ब्रेकिंग न्यूज़
BIG NEWS : ISI के लिए काम करते थे पाकिस्तानी जासूस, भारत ने देश से बाहर निकाला         BIG NEWS : झारखंड में खुलेगी सभी दुकानें और चलेंगे ऑटो रिक्शा         पाकिस्तान को सिखाया सबक, कई चौकियां तबाह, छह सैनिक घायल         भारतीय सेना ने घुसपैठ कर रहे 3 आतंकियों को मार गिराया, सर्च ऑपरेशन जारी         नेतागिरी चमकाने के लिए बेशर्म होना जरूरी....         BIG NEWS : सिंह मैंशन व रघुकुल समर्थकों में भिड़ंत, लाठी-डंडे व तलवार से हमला, दो की हालत गंभीर          ग्रामीणों और बच्चों को ढाल बनाकर नक्सलियों ने पुलिस पर किया हमला, 2 जवान शहीद         BIG NEWS : जासूसी करते हुए पकड़े गए पाक हाई कमीशन के दो अधिकारी, दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया         POK के सभी टेरर कैंपों में भरे पड़े हैं आतंकवादी : लेफ्टिनेंट जनरल बीएस राजू         BIG NEWS : बख्तरबंद वाहन में घुसे चीनी सैनिकों को भारतीय सेना ने घेर कर मारा         BIG NEWS : अब 30 जून तक बंद रहेंगे झारखंड के स्कूल ं         BIG BRAKING : पुलिस को घेरकर नक्‍सलियों ने बरसाई गोली, डीएसपी का बॉडीगार्ड शहीद         सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच अनंतनाग में मुठभेड़, 2 से 3 आतंकी घिरे         सोपोर में लश्कर-ए-तैयबा के 3 OGWs गिरफ्तार, हथियार बरामद         ..कृषि के साथ न्याय हुआ होता तो मजदूरों की यह स्थिति नहीं होती         कालापानी' क्या है, जिसे लेकर भारत से नाराज़ हो गया है नेपाल !         BIG NEWS : आंख में आंख डाल कर बात करने वाली रक्षा प्रणाली तैनात         CORONA BURST : झारखंड में 1 दिन में 72 पॉजिटिव, हालात चिंताजनक         जब पाक ने भारत संग रक्षा गुट बनाना चाहा...         UNLOCK : तीन चरणों में खुलेगा लॉकडाउन, 8 जून से खुलेंगे मंदिर, रेस्टोरेंट, मॉल         BIG NEWS : दामोदर नदी पर पुल बना रही कंपनी के दो कर्मचारियों को लेवी के लिए टीपीसी ने किया अगवा         कुलगाम एनकाउंटर में हिज़्बुल मुजाहिदीन के दो आतंकी ढेर, सर्च ऑपरेशन जारी         BIG NEWS : अमेरिकी ने WHO से तोड़ा रिश्ता; चीन पर लगाई पाबंदियां         TIT FOR TAT : आंखों में आंख डालकर खड़ी है भारतीय सेना         BINDASH EXCLUSIVE : गिलगित-बाल्टिस्तान में बौद्ध स्थलों को मिटाकर इस्लामिक रूप दे रहा है पाकिस्तान         अब पाकिस्तान में भी सही इतिहास पढ़ने की ललक जाग रही है....         BIG NEWS : लेह से 60 मजदूर रांची पहुंचे, एयरपोर्ट पर अभिभावक की भूमिका में नजर आए सीएम हेमंत सोरेन         BIG NEWS : CM हेमंत सोरेन का संकेत, सूबे में बढ़ सकता है लॉकडाउन !         कश्मीर जा रहा एलपीजी सिलेंडर से भरा ट्रक बना आग का गोला, चिंगारी के साथ बम की तरह निकलने लगी आवाजें         BIG NEWS : मशहूर ज्योतिषी बेजन दारूवाला का निधन, कोरोना संक्रमण के बाद अस्पताल में थे भर्ती         नहीं रहे अजीत जोगी          BIG NRWS  : IED से भरी कार के मालिक की हुई शिनाख्त         SARMNAK : कोविड वार्ड में ड्यूटी पर तैनात जूनियर डॉक्टर से रेप की कोशिश         BIG NEWS : चीन बोला, मध्यस्थता की कोई जरूरत नहीं, भारत और चीन भाई भाई        

कोरोना को ‘इन्फोडेमिक’ बनाने से बचना होगा

Bhola Tiwari Mar 29, 2020, 8:08 AM IST टॉप न्यूज़
img


डॉ प्रवीण झा

(जाने-माने चिकित्सक नार्वे)

