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काने उल्लू के नाखून का ताबीज बनाम एंटायर पॉलिटिकल साइंस...

Bhola Tiwari Jan 15, 2020, 7:29 AM IST कॉलमलिस्ट
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राजीव मित्तल

नई दिल्ली : इस ताबीज जैसा असर किसी रतन में नहीं.. हीरा-पुखराज कंकड़ समान.. सांप-बिच्छु तो क्या शेर-चीता भी पास आने से घबराते हैं.. गुणों की खान है यह ..शेरनी के दूध की कॉफी पीने वाले डिंडीगुल के तांत्रिक पतनशील पापेश्वर का दावा है कि एंटायर पॉलिटिकल साइंस का एक अध्याय तो पूरी तरह काने उल्लू के ताबीज की विशेषताओं पर है..

एक सोने की डिब्बी में सात नाखून हमेशा रखे रहने वाले उस तांत्रिक से देखते रहिए कार्यक्रम में जब चैनली बाला ने पूछा कि आपको सात काने उल्लू कहां से मिले तो उन्होंने कहा - बालिके, हमारे देवी हों या देवता यूं ही इस भूमि पर जन्मने को नहीं तरसते..यह आर्यावर्त ही है जहां पेड़ पेड़ पर काने उल्लू पाए जाते हैं..इनकी आबादी इतनी अधिक हो गई कि हमें जंगल नष्ट करने पड़ गए..

आप इन काने उल्लुओं के नाखून किस भांति काटते हैं प्रभो? 

चैनली, यह काम विभिन्न बैंक मैनेजरों का है, जिनने इन उल्लुओं के रख रखाव के लिए हमें लॉकर प्रदान किया हुआ है..वो हमें हर अमावस्या को ये नाखून भिजवा देते हैं, और इन नाखूनों का प्रयोग हम देश की राजनीति में शुचिता लाने के लिए करते हैं..

महाराज, इस ताबीज के नेतागिरी के अलावा हमारे समाज के किन किन क्षेत्रों में क्या क्या फायदे हैं - मसलन आर्थिक क्षेत्र में, विज्ञान की खोजों में, रक्षा मामलों में या शिक्षा के क्षेत्र में, स्वास्थ्य के क्षेत्र में!! कृपया विस्तार से बताएं..

चैनली, हमारा तो यहां तक दावा है कि नव भारत छोड़ो आंदोलन के कई महारथियों ने इस नाखून का ताबीज पहन दुनिया भर में हमारे देश का डंका बजाया..बाकी तो अभी हम राजनीति में इसका चमत्कार देख रहे हैं..अन्य क्षेत्रों में तीन साल में हमारा देश विश्व भर में अग्रणी होगा..

चैनली - प्रभो, दिल्ली में चुनाव सिर पर हैं तो कृपया आप काने उल्लू के ताबीज का राजनीति पर पड़ने वाले प्रभाव की व्याख्या करें..

चैनली, तो सुनो - जो उम्मीदवार वार्ड सभासद का चुनाव तक हार गया था, आज संसद में ताल ठोक रहा है..सेंकड़ों को ताबीज पहनते ही तड़ से विधानपरिषदी मिल गयी..यहां तक कि खुद आलाकमान ने कइयों के घर जा कर टिकट थमाया.. अब तो मेरे निवास पर राज्य और केन्द्र के कई मंत्री और नेता डेरा डाले रहते हैं..राम मंदिर वाले भी, लोहियावादी भी और कभी के गांधी टोपी वाले भी..कुछ ने तो घुटनों तक में भी ताबीज बंधवा रखा है, ताकि जल्दी असर करे..

मेरा तो यहां तक दावा है चैनली कि इस बार जो सरकार होगी वह काने उल्लूओं के ताबीज की कृपा से बनेगी और सर्वदलीय होगी.. 

पापेश्वर प्रभो, आपकी बात सुन मेरा दिमाग पागल हुआ जा रहा है..अगर आपके काने उल्लुओं का ताबीज हर चुनावी उम्मीदवार ने पहन लिया तो हारेगा कौन..

तांत्रिक पतनशील पापेश्वर- 

                  वामपंथी...

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