ब्रेकिंग न्यूज़
BIG NEWS : लालू यादव का जेल "दरबार", तस्वीर वायरल         मान लीजिए इंटर में साठ प्रतिशत आए, या कम आए, तो क्या होगा?         BIG NEWS : झारखंड में रविवार को कोरोना संक्रमण से 6 मरीजों की मौत, बंगाल-झारखंड सीमा सील         BIG NEWS : सोपोर में सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी, अब तक 2 आतंकी ढेर         BIG NEWS : देश में PMAY के क्रियान्वयन में रामगढ़ नंबर वन         BIG NEWS : श्रीनगर में तहरीक-ए-हुर्रियत के चेयरमैन अशरफ सेहराई गिरफ्तार         BIG NEWS : ऐश्वर्या राय बच्चन और आराध्या बच्चन की कोरोना रिपोर्ट आई पॉजिटिव         BIG NEWS : मध्यप्रदेश की राह पर राजस्थान !         अमिताभ बच्चन ने कोरोना के खौफ के बीच सुनाई थी उम्मीद भरी कविता, अब..         .... टिक-टॉक वाले प्रकांड मेधावियों का दस्ता         BIG BRAKING : नक्सलियों नें कोल्हान वन विभाग कार्यालय व गार्ड आवास उड़ाया         BIG NEWS : महानायक अमिताभ बच्चन के बाद अभिषेक बच्चन को भी कोरोना         BIG NEWS : अमिताभ बच्चन करोना पॉजिटिव         BIG NEWS : आतंकियों को घुसपैठ कराने की कोशिश में पाकिस्तानी बॉर्डर एक्शन टीम         अपराधी मारा गया... अपराध जीवित रहा !          BIG NEWS : भारत चीन के बीच बातचीत, सकारात्मक सहमति के कदम आगे बढ़े         BIG NEWS : बारामूला के नौगाम सेक्टर में LOC के पास मुठभेड़, दो आतंकी ढेर         BIG STORY : समरथ को नहिं दोष गोसाईं         शर्मनाक : बाबू दो रुपए दे दो, सुबह से भूखी हूं.. कुछ खा लुंगी         BIG NEWS : वर्चुअल काउंटर टेररिज्म वीक में बोले सिंघवी, कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, था और रहेगा         BIG NEWS : कानपुर से 17 किमी दूर भौती में मारा गया गैंगेस्टर विकास, एसटीएफ के 4 जवान भी घायल         BIG NEWS : झारखंड के स्कूलों पर 31 जुलाई तक टोटल लॉकडाउन         BIG NEWS : चीन के खिलाफ “बायकॉट चाइना” मूवमेंट          पाकिस्तानी सेना ने नौशेरा सेक्टर में की गोलाबारी, 1 जवान शहीद         मुसीबत देश के आम लोगों की है जो बहुत....         BIG NEWS : एनकाउंटर में मारा गया गैंगस्टर विकास दुबे         बस नाम रहेगा अल्लाह का...         BIG NEWS : सेना के काफिले पर आतंकी हमला, जवान समेत एक महिला घायल         BIG NEWS : लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने की थी बीजेपी नेता वसीम बारी की हत्या         दुबे के बाद क्या ?         मै हूं कानपुर का विकास...         BIG NEWS : रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने 6 पुलों का किया ई उद्घाटन, कहा-सेना को आवाजाही में मिलेगी सुविधा         BIG NEWS : कुख्यात अपराधी विकास दुबे उज्जैन के महाकाल मंदिर से गिरफ्तार         BIG MEWS : चुटुपालु घाटी में आर्मी का गाड़ी खाई में गिरा, एक जवान की मौत, दो घायल         BIG NEWS : सेना ने फेसबुक, इंस्टाग्राम समेत 89 एप्स पर लगाया बैन         BIG NEWS : बांदीपोरा में आतंकियों ने बीजेपी नेता वसीम बारी की हत्या, हमले में पिता-भाई की भी मौत         नहीं रहे शोले के ''सूरमा भोपाली'', 81 की उम्र में अभिनेता जगदीप का निधन         गृह मंत्रालय ने IPS अधिकारी बसंत रथ को किया निलंबित, दुर्व्यवहार का आरोप         BIG NEWS : कुलभूषण जाधव ने रिव्यू पिटीशन दाखिल करने से किया इनकार, पाकिस्तान ने दिया काउंसलर एक्सेस का प्रस्ताव        

