं ठीक है. हमको इन्ही के साथ रहना है. किसी से लेना देना, घर परिवार किसी से लेना देना नही है ठीक है. अपने माँ- बाप किसी से मतलब नही है. बस मेरे सास ससुर अच्छे से रहें और ये अच्छे से रहें. इनके ख़ुशी में मेरा ख़ुशी है, ठीक है. अगर हम लोगों को अलग कर सकते हैं तो हम जहर खाकर हम दोनों मर जायेंगे, ठीक है. ये बात अपने ध्यान में रखियेगा. हमलोग एक बिछड़ के भी नही रह पाते हैं. ठीक है."

मुझे इसके बाद से कुछ जोड़ना है । यदि सब कुछ सही सलामत रहा तो जिंदगी खुशहाली के दौर से गुजरेगी , लेकिन जरा भी नखलुशी निकलेगा तो जिंदगी नर्क बन जाएगी । ठीक है । जिंदगी नून रोटी से भी बढ़कर है । अभी चढ़े तवे को रोटी है । अभी कुछ नहीं बुझाएगा । ठीक है । जिस दिन रोटी के लाले पड़ेंगे , उस दिन सास ससुर नहीं अपने माँ बाप याद आएंगे । ठीक है । अभी कमसिन उमिर है । अभी नहीं बुझाएगा कि दो जून की रोटी कैसे कमाई जाती है । ठीक है । दो जून की रोटी के लिए बहुत पापड़ बेलने पड़ेंगे । हाथों में छाले पड़ने पर भी रोटी के लाले पड़ेंगे । सास की गाली और मार भी सहन करनी पड़ सकती है । ठीक है । अभी दोनों घर से भागे हो । अभी गहरी छनती है । दांत कटी रोटी है । माड़

भात खाने से काम चल जाएगा , लेकिन जिम्मेदारियां बढ़ेंगी तो " नून रोटी खाएंगे , जिनगी संगही बिताएंगे " कहना बेमानी हो जाएगा । ठीक है। 

अभी तो "एक तवे की रोटी , क्या छोटी क्या मोटी " का भाव है । अच्छा है । लेकिन बाल बच्चे होंगे । उनकी परवरिश तो नून रोटी खिला कर तो नहीं करोगी । ठीक है । बच्चों के स्वास्थ्य और उनकी शिक्षा के साथ समझौता नहीं किया जा सकता है । ठीक है । सास ससुर तो आपके हैं । अच्छी बात है । लेकिन जिस माँ बाप ने जन्म दिया । पाला पोसा । उनको एकदम से भूल जाना बिल्कुल ठीक नहीं है । ठीक है । पापा ने बेल्टे बेल्टे मारा । नहीं मारना चाहिए था । लेकिन क्या करें वो जब अपनी संतान काबू में न रहे । आपने यह नहीं बताया कि आप बालिग है या नाबालिग । शक्ल से तो नहीं लग रहा । ठीक है । ऐसे में घर से भागकर शादी करना वैध नहीं है । पढ़ाई लिखाई भी खास नजर नहीं आती है । ऐसे में दाल रोटी का जुगाड़ कैसे होगा ? ठीक है । क्या ठीक है ? कुछ भी ठीक नहीं है ।

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