अब लोग कई लेख-अफवाह आदि पढ़ कर कोरोना-विशेषज्ञ बन गए होंगे। WHO के निदेशक ने पिछले महीने इस बीमारी को ‘इन्फोडेमिक’ कहा कि लोग महामारी से अधिक सूचना-मारी से मर जाएँगे। सोचिए कि एक अस्सी साल के बुजुर्ग जिन्हें हृदयाघात आ चुका है, जब रोज इटली की खबरें टीवी पर सुनते होंगे तो कैसी नींद सोते होंगे? कोरोना तो बाद में आएगा, वह इस अवसाद भरे माहौल से दम तोड़ देंगे। इटली की खबर में सच्चाई है और मैंने भी पहले (पोस्ट 6.) लिखा है, लेकिन चिकित्सक इस सच्चाई का ढिंढोरा उनके समक्ष भला क्यों पीटें? परिजन भी क्यों डराएँ?

यह बात कोई रहस्य नहीं कि अमुक बुजुर्ग ने ये अस्सी बसंत किन-किन विषाणुओं और जीवाणुओं के मध्य रह कर गुजारे होंगे। पटेल चेस्ट संस्थान दिल्ली के केंद्र में है, जहाँ तपेदिक के मरीज यूँ ही चाय पीते मिल जाएँगे, और नॉर्थ कैम्पस के कपल भी वहीं साथ बैठे। कभी यही तपेदिक एक अभिशाप था, लेकिन हालात कुछ यूँ बने कि लाखों लोग गुप्त तपेदिक या पुराने तपेदिक के साथ लंबा जीवन जी गए। भारत में इबोला और नीपा जैसे 77-95 % मृत्यु-दर वाले खूँखार वायरस आकर भी आतंक न मचा सके। येल्लो फीवर आया ही नहीं।

कोरोना की ही बात करें तो पहले SARS आया (2003), विश्व के 29 देशों में फैला, हज़ारों लोग मरे। भारत में मात्र तीन मरीज मिले, और तीनों ठीक हुए। MERS (कोरोना का दूसरा वायरस) पूरे मध्य एशिया में कहर मचाता रहा, और कई भारतीय वहाँ से आते-जाते रहे, लेकिन भारत में एक मरीज न मिला। और अब यह तीसरा कोरोना। यह भी अब नहीं आया, फरवरी में ही आ गया, और डेढ़ महीने तक सुस्त रहा। वूहान में जब यह चरम पर था, तब जो 327 भारतीय वहाँ से लाए गए, उनमें भी नहीं मिला। वे आखिर कैसे बच गए? और जो अब मर रहे हैं, वे क्यों मर रहे हैं?

इसका उत्तर भी वहीं छिपा है कि इस फौलादी इम्युनिटी के बावजूद भारत में औसत आयु कम है। हमारी स्वास्थ्य व्यवस्था का वितरण विषम है। उम्र के साथ ‘हाइ रिस्क ग्रुप’ यानी हृदय-रोग, रक्तचाप, गुर्दा-रोग, या जीवनशैली समस्याओं के समूह बढ़ते जा रहे हैं। इस वायरस में यह ख़ास देखा गया है कि उम्र और पुराने मर्जों से कमजोर व्यक्ति टूट जाता है। पंजाब में मृत्यु हृदयाघात से, तो पटना में मृत्यु गुर्दा रोग के मरीज की होती है। पटना के मरीज की कम उम्र में ही किडनी की समस्या थी। आने वाले समय में ऐसी मृत्यु और भी कई होगी।

लेकिन, इसे ‘इन्फोडेमिक’ बनाने से बचना होगा। क्रिकेट स्कोर की तरह रोज पूछना कि आज कितने? इससे अब चिकित्सक भी टूटने लगे हैं, जनता तो खैर टूटेगी ही। हाँ! यह पूछिए कि आज कितनों की इम्युनिटी ने वायरस को मात दिया? साठ से ऊपर के टॉम हैन्क्स दंपति कोरोना पाले घर पर बैठे हैं, और दूसरे हफ्ते में कह रहे हैं कि अब तक स्वस्थ हैं। ऐसी और भी कहानियाँ रोज मिलेगी, जिनका शरीर लड़ रहा है। हम संभल कर रहें, पॉजिटिव रहें, हमारा भी लड़ेगा।  

Similar Post You May Like

Recent Post

Popular Links