ब्रेकिंग न्यूज़
गुरूवर रविंद्रनाथ टैगोर की मशहूर कविता "एकला चलो रे" की राह पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव         पत्रकारिता में पद्मश्रियों और राज्यसभा की सांसदी के कलुष...         विकास का मॉडल देखना हो तो चीन को देखिए...         फरवरी में भारत आएंगे ट्रंप, अहमदाबाद में होगा 'हाउडी मोदी' जैसा कार्यक्रम         शर्मनाक : सीएम के आदेश के बावजूद सरकारी मदद पहुंचने से पहले मरीज की मौत         झारखण्ड मंत्रिमंडल लगभग तय ! अन्तिम मुहर लगनी बाकी         ऑस्ट्रेलिया का क्या होगा...         क्या चंद्रशेखर आजाद बसपा सुप्रीमो मायावती का विकल्प बन सकते हैं?         सबसे पहले जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग कीजिए...         जनता की सेवा करें विधायक : सोनिया गांधी         झाविमो कार्यसमिति घोषित : विधायक प्रदीप यादव एवं बंधु तिर्की को कमेटी में कोई पद नहीं         रायसीना डायलॉग में सीडीएस विपिन रावत ने तालिबान से सकारात्मक बातचीत की वकालत की         कवि और सामाजिक कार्यकर्ता अंशु मालवीय पर जानलेवा हमला         डॉन करीम लाला से मुंबई में मिलने आती थी इंदिरा गांधी : संजय रावत         भाजपा में विलय की उलटी गिनती शुरू, हेमंत सरकार से समर्थन वापस लेगा जेवीएम         भारत और सऊदी अरब से तनातनी की कीमत चुका रहा है मलेशिया         हिंदी पत्रकारिता का हाल क्रिकेट टीम के बारहवें खिलाड़ी सा...         बड़ी बेशर्मी से शर्मसार होने का रोग लगा देश को...         लाहौर टू शाहीन बाग : पाकिस्तान के लाहौर में बैठकर मणिशंकर अय्यर ने उड़ाया भारत का मजाक         क्यों मनाई जाती है मकर संक्रांति ?         अलोकप्रिय हो चुके नीतीश कुमार को छोडकर अपनी राहें तलाशनी होगी भाजपा को बिहार में         बाबूलाल जी की जी हजूरी, ये कैसी भाजपाइयों की मजबूरी         भाजपा में विलय की ओर बढ़ रहा झाविमो : प्रदीप यादव         जम्मू-कश्मीर : पुलिस का अधिकारी दो आतंकियों के साथ गिरफ्तार         जाली नोटों के कारोबार से हाई प्रोफाइल लाइफ जीते थे आरुष और रजनीशगर्लफ्रेंड के साथ घूमने निकला था आरुष1 घंटे में एक करोड़ के जाली नोट छाप सकता था यह गिरोहयू-ट्यूब से जाली नोट बनाना सीखा          आवाजाही की गवाही...         बड़ी खबर : 10 लाख रुपए के जाली नोटों से भरा बोलेरो पकड़ाया         विदेश की ओर चल निकले बाबूलाल मरांडी, भाजपा में शामिल हुए बाबूलाल !         CM हेमंत सोरेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की मुलाकात, कई मुद्दों पर डिस्कशन         अच्छे लोग जाएं तो जाएं कहां         आईपीएस वैभव कृष्ण को नेता-पत्रकार-पुलिस के सीडिंकेट के भ्रष्टाचार उजागर करने की सजा मिली         नियति के इस यज्ञ में...           नेपाल का माओवाद          दाऊद का दाहिना हाथ गैंगस्टर एजाज लकड़ावाला गिरफ्तार         पूर्व सीएम रघुवर दास, पूर्व सीएस समेत कई आईएएस अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज        

ऐ मेरे वतन के लोगों ज़रा याद करो 1000 साल पहले की कहानी...

Bhola Tiwari Nov 04, 2019, 1:15 PM IST टॉप न्यूज़
img


राजीव मित्तल

महमूद ग़ज़नवी के आक्रमण के समय समस्त उत्तर भारत में शिव बड़ा कि विष्णु को लेकर पूरा समाज शैव्य और वैष्णव समुदाय में बंटा हुआ था..

आर्यावर्त के इस माहौल का लाभ उठाने को पहली सदी के शुरू में ही गज़नवी सेना लेकर आ धमका तो उसे रोकने के लिये भारत के उस समय के प्रवेश द्वार हिन्दुकुश के राजपूत राजा जयपाल ने खासी तैयारी की थी.. पिछले चार सौ साल से आपस में ही मर-कट रहे राजपूतों में जयपाल पहला राजा था (सिंध का राजा दाहिर राजपूत नहीं था), जिसका मुकाबला विदेशी फौज से था..