जब गुजरात के छात्रों ने मुख्यमंत्री चिमनभाई पटेल को इस्तीफा देने को मजबूर कर दिया था

Bhola Tiwari Jan 07, 2020, 7:31 PM IST टॉप न्यूज़
img


अजय श्रीवास्तव

नई दिल्ली : गुजरात में "नवनिर्माण आंदोलन" की शुरुआत एक छोटी सी घटना को लेकर शुरू हुई थी।गुजरात सरकार ने सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज और अहमदाबाद के एलडी काँलेज के फूड बिल में 30% की वृद्धि कर दी।उन दिनों विभिन्न सरकारी हास्टलों में खाना 70/माह में मिलता था, बढ़े रेट की वजह से ये 100/माह हो गया।गरीब छात्र जो हाँस्टल में रहकर शिक्षा प्राप्त कर रहे थे, उन्हें अब परेशानी होने लगी थी।बहुत से गरीब छात्र हाँस्टल छोडने का मन बना रहे थे।एक दिन मेस में खाना खाते समय एक गरीब छात्र ने अपने दूसरे दोस्तों को कहा कि इस महीने के बाद मैं हाँस्टल में नहीं रह पाऊंगा, क्योंकि मेस का बिल उसकी पहुंच से बाहर हो गया है।मेस में हीं कुछ दबंग छात्रों ने ये फैसला लिया कि फूड बिल में वृद्धि के खिलाफ आंदोलन चलाया जाएगा और सरकार को फूड बिल में वृद्धि को हर हाल में रोकना होगा।

मीटिंग की अगली सुबह छात्र इंजीनियरिंग कॉलेज के गेट पर धरने पर बैठ गए।काँलेज के सभी छात्रों ने इस आंदोलन को खूब समर्थन दिया।धीरे धीरे ये चिंगारी आग बनकर पूरे गुजरात में फैल गई।छात्रों के आंदोलन से घबराई गुजरात सरकार ने इस आंदोलन को सख्ती से कुचलने की भी कोशिश की, मगर छात्रों पर जितना जुल्म होता आग और भड़क जाती थी।पहले ये छात्र आंदोलन था मगर बाद में समाज का हर तबका इससे जुड़ने लगा।

अहमदाबाद की यूनिवर्सिटी में हुई सीनेट की मीटिंग में ये तय किया गया कि अब विधायकों, सरकार, व्यापारियों और पुलिस दमन के खिलाफ एक बडा आंदोलन छेडा जाए।इस आंदोलन को नवनिर्माण आंदोलन का नाम दिया गया।

छात्रों ने सरकारी बसों पर कब्जा कर लिया, सरकारी संपत्तियों को तोडा जा रहा था।विशाल रैलियां निकाली जा रही थीं।आखिरकार पुलिस ने छात्रों पर फायरिंग कर दी तब ये आंदोलन और हिंसक हो गया।गुजरात के 52 ट्रेड यूनियन ने अपना सपोर्ट छात्रों को कर दिया तब ये आंदोलन निर्णायक मुकाम पर जा पहुंचा।गुजरात के 60 से अधिक शहरों में 26 जनवरी का कार्यक्रम कर्फ्यू में हुआ।आंदोलन में आम लोगों की सहभागिता का ये आलम था कि जो रैलियों में शामिल नहीं हो पाता वो अपने घरों की छत से थालियां बजाकर सरकार विरोधी नारे लगाता।रैलियों में चिमनभाई पटेल की अर्थियां निकाली जाती।

प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के आदेश पर चिमनभाई पटेल को इस्तीफा देना पडा।नए चुनाव कराए गए जिसमें कांग्रेस की बुरी तरह हार हुई थी।61 छात्रों की मौत समेत 88 लोग इस आंदोलन में मारे गए थे।73 दिन चले आंदोलन में 8053 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था और 184 पर मीसा लगाया गया।4342 टियरगैस के गोले छोड़े गए और पुलिस ने 1405 राउंड फायरिंग की थी।इतिहास गवाह है छात्रों के आंदोलन ने विश्व की मजबूत से मजबूत सत्ता को जड़ से उखाड़ फेंका है।

Similar Post You May Like

Recent Post

Popular Links