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लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान आज: 12 राज्यों के 95 सीटों पर वोटिंग शुरु

Bhola Tiwari Apr 18, 2019, 8:27 AM IST टॉप न्यूज़
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 सेंट्रल डेस्क   :  लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान आज: 12 राज्यों के 95 सीटों पर वोटिंग लोकसभा चुनाव 2019 का आज दूसरा चरण  है।  देश के 12  राज्यों   की 95 सीटों पर वोटिंग शुरु हो गई है । कई जाने-माने चेहरों और दिग्गज नेताओं का भाग्य का फैसला आज ईवीएम में बंद हो जायेगा। पहले 97 सीटों पर वोटिंग होनी थी, लेकिन तमिलनाडु के वेल्लोर और त्रिपुरा-ईस्ट सीट पर चुनाव टल गया है। 95 सीटों में 52 सीटें तमिलनाडु और कर्नाटक की हैं।

बिहार: 5 सीटें - किशनगंज, कटिहार, पूर्णिया, भागलपुर, बांका 

 दूसरे चरण में  बिहार  में पांचों सीटों पर एनडीए की ओर से जेडीयू लड़ रही है। वहीं गठबंधन की ओर से 3 पर कांग्रेस और 2 सीटों पर आरजेडी है। 2014 के चुनाव में चार सीटें गठबंधन के खाते में गई थीं और पूर्णिया से जेडीयू जीती थी। अगर सामाजिक समीकरण की बात करें तो इनमें से अधिकतर सीटें मुस्लिम बहुल वाले इलाके में है। बांका सीट पर जेडीयू को बीजेपी के बागी उम्मीदवार का भी सामना करना पड़ रहा है तो किशनंगज में कांग्रेस की जेडीयू के अलावा ओवैसी की पार्टी से जबरदस्त मुकाबला है 

उत्तर प्रदेश: 8 सीटें - नगीना, अमरोहा, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा, आगरा, फतेहफुर सीकरी

 यूपी में  8 सीटों पर मतदान शुरु हो  चुका है। ये सभी सीटें बीजेपी के पास हैं। इस बार दो सीटों को छोड़कर बाकी पर माया बनाम मोदी हैं। हाथरस से एसपी और मथुरा से आरएलडी लड़ रही हैं। ज्यादातर सीटें दलित-मुस्लिम बहुल हैं। 8 में से 4 तो एससी के लिए आरक्षित हैं। ऐसे में गठबंधन के जातीय तिलिस्म को तोड़ना बीजेपी के लिए आसान नहीं होगा। हालांकि, सुरक्षित सीटों पर बीजेपी का प्रदर्शन एसपी और बीएसपी के मुकाबले बेहतर रहता है। वजह है कि रिजल्ट गैर-दलित वोट तय करते हैं। इस फेज में हेमा मालिनी, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर और बीएसपी में आए दानिश अली जैसे चेहरों के अग्नि परीक्षा हैं।

 पश्चिम बंगाल: 3 सीटें - जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग और रायगंज

 टीएमसी दो सीटों (दार्जिलिंग और रायगंज) पर हमेशा हारी है। दार्जिलिंग में बीजेपी, रायगंज में काग्रेस मजबूत है।जलपाईगुड़ी टीएमसी की पकड़ में है।

जम्मू कश्मीर: 2 सीटें - श्रीनगर और उधमपुर

 जम्मू कश्मीर में दो सीटों पर श्रीनगर और उधमपुर में मतदान हो रहा है। उधमपुर सीट बीजेपी के दबदबे वाली है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह इस बार फिर से मैदान में हैं। वहीं, श्रीनगर सीट अब्दुल्ला परिवार की कही जाती है। हालांकि 2014 में पीडीपी जीत गई। पर बाद के उपचुनाव में फारुख अब्दुल्ला फिर जीते। इस बार दिलचस्प यह है कि बीजेपी ने यहां से घाटी के बड़े चेहरे खालिद जहांगीर को उतारा है।

महाराष्ट्र: 10 सीटें - बुलढाणा, अकोला, अमरावती, हिंगोली, नांदेड़, परभणी, बीड, उस्मानाबाद, लातूर और सोलापुर

महाराष्ट्र की इन सीटों पर अलग-अलग समीकरण हैं। बुलढाणा से शिवसेना को लगातार तीसरी बार जीत की आस है। अमरावती में भी 25 साल से शिवसेना काबिज है। अकोला में तीन बार जीत चुके संजय धोत्रे को बीजेपी ने फिर उतारा है। सोलापुर कांग्रेस के बड़े नेता सुशील कुमार शिंदे का गृह क्षेत्र है। हालांकि पिछली बार वह मोदी लहर में हार गए थे। लातूर सीट कांग्रेस का गढ़ रही है। लेकिन बीजेपी ने भी जोर लगाया है। कुछ जगह बीएसपी भी लड़ रही है।

