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ये आतंकी या रेपिस्ट नहीं, अपने ही देश की महिला है...

Bhola Tiwari Dec 08, 2019, 2:02 PM IST टॉप न्यूज़
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सबका साथ सबका विकास और पुलिस की मुस्तैदी

लखनऊ : मौका था दुष्कर्म की शिकार और उसके बाद जिंदा जला देने वाली लड़की की मौत के बाद गुस्से के इजहार का। सरकार की नीतियों के विरोध का। कानून और व्यवस्था पर सवाल का। लिहाजा उन्नाव की घटना लेकर लोग लखनऊ की सड़कों पर न्याय के लिए प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दरमियान एक दिलचस्प मगर वास्तविक सीरियल चलचित्र आंखों के सामने दौड़ पड़ी।




धरना-प्रदर्शन के दौरान पुलिस लाठीचार्ज आंदोलनकारियों को खदेड़ने के लिए होता है, उन्हें घेरकर पीटने के लिए नहीं। एक बेटी से दुष्कर्म और फिर उसे जिंदा जला देने के खिलाफ सड़क पर उतरी किसी महिला से हमारी पुलिस इतनी दहशत में क्यों थी ? आंदोलनकारियों को इस तरह बेरहमी से पीटकर पुलिस ने घोर अपरिपक्वता का परिचय दिया है। सड़क पर उतरने वाले यह लोग आतंकी नहीं आपके अपने ही थे। इनके जले पर नमक नहीं मरहम लगाइए...और यदि आपसे हो सके तो यही बहादुरी बलात्कारियों और हत्यारों पर दिखाइए।

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