ब्रेकिंग न्यूज़
अब तानाजी के वीडियो में छेड़छाड़ कर पीएम मोदी को दिखाया शिवाजी         सरकार का नया दांव : जनसंख्या नियंत्रण कानून...         हम भारत के सामने बहुत छोटे हैं, बदला नहीं ले सकते : महातिर मोहम्मद         तीस साल बीतने के बावजूद कश्मीरी पंडितों की सुध लेने वाला कोई नहीं, सरकार की प्राथमिकता में कश्मीर के अन्य मुद्दे         हेमंत सोरेन को मिला 'चैम्पियन ऑफ चेंज' अवॉर्ड         जेपी नड्डा भाजपा के नए अध्यक्ष, मोदी बोले-स्कूटर पर साथ घूमे         नए दशक में देश के विकास में सबसे ज्यादा 10वीं-12वीं के छात्रों की होगी भूमिका : मोदी         CAA को लेकर केरल में राज्यपाल और राज्य सरकार में ठनी         इतिहास तो पूछेगा...         सेखुलरी माइंड गेम...         अफसरों की करतूत : पत्नियों की पिकनिक के लिए बंद किया पतरातू रिजाॅर्ट         गुरूवर रविंद्रनाथ टैगोर की मशहूर कविता "एकला चलो रे" की राह पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव         पत्रकारिता में पद्मश्रियों और राज्यसभा की सांसदी के कलुष...         विकास का मॉडल देखना हो तो चीन को देखिए...         फरवरी में भारत आएंगे ट्रंप, अहमदाबाद में होगा 'हाउडी मोदी' जैसा कार्यक्रम         शर्मनाक : सीएम के आदेश के बावजूद सरकारी मदद पहुंचने से पहले मरीज की मौत         झारखण्ड मंत्रिमंडल लगभग तय ! अन्तिम मुहर लगनी बाकी         ऑस्ट्रेलिया का क्या होगा...         क्या चंद्रशेखर आजाद बसपा सुप्रीमो मायावती का विकल्प बन सकते हैं?         सबसे पहले जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग कीजिए...         जनता की सेवा करें विधायक : सोनिया गांधी         झाविमो कार्यसमिति घोषित : विधायक प्रदीप यादव एवं बंधु तिर्की को कमेटी में कोई पद नहीं         रायसीना डायलॉग में सीडीएस विपिन रावत ने तालिबान से सकारात्मक बातचीत की वकालत की         कवि और सामाजिक कार्यकर्ता अंशु मालवीय पर जानलेवा हमला         डॉन करीम लाला से मुंबई में मिलने आती थी इंदिरा गांधी : संजय रावत         भाजपा में विलय की उलटी गिनती शुरू, हेमंत सरकार से समर्थन वापस लेगा जेवीएम         भारत और सऊदी अरब से तनातनी की कीमत चुका रहा है मलेशिया         हिंदी पत्रकारिता का हाल क्रिकेट टीम के बारहवें खिलाड़ी सा...         बड़ी बेशर्मी से शर्मसार होने का रोग लगा देश को...         लाहौर टू शाहीन बाग : पाकिस्तान के लाहौर में बैठकर मणिशंकर अय्यर ने उड़ाया भारत का मजाक         क्यों मनाई जाती है मकर संक्रांति ?         अलोकप्रिय हो चुके नीतीश कुमार को छोडकर अपनी राहें तलाशनी होगी भाजपा को बिहार में        

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय मुसलमान,संबधों पर समीक्षा

Bhola Tiwari Oct 14, 2019, 3:16 PM IST टॉप न्यूज़
img


अजय श्रीवास्तव

 राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत आरएसएस की शीर्ष निर्णय निर्धारण संस्था "अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल" की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि समाज को एकजुट करना आवश्यक है और सभी वर्गों को एक साथ आगे बढ़ना चाहिए।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इस दिशा में काम कर रही है।हमारी किसी के प्रति कोई घृणा नहीं है।एक बेहतर समाज बनाने के लिए हमें एक साथ आगे बढ़ना चाहिए जो देश में बदलाव ला सकें और विकास में मदद दे सकें।

मोहन भागवत ने ये भी कहा कि हमारी इच्छा है कि आरएसएस ठप्पा हट जाए और आरएसएस तथा समाज एक समूह के तौर पर काम करे।चलिए सारा श्रेय समाज को दें।भारत के लोग विविध संस्कृति, भाषाओं, भौगोलिक स्थानों के बावजूद खुद को एक मानते हैं।एकता के इस अनूठे एहसास के कारण मुस्लिम, पारसी और अन्य धर्मों से संबंधित लोग देश में सुरक्षित महसूस करते हैं।पारसी भारत में काफी सुरक्षित हैं और मुस्लिम भी खुश हैं।उन्होंने आगे कहा कि सही तरीका यह है कि ऐसे उत्कृष्ट इंसान तैयार किये जाएं जो समाज को बदलने तथा देश की कायापलट करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकें क्योंकि 130 करोड़ लोगों को एकसाथ बदलना मुमकिन नहीं होगा।

