ब्रेकिंग न्यूज़
समाज को ढेर सारी फूलन चाहिए।         BIG STORY : धरती की बढ़ती उदासी में चमक गये अरबपति         BIG NEWS : गृह मंत्रालय ने जारी किये दिशा-निर्देश, जानिए कब तक बंद रहंगे स्कूल-कॉलेज         दुनिया के अजूबों में शामिल है मीनाक्षी मंदिर         BIG NEWS :15 अक्टूबर से खुलेंगे सिनेमा हॉल और मल्टीप्लेक्स         BIG NEWS : बाबरी ढांचा विध्वंस केस में कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी किया         हाथरस के बहाने नंगा होता लोकतंत्र !         देश में ऐसे भी दरिंदे जिंदा है...         BIG NEWS : चीन की चाल पर लगाम लगाने के लिए जापान में होगी क्वाड देशों की अहम बैठक         चोरी कौन कर रहा, हम या सरकार         इस ​नदी से अपने आप ​निकलते हैं शिवलिंग, रहस्य जानकर उड़ जाएंगे होश         भारत ने लद्दाख केंद्रशासित प्रदेश का अवैध तरीके से किया गठन, हम नहीं देते मान्‍यता : चीन         BIG NEWS : भारत विरोधी गतिविधियों में लिप्त एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भारत में बंद किया अपना कामकाज, FCRA नियमों के उल्लंघन के बाद बैंक अकाउंट्स फ्रीज         BIG NEWS : बिहार भाजपा चुनाव प्रभारी देवेंद्र फडणवीस मां के दरबार रजरप्पा पहुंचे         BIG NEWS : जेपी नड्डा से मिले चिराग पासवान, भाजपा के 30 सीटों के ऑफर पर राजी होने के संकेत         BIG NEWS : आतंकियों ने ली एक और बेकसूर कश्मीरी की जान; शोपियां में सरकारी कर्मचारी की नृशंस हत्या         देह व्यापार अपराध नहीं..         ऐसा अनोखा मंदिर जहां प्रकृति खुद करती है शिव का अभिषेक         युधिष्ठिर ने की थी लोधेश्वर महादेव की स्थापना         बॉलीवुड में ड्रग नहीं, ड्रग में बॉलीवुड...         BIG NEWS : पुलवामा में सुरक्षाबलों ने लश्कर के दो आतंकवादियों को मार गिराया, जवान घायल         संकट में पत्रकार         BIG NEWS : 104 सीट पर जदयू और 100 पर भाजपा लड़ेगी         दुनिया का इकलौता मंदिर, जहां होती है भोलेनाथ के पैर के अंगूठे की पूजा         बाबा रामदेव ने बॉलीवुड में स्वच्छता अभियान को ठहराया सही कदम          बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय जदयू में शामिल         BIG NEWS : पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह का निधन         पोस्टर्स पर चमकते नीतीश क्या क्या भूल चुके हैं?         सुंदर वर या वधू चाहिए तो भगवान भूतेश्वर की शरण में आएं         BIG NEWS : कृषि बिलों पर एनडीए में टूट : हरसिमरत के इस्तीफे के 9 दिन बाद पार्टी गठबंधन से अलग हुई         BIG NEWS : पूर्व CM रघुवर दास और कोडरमा सांसद अन्नपूर्णा देवी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तो समीर उरांव बने अनुसूचित जाति-जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष         BIG NEWS : राम जन्मभूमि विवाद के बाद अब मथुरा का मामला पहुंचा कोर्ट         BIG NEWS : जब भारत मजबूत था तो किसी को सताया नहीं; जब मजबूर था, तब किसी पर बोझ नहीं बना : MODI         BIG NEWS : भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बनाई अपनी नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी, पहली बार होंगे 12 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और 23 प्रवक्ता         शाहीनबाग की दादी " टाइम" की दरोगा क्यों?         BIG NEWS : संयुक्त राष्ट्र महासभा में इमरान खान के भाषण का भारत ने किया बहिष्कार, भारतीय प्रतिनिधि ने किया वॉकआउट         बिहार विधानसभा चुनाव : आपके जिले में किस दिन पड़ेंगे वोट, जानें किस सीट के लिए कब होगा मतदान         चुनाव की तारीख का ऐलान होते ही लालू ट्विटर पर बोल पड़े "उठो बिहारी, करो तैयारी... अबकी बारी"         यहां अर्धरात्रि में पंचमुखी शिवलिंग के दर्शनों को आते हैं हजारों सांप         रकुलप्रीत और रिया का ड्रग्सवाला दोस्ताना         BIG NEWS :बिहार विधानसभा के बाद विधान परिषद चुनाव की तारीखों का ऐलान        

