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हूमायूं को "कोहिनूर हीरा" किसने दिया था?

Bhola Tiwari Oct 10, 2019, 7:45 PM IST टॉप न्यूज़
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अजय श्रीवास्तव

पानीपत का प्रथम युद्ध 21 अप्रैल 1526 में पानीपत के मैदान में काबुल के तैमूरी शासक जहीरुद्दीन बाबर की बेहद छोटी सेना और दिल्ली के सुल्तान इब्राहिम लोदी की बड़ी सेना के बीच हुआ था।दिल्ली के सुल्तान इब्राहिम लोदी के पास लगभग एक लाख पैदल सैनिक थे,दस हजार के आसपास हाथी और घोडे से लैस सिपाही थे जो बेहद प्रशिक्षित थे।बाबर के पास तकरीबन पचीस हजार के पास सैनिक थे मगर बाबर के पास वो अस्त्र था जो लोदी के पास नहीं था और वही इस युद्ध में निर्णायक साबित हुआ।बाबर काबुल से गोला-बारूद और तोपों को लेकर आया था, जिसकी वजह से हीं मुगल साम्राज्य की नींव पड़ी।

पानीपत के मैदान में दोनों सेनाएं आमनेसामने हुईं और युद्ध आरंभ हो गया।बाबर के सिपहसालारों ने तोप से गोलीबारी शुरू कर दी।इब्राहिम लोदी की सेना ने कभी गोलीबारी देखी नहीं थी।हाथी और घोडा तोपों से छुटते धमाकों से बिदग गए और वे अपने हीं सैनिकों को कुचलकर भागने लगे।इब्राहिम लोदी की सेना में मची भगदड़ का फायदा उठाकर बाबर की सेना ने चारों तरफ से आक्रमण कर दिया।लोधी के बहुत से सैनिक मार दिये गए और बहुतों ने आत्मसमर्पण कर दिया।बाबर ने पानीपत की पहली लडाई बडी आसानी से जीत ली।

पानीपत का युद्ध जीतने के बाद बाबर का बडा बेटा हुमायूं अन्य छोटी छोटी रियासतों को जीतने निकला।पास के एक रियासत शमशाबाद को कब्जा कर लिया।शमशाबाद के किले में ग्वालियर के महाराज की विधवा,उनकी दो जवान बेटियाँऔर एक बेटा रह रहा था।हुमायूं भी उसी किले में उन दिनों रह रहा था।ग्वालियर के महाराज के परिवार की सुरक्षा के लिए उसने बेग वैस के नेतृत्व में 50 सैनिकों की नियुक्ति कर रखी थी।

एक रात शोरगुल होने पर उसकी नींद खुली तो उसने देखा कि 18 साल की राजकुमारी अपना वस्त्र ठीक कर रही है और अपनी इज्ज़त के लिए गिडगिडा रही थी,दरअसल बेग वैस की नीयत 18 साल की बडी राजकुमारी के ऊपर खराब हो गई थी।बेग वैस जबरजस्ती उसे अपने कमरे में ले जा रहा था।हुमायूं ने तुरंत बेग वैस को रोका और सैनिकों को आदेश दिया कि उसे तुरंत गिरफ्तार कर कालकोठरी में डाल दे।

दूसरे दिन हुमायूं विधवा महारानी से मिला और उसने खेद प्रकट किया।महारानी जो बहुत सी भाषाओं की ज्ञाता थीं उसने हुमायूं से फारसी में बात की और अपने संदूक से एक बेशकीमती हीरा "कोहिनूर" हुमायूं को भेट करते हुए कहा मेरे लिए मेरी बेटी की इज्ज़त सर्वोपरि है।आपने मेरी बच्ची की इज्ज़त बचाकर मेरे ऊपर बहुत बडा ऐहसान किया है और मैं ये बेशकीमती हीरा इसी वजह से आपको भेंट कर रही हूं।तभी से कोहिनूर हीरा मुगल सल्तनत की शान में चार चाँद लगाता रहा।वर्तमान में ये बेशकीमती हीरा इंग्लैंड की महारानी के पास सुरक्षित है।

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