सरसंघचालक मोहन भागवत ने जो कहा अक्षरतः सत्य है, तो क्या संघ अपनी छवि को बदल रहा है?राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर मुस्लिम विरोधी होने का जो ठप्पा कई दशकों से लगा है,उस छवि से मोहन भागवत निजात पाना चाहते हैं।भागवत जी के भाषण से तो यही प्रतीत होता दिखता है।आपको याद दिला दें पिछली साल दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित तीन दिवसीय व्याख्यान माला के दूसरे दिन "भविष्य का भारत" विषय पर बोलते हुए उन्होंने कहा था कि जिस दिन हम कहेंगे कि हमें मुसलमान नहीं चाहिए उस दिन हिंदुत्व नहीं रहेगा।मुसलमानों के बगैर हिंदुत्व की कल्पना बेमानी है।

सरसंघचालक मोहन भागवत ने शिक्षाविद सर सय्यद अहमद खान का उद्धरण देते हुए कहा कि जब सर सैय्यद अहमद ने बैरिस्टर की पढ़ाई पूरी की तो लाहौर में आर्य समाज ने उनका अभिनंदन किया।आर्यसमाज ने इसलिए अभिनंदन किया था क्योंकि सर सय्यद अहमद खान मुस्लिम समुदाय के पहले छात्र थे जिन्होंने बैरिस्टर बनने की पढ़ाई की थी।भागवत ने बताया कि उस समारोह में सर सय्यद अहमद खान ने कहा कि मुझे दुख है कि आप लोगों ने मुझे अपनों में शुमार नहीं किया।

मुझे लगता है कि संघ अपनी छवि को बदलना चाहता है, मोहन भागवत सर्वधर्मसमभाव की अवधारणा के सिद्धांत को संघ से जोड़ना चाहते हैं, जो सही भी है।कट्टर हिंदू संगठन की छवि को तोड़कर संघ हर धर्म, संप्रदाय, जाति में पैठ बनाना चाहती है जो जरूरी भी है।आपके सेवाभाव और सामाजिक कार्यों के तो सभी मुतमईन हैं मगर अब आपकी निगाहें अल्पसंख्यक कल्याण और भाईचारे पर है जो काबिलेतारीफ है।

मोहन भागवत की छवि सभी सरसंघचालकों से अलहदा है।एक भाषण में उन्होंने कहा था कि संघ के संस्थापक डा.हेडगेवारजी जी के इतर भी हमें सोचना है और आगे बढ़ना है।दरअसल कुछ लोग मुसलमानों के ऊपर संघ के संस्थापक डा.हेडगेवार के उस बयान को याद दिला रहे थे जिसमें डा.हेडगेवार ने कहा था कि हिंदू-मुसलमानों की एकता की कल्पना भ्रम मात्र है।

सरसंघचालक मोहन भागवत संघ की इसी कट्टर छवि को तोड़ने की कोशिश कर रहें हैं जो वर्तमान परिपेक्ष्य में जायज भी है।कोई भी संस्था की पूर्ण स्वीकारोक्ति तभी होगी जब उसमें सभी धर्मों के लोग शामिल होंगे।मोहन भागवत ने इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया है और उसके परिणाम भी सामने आने लगें हैं।

कहते हैं कि चाँद में भी दाग है,वैसे हीं सरसंघचालक मोहन भागवत के कुछ बयान विवादास्पद है।आपने मुसलमानों पर कटाक्ष करते हुए अमेरिका में कहा था,"जंगल का राजा, राँयल बंगाल टाइगर भी अकेला हो तो जंगली कुत्ते उसे घेरकर,हमला करके मार दे सकते हैं।"

व्यापक दृष्टिकोण रखने वालों को इस तरह के सतही बयानों से बचना होगा।मुसलमानों को भी बहुसंख्यक हिंदू समाज से तारतम्य बैठाना होगा और उनके समाज में बेहद कमलोग जो गोहत्या करते हैं या गोमांस खाते हैं, उन्हें समझाना होगा।उत्तर भारत में दोनों समुदायों में फसाद की मुख्य जड़ गोहत्या है।दोनों समुदाय में एकजुटता से हीं हम उन्नति के पथ पर अग्रसर हो सकते हैं।

Similar Post You May Like

Recent Post

Popular Links