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विश्व विख्यात स्पिन गेंदबाज- बेदी, चंद्रा और प्रसन्ना

Bhola Tiwari Jan 15, 2020, 6:48 AM IST खेल
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एसडी ओझा

नई दिल्ली : एक जमाना था जब भारतीय क्रिकेट टीम मे बेदी, चन्द्रा और प्रसन्ना के नाम की धूम थी । इनके विना भारतीय टीम की कोई परिकल्पना हीं नहीं कर सकता था । आज भी टाॅप के दस स्पिन बल्लेबाजों में इन तीनों का नाम सामिल किया जाता है । आज जब कि भारतीय स्पिन गेंदबाज देश से बाहर की पिचों पर सफल नहीं हो पा रहे हैं , उस दौर में इन तीनों गेंदबाजों ने अपनी सफलता का परचम देसी पिचों के अतिरिक्त विदेशी पिचों पर भी लहराया है ।

ये स्पिन तिकड़ी किसी एक बाॅल पर चौका जड़े जाने पर निराश नहीं होते थे । वे गेंद में उछाल देना बंद नहीं करते थे । वे लगातार फ्लाइट वाली गेंदे फेंका करते थे । ऐसे में बल्लेबाज उनकी चंगुल में फंस जाता और अंततोगत्वा अपनी विकेट गंवा बैठता । ये लोग क्रीज का शानदार उपयोग किया करते थे । इरापल्ली प्रसन्ना हाई आर्म एक्सन व हाई लूप की वजह से गेंद को आवश्यकता से अधिक उछाल देते थे । विशन सिंह बेदी की लाइन व लेंथ कमाल की होती थी । ये अपने एक्सन में मामूली बदलाव कर बल्लेबाज को अक्सर छका देते थे । उनकी आर्मर बहुत तेजी से अंदर की तरफ आती थी ।

चन्द्रशेखर की गुगली बहुत मशहूर थी । वे फ्लिपर भी अच्छा फेंक लेते थे । पिच जरा भी साथ दे तो ये गेम अपने पक्ष में मोड़ सकते थे । इनको खेलना निहायत हीं मुश्किल काम होता था । चन्द्रशेखर का पोलियो ग्रस्त हाथ उनके लिए वरदान साबित हुआ था । उनकी फेंकी गेंद कहां टप्पा खाएगी और फिर किधर मुड़ेगी - इसका अनुमान कोई भी नहीं लगा सकता था । यही कारण है कि 1971 में वे मैच सीरिज विनर बने थे । उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ ओवल में खेले गए टेस्ट में 38 रन पर छह विकेट निकालकर यह जीत दिलाई थी। यही नहीं, भारत को 1978 में ऑस्ट्रेलिया में पहली जीत दिलाने का श्रेय भी उन्हीं को जाता है। 

इस तिकड़ी के उस दौर के निम्न एचीवमेण्ट थे - 

क्रम सं    नाम   कुल विकेट   विदेश   देश 

1- विशन सिंह बेदी 266 129 137

2- चन्द्रशेखर 242 100 142

3- इरापल्ली प्रसन्ना 189 94 95

ऊपर के चार्ट से पता चलता है कि इस तिकड़ी ने देश विदेश में लगभग एक समान हीं प्रदर्शन किया है, जब कि अनिल कुंबले के कुल 619 टेस्ट विकेट में से 269 विदेश और 350 देसी पिच पर लिए गये विकेट हैं और हरभजन के 413 में से 148 विदेश और 265 देसी पिच के विकेट हैं । बेदी, चन्द्रा और प्रसन्ना के रिकार्ड के सामने अनिल कुम्बले और हरभजन का रिकार्ड काफी बौना है । हालांकि इन दोनों ने विकेट काफी लिए हैं, पर विदेशी पिच पर कुछ खास नहीं कर पाए । बेदी, चंद्रा और प्रसन्ना के बाद से हमारे स्पिनर विदेशी धरती पर बिल्कुल भी जम नहीं पाएँ हैं ।

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