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कन्हैया राग के तार

Bhola Tiwari Apr 30, 2019, 7:42 AM IST टॉप न्यूज़
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रंजीत कुमार

चलिए विशुद्ध वाम के पैमाने पर ही बात करते हैं: तो उसका सच यह है कि अकेले बेगूसराय में ही कन्हैया से बेहतर वामपंथ की समझ, प्रतिबद्धता, वाक-पटुता और वैचारिक ईमानदारी रखने वाले वाम कार्यकर्ता दर्जनों में हैं। पटना में आज भी ऐसे वामपंथी युवा कार्यकर्ता मिल जाते हैं जो अपनी बौद्धिक प्रखरता, वामपंथी समझ और दैनंदिन जीवन की दुर्लभ ईमानदारी के कारण आकर्षित करते हैं। उनके आगे कन्हैया कहीं नहीं ठहरता। इन्हें कभी कोई वाम पार्टी टिकट क्यों नहीं देती? अरिस्टोक्रैट वाम बुद्धिजीवी इनके प्रोत्साहन के लिए कभी दो शब्द क्यों नहीं लिखते-बोलते? इसलिए कि वे एंटी इंडियन आइकॉन नहीं हैं? उसके नाम पर विदेशी आका चवन्नी नहीं दे सकते। अब आप खुद अंदाजा लगाइए यह कन्हैया राग क्या है, इसके तार कहां है और साज कहां है?

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