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किसी को होश नहीं कि वह किसे गाली दे रहा है...

Bhola Tiwari Jan 24, 2020, 7:23 AM IST टॉप न्यूज़
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रंजीत कुमार

पटना : उमा जी हिंदी के दुर्लभ चिंतक-लेखकों में से एक हैं जो लेखन को तप मानते हैं, और लिखते समय यह नहीं सोचते कि यह उनके करियर ग्राफ को दुष्प्रभावित करेगा। उनके ये शब्द, शब्द नहीं दर्पण है। लेकिन भैया, Umanath Lal Das युग को रास्ता भी आप जैसे ही दिखा सकते हैं। देश को इस समय दवा की जरूरत है। आखिर इस दर्द की कोई तो दवा होगी... 

''मुसलमान को आपने दे ही क्या दिया ? 47 से लेकर आज तक मुसलमान डिटेंशन सेंटर में ही हैं हिंदुस्तान में। आजाद नहीं हैं। - मुनव्वर राणा, मशहूर उर्दू शायर

800 सालों तक हमने हुक्मरानी की है, जांबाजी की है इस मुल्क में और हमसे कागज मांगते हो। मेरे बाप दादों ने तो चार मीनार, जामा मस्जिद, मक्का मदीना और लाल किला दिया है। - अकबरुद्दीन ओवैसी, विधायक, तेलंगाना, एआइएमआइएम

भारत की अवधारणा तो ब्रिटिश हुकूमत ने दी है। - सैफ अली खां।

आप तय कीजिए कि क्या ये बोल किसी शायर, नेता और अभिनेता के हो सकते हैं क्या !! इसमें नसिरुद्दीन शाह, जावेद अख्तर, शबाना आजमी, आजम खां, आरफा खानम शेरवानी, और, और, और को शामिल मान सकते हैं। ये तभी तक रिष्ट्रीय दिखते हैं, जब तक कि शरीयत का मामला न हुआ है। शरीयत के छूते ही सभी देश, इतिहास, संस्कृति, संविधान को ताख पर रखकर मुसलमान हो जाते हैं। वाम, कांग्रेस, समाजवादी इसी हालात को कायम रखना चाहते हैं।

कश्मीरी ब्राह्मणों पर जो क़यामत ढाही गयी तो ये सब कहां थे और देश के किस हिस्से के मुसलमानों ने इसकी निंदा की, फतवा वालों का बहिष्कार किया या आजम से लेकर ओवैसी तक किसके खिलाफ सड़क पर उतरे, प्रदर्शन किया, तंबू ताना, बयान दिया ?''

जहां तक अकबरुद्दीन ओवैसी की बात है तो वैसे यह अकबरुद्दीन ओवैसी कह तो सही ही रहा है। यह देश उसके पूर्वजों का भी है यह साबित तथ्य है। उसके पिता के दादा का नाम तुलसी राम दास था, जिन्हें जबर्दस्ती मुसलमान बनाया गया था। अकबरुद्दीन के बयान पर गुस्सा नहीं रहम खाना चाहिए, जो मुगलों को अपना वंशज कह कर अपने ही पूर्वजों को गाली दे रहा है। उनकी पर दादी चितपावन ब्राह्मणी थी, सोचिए ऐसी संतानों से आज उनकी आत्मा किस तरह कराह रही होगी। इसलिए मैं इसे एलएसडी मजहब कहता हूं, जहां व्यक्ति को होश नहीं रहता कि वह किसे गाली दे रहा है... एक व्यक्ति के किताबी सिद्धांत के लिए कितने व्यक्ति की आत्मा को रौंद देता है... उनके पितरों से प्रार्थना कीजिए कि इन्हें माफ कर दें। 

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