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Bhola Tiwari May 22, 2020, 10:32 AM IST राष्ट्रीय
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कबीर संजय

नई दिल्ली. : हमारे कुछ मित्रों के दिमाग में राजनीतिक प्रदूषण इतना ज्यादा घुस गया है कि वे हरे रंग से नफरत और भगवा रंग से अतिरिक्त मोहब्बत करने लगे हैं। लेकिन, दुनिया का सारा कार्य-व्यापार हरे रंग पर टिका है। इस धरती पर प्राणियों के लिए सबसे बड़ी गतिविधि फोटो सिंथेसिस यानी प्रकाश संश्लेषण है। जो कि क्लोरोफिल की मौजूदगी में होती है। जो कि हरे रंग का है। 

सभी जीवितों को भोजन की जरूरत पड़ती है। ताकि वो बढ़ सकें, अपने शरीर में हर दिन मरने वाली कोशिकाओं की जगह पर नई कोशिकाओं को जनम दे सकें और अपनी संसतियां पैदा कर सकें। इसे ही पोषण कहा जाता है। दुनिया में दो प्रकार के लीविंग आर्गेनिज्म हैं। ऑटोट्रोफिक यानी जो अपना भोजन खुद बनाते हैं। दूसरे हेट्रोट्रोफ्स यानी जो दूसरों के बनाए भोजन पर निर्भर रहते हैं। केवल प्लांट्स ही ऐसे जो अपना भोजन खुद बनाते हैं। बाकी सारे जीव-जंतु व अन्य आर्गेनिज्म अपना भोजन उन्हीं से लेते हैं। 

पत्तियां एक प्रकार से धरती का किचन हैं। पूरी दुनिया के लिए यहीं पर खाना तैयार होता है। जैसे खाना तैयार होने के लिए सभी जरूरी सामग्री को किचन में पहुंचना होता है। उसी प्रकार पत्तियों में भी खाना बनाने के लिए जरूरी सामान पहुंचाया जाता है। मिट्टी में मौजूद पानी और मिनरल को पेड़ के जड़े अवशोषित कर लेती हैं और उन्हें छोटी-छोटी नलिकाओं के जरिए पत्तियों में पहुंचा देती हैं। पत्तियों की सतह पर मौजूद बहुत छोटे छिद्र जिन्हें स्टोमेटा कहा जाता है, वे हवा में मौजूद कार्बन डाई आक्साइड को ग्रहण कर लेते हैं। 

पत्तियों में हरे पिगमेंट वाले क्लोरोफिल मौजूद होते हैं। इसी की मदद से पेड़ सूरज की एनर्जी को ले पाते हैं। इसी एनर्जी का इस्तेमाल कार्बन डाई आक्साइड और पानी की मदद से खाना तैयार करने में किया जाता है। चूंकी यह सबकुछ सूरज की रोशनी में होता है, इसलिए इसे फोटोसिंथेसिस कहा जाता है। 

तो फोटोसिंथेसिस की प्रक्रिया के लिए क्लोरोफिल, सूरज की रोशनी, कार्बन डाई आक्साइड और पानी की जरूरत पड़ती है। धरती पर चलने वाली यह सबसे जरूरी और सबसे अनोखी प्रक्रिया है, जिसमें पेड़ पत्ती सूरज की रोशनी को लेकर उसे खाने में तब्दील करके खुद में जमा कर लेती है। इसीलिए धरती के सभी लीविंग आर्गेनिज्म के लिए सूरज एनर्जी का सबसे जरूरी स्रोत है। 

फोटोसिंथेसिस के बिना पृथ्वी पर जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। फोटोसिंथेसिस नहीं, मतलब खाना नहीं। 

इसलिए दोस्तों, राजनीति चाहे जो करो, लेकिन हरे से नफरत मत करो। तुम्हारा, हमारा, सबका जीवन इसी पर आधारित है। 

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