जयपाल की भारी भरकम सेना में तीन सौ हाथी भी थे..लेकिन यही हाथी उसकी हार का कारण बने और उनकी भगदड़ और सुस्त चाल के चलते मामूली घुड़सवार सेना लेकर आये गज़नवी ने आराम से मैदान मार लिया..

1008 में गज़नवी फिर उसी रास्त से भारत में घुसा.. इस बार उसका रास्ता रोके था जयपाल का बेटा आनन्दपाल..पिछली बार के मुकाबले और ज्यादा विशाल सेना के साथ..पहली ही मुठभेड़ में गज़नवी को मुंह की खानी पड़ गयी.आनन्दपाल की फौज की मार से घबरा कर वो अपने घुड़सवारों को काबुल की ओर मोड़ने को ही था कि जिस हाथी पर आनन्दपाल सवार था, तीर लग जाने से वह जंग के मैदान से भाग खड़ा हुआ..

अपने राजा को भागता देख उसकी सेना में आतंक छा गया और फिर ऐसी भगदड़ मची कि गज़नवी की ऊपर अटक गयी सांस नीचे आयी.. अब उसके सामने पूरा हिन्दुस्तान था और हिन्दुस्तान में था सोमनाथ मंदिर, जिसकी लूट से उसने पूरे अफगानिस्तान की दरिद्रता दूर कर दी और भारत पर बार-बार आक्रमण करने को खासी बड़ी सेना बना ली...

तब ग़ज़नवी ने कहा था...--कि इस देश के मंदिरों में भगवान नहीं, बेईमान बैठे हैं और इस देश के बड़े बड़े दुर्गों में राजा नहीं, कायर रहते हैं..

एक हज़ार साल पहले सोमनाथ की लूट के समय इस देश में यही सब हो रहा था, जो 2019 हो रहा है...पूरे एक हजार साल बीत गए, पर हम नहीं सुधरे..आज भी साधू-संतों का बोलबाला है..आज भी यज्ञ और हवन हो रहे हैं, मन्त्र जाप हो रहे हैं, तंत्र साधना चल रही है..घर घर के दरवाज़े पर..कारों के भीतर सामने की ओर नींबू मिर्च की माला झूल रही है..

बताते हैं, महमूद जब गजनी से चला तो गुप्तचरों ने गुजरात के राजा को बता दिया था कि यह आक्रमणकारी देवसोमनाथ को लूटने आ रहा है.. गुजरात के राजा भीम सिंह ने अपने राजपुरोहित और सोमनाथ के पुजारियों से सलाह की कि देवसोमनाथ को कैसे बचाया जाय तो उन सब ने कहा कि पूरे राज्य से घी, दूध और धन इकट्ठा करो, हम यज्ञ, हवन और मृत्युंजय जाप करेंगे, जिससे महमूद यहाँ तक नहीं पहुंचेगा और रास्ते में ही अँधा हो जायेगा..

लेकिन महमूद अंधा नहीं हुआ और राजस्थान के राजपूत राजाओं को रौंदता हुआ गुजरात की सरहद तक पहुँच गया तो गुजरात का कायर राजा लड़ने की बजाय रातोरात गुजरात छोड़कर भाग गया..और जब महमूद देवसोमनाथ पहुंचा तो चंद पण्डे, पुजारियों को देखकर हैरान हो गया कि गजनी से सोमनाथ तक उससे कोई लड़ने तक नहीं आया और वो बिना किसी अवरोध के सैंकड़ो मील की यात्रा कर मन्दिर तक पहुँच गया..

पुजारियों को देखकर उसने पूछा कि ये क्या कर रहे हैं तो भक्तों ने बताया कि ये हवन, यज्ञ और महा मृत्युंजय जाप कर रहे हैं तुम्हें अन्धा करने के लिए..वही विधियाँ आज भी चल रही है, वोही हवन, वोही यज्ञ आज भी उसी रूप में जारी हैं..

सोमनाथ मन्दिर में अथाह धन देखकर महमूद बौरा गया कि एक मंदिर में यह इकट्ठा हुआ तो कैसे..भक्तों ने बताया कि भगवन सोमनाथ के चमत्कार से, जिनकी मूर्ति हवा में लटकी है...

इस चमत्कार को जानने के लिये महमूद ने गदा उठाई और मूर्ति पे दे मारी..मूर्ति टूट कर ज़मीन पर आ गिरी..पता चला की चारों तरफ लगे चुम्बक की वजह से वो मूर्ति हवा में विराजमान थी..

Similar Post You May Like

Recent Post

Popular Links