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6th JPSC : झारखंड हाईकोर्ट ने रिवाइज्ड प्रारंभिक परीक्षा के रिजल्ट को किया निरस्त

Bhola Tiwari Oct 21, 2019, 5:46 PM IST टॉप न्यूज़
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● हाईकोर्ट ने सरकार के विज्ञापन की शर्तों में किए गए बदलाव को खारिज किया

● हाईकोर्ट के इस फैसले से झारखंड के हजारों परीक्षार्थियों का भविष्य अधर में लटका


ऋषिकेश मुखर्जी

रांची : छठी जेपीएससी परीक्षा पर झारखंड हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने छठी जेपीएससी के रिवाइज्ड प्रारंभिक परीक्षा रिजल्ट को निरस्त कर दिया है। साथ ही विज्ञापन में दिए गए शर्तों के अनुसार रिजल्ट निकालने का आदेश दिया है। मेंस परीक्षा के परिणाम पर रोक को चुनौती देने वाली याचिका पर सोमवार को हाई कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया। प्रारंभिक परीक्षा में तीन बार संशोधनों के बाद 34 हजार 634 अभ्‍यर्थी सफल घोषित किए गए थे। हाईकोर्ट के इस फैसले से झारखंड के हजारों परीक्षार्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है।

हाईकोर्ट ने छठी जेपीएससी मामले में सरकार के विज्ञापन की शर्तों में किए गए बदलाव को खारिज कर दिया। अदालत ने निर्देश दिया है कि प्रथम प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम के आधार पर ही मुख्य परीक्षा का रिजल्ट प्रकशित किया जाए। 

गौरतलब है कि पहली बार छठी जेपीएससी का परिणाम वर्ष 2017 में आया था। तब करीब 5000 अभ्‍यर्थी पीटी में सफल घोषित किए गए थे। जिसे बाद में हाई कोर्ट के आदेश पर रिवाइज किया गया था। इससे पहले हाईकोर्ट ने 17 सितंबर को सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। 

कार्यवाहक चीफ जस्टिस एचसी मिश्र और जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने सोमवार को यह अहम फैसला सुनाया। इस संबंध में पंकज कुमार पांडेय ने अपील याचिका दायर कर कहा था कि जेपीएससी ने परीक्षा प्रक्रिया शुरू होने के बाद नियमों और शर्त में बदलाव किए हैं।

सरकार के आदेश और नियमों का हवाला देते हुए न्यूनतम अंक की अर्हता में बदलाव किया गया। अंक बदलने के कारण परीक्षा के परिणाम भी बदले और संशोधित परिणाम जारी किया गया। याचिका में कहा गया कि परीक्षा प्रक्रिया शुरू होने के बाद नियमों और शर्त में बदलाव नहीं किया जा सकता। इस संबंध में सरकार का कहना था की छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस तरह की अधिसूचना जारी की थी और इस तरह के मामलों को सुप्रीम कोर्ट ने भी सही ठहराया है।

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