 कर्नाटक: 14 सीटें- उदीपी चिकमगलुर, हसन, दक्षिण कन्नड़, चित्रदुर्ग, टुकमुर, मांडया, मैसूर, चामराजनगर, बेंगलुरु ग्रामीण, बेंगलुरु नॉर्थ, बेंगलुरु सेंट्रल, बेंगलुरु साउथ, चिक्काबल्लापुर, कोलार

 इनमें 6-6 सीटें बीजेपी और कांग्रेस के पास हैं। पर इस बार कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन है इसलिए बीजेपी को कड़ी चुनौती मिल रही है। कांग्रेस 10 सीटों और जेडीएस 4 सीटों पर लड़ेगी। बीजेपी 13 सीटों पर लड़ रही है।

 तमिलनाडु: 38 सीटें -तिरुवल्लुर, चेन्नै नॉर्थ, चेन्नै साउथ, चेन्नै सेंट्रल, श्रीपेरूम्बुदूर, कांचीपुरम, अराक्कोनम, कृष्णागिरी घर्मापुरी, तिरुवन्नामलाई, अरानी, बिलुपुरम, कल्लाकुरुची, सलेम, नामाक्कल, इरोड, तिरुप्पुर, नीलगिरि, कोयम्बटूर, पोल्लाची, डिंडीगुल, करूर, तिरूचिरापल्ली, पेरंबलूर, कुड्डालोर,चिदंबरम, मइलादुथुरई, नागापट्टिनम, थन्जावुर, शिवगंगा, मदुरई, थेनी, विरुधुनगर, रामानाथपुरम, थूथुक्कुडी, टेनकासी, तिरूनेलबेली, कन्याकुमारी

 यहां एक सीट छोड़ बाकी सभी पर वोटिंग है। मुकाबला AIADMK और DMK के बीच ही है। करुणानिधि और जयललिता के बगैर यह पहला चुनाव है। बीजेपी और कांग्रेस का कुछ दांव पर नहीं है। दोनों क्षेत्रीय दलों के कंधों पर सवार हैं। इनकी जीत-हार केंद्र में सत्ता का समीकरण बना-बिगाड़ सकती है। बीजेपी AIADMK और कांग्रेस DMK के साथ है। 2014 में AIADMK 37 सीटें जीती थी।

 छत्तीसगढ़: 3 सीटें- राजनांदगांव, महासमुन्द, कॉकेर

 पिछली बार ये सभी सीटें बीजेपी के खाते में गई थीं। ये सभी सीटें नक्सल प्रभावित इलाके में हैं। डर के कारण यहां वोटिंग में लगातार गिरावट दर्ज हो रही है। पिछले साल दिसंबर में छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत मिलने के बाद कांग्रेस के हौसले बुलंद हैं। बीजेपी मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर वोट मांग रही है। कांग्रेस किसानों के मुद्दे और न्याय योजना पर वोट मांग रही है।

 ओडिशा: 5 सीटें -(विधानसभा चुनाव भी) - बारगढ़, सुंदरगढ़, बोलंगीर, कंधमाल, अस्का

 यहां पांच सीटों पर बीजेडी और बीजेपी की सीधी लड़ाई है। शहरों में बीजेपी और गांवों में बीजेडी मजबूत दिख रही है। हालांकि कांग्रेस और लेफ्ट चुनाव को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश में हैं। विधानसभा चुनाव के लिए भी यहां वोटिंग होगी।

 असम: 5 सीटें -करीमगंज, सिल्चर, स्वशासी जिले, मंगलदाई, नागाओं

 2014 में कांग्रेस सिल्चर और स्वशासी जीती थी। AIUDF ने करीमगंज और बीजेपी ने मंगलदाई व नागाओं सीट जीती थी। इस बार सारी सीटों पर कड़ी टक्कर है। बीजेपी ने एक सीट पर उम्मीदवार भी बदला है। प्रियंका गांधी ने सिल्चर में रोड शो भी किया था। बीजेपी की ओर से मोदी और शाह समेत कई बड़े नेता प्रचार कर चुके हैं। पांचों सीटों पर अल्पसंख्यकों के अलावा चाय बागान में काम करने वाले मजदूर और इससे जुड़े लोग निर्णायक भूमिका निभाते हैं।

जबकि पुड्डुचेरी में एक सीट-पुड्डुचेरी और मणिपुर की एक सीट आंतरिक मणिपुर में मतदान हो रहा है।

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