दशहरे पर भारतवासियों के नाम रावण का संदेश !

Bhola Tiwari Oct 08, 2019, 9:50 AM IST टॉप न्यूज़
img


 ध्रुव गुप्त

सभी भारतवासियों को दशहरे की शुभकामनाएं।आज का यह दिन राम के हाथों मेरी पराजय और मृत्यु का दिन है। यह मेरे लिए उत्सव का दिन है क्योंकि एक योद्धा के लिए विजय और पराजय से ज्यादा बड़ी बात उसका पराक्रम है। मुझे गर्व है कि अपने जीवन के अंतिम युद्ध में मैं एक योद्धा की तरह लड़ा और मरा। आप कह सकते हो कि मुझमें अहंकार था और यही अहंकार मेरे पराभव का कारण बना। यही अहंकार मेरी तमाम विद्वता और ज्ञान को ले डूबा। मैं स्वीकार करता हूं कि मुझमें अहंकार था। इसी अहंकार में मुझसे कुछ अपराध भी हुए हैं। लेकिन आपमें से कौन है जिसमें थोड़ा या बहुत अहंकार नहीं और जिसने अपने जीवन में कोई अपराध नहीं किया है ? अपने अपराध का दंड मृत्यु के रूप में मैं राम से पा चुका हूं। उनके हाथों मरने के बाद भी राम के प्रति मेरे मन में अगाध श्रद्धा है। राम ज्ञानी थे। वे भी शिवभक्त थे और मैं भी। वे मेरी विद्वता का सम्मान करते थे। मेरी मृत्यु पर वे दुखी भी बहुत हुए थे। मेरे कुछ दुर्गुणों के बावजूद वे मेरे ज्ञान और मेरी शासन-प्रणाली के प्रशंसक थे। मेरे मरने से पहले उन्होँने ज्ञान की याचना के लिए अपने भ्राता लक्ष्मण को मेरे पास भेजा था। 

युद्ध मेरे और राम के बीच हुआ था। युद्ध में किसी एक पक्ष को मरना था। राम ने मुझे मारा और मैंने अपनी मृत्यु को विनम्रता से स्वीकार किया। अब आप कौन हो जो सहस्त्रों सालों से निरंतर जलाए जा रहे हो मुझे ? एक अपराध की कितनी बार सज़ा होती है आप हिन्दुओं के नीतिशास्त्र में ? आपकी संस्कृति में तो युद्ध में लड़कर जीतने वालों का ही नहीं, युद्ध में लड़कर मृत्यु को अंगीकार करने वाले योद्धाओं को भी सम्मान देने की परंपरा रही है। फिर हर साल एक योद्धा की मृत्यु का उत्सव किस लिए ? राम के चरित्र और पराक्रम को थोडा और बड़ा दिखाने के लिए मुझे थोड़ा और चरित्रहीन और दुराचारी दिखाना संभवतः आपकी विवशता है। मैंने आपके साथ क्या दुराचार किया था ? अपनी बहन शूर्पणखा के अपमान का बदला लेने के लिए मैंने देवी सीता का अपहरण अवश्य किया था, लेकिन उनके साथ मैंने कभी कोई अमर्यादित आचरण नहीं किया। आपके ऋषि बाल्मीकि ने भी मेरे इस आचरण की पुष्टि करते हुए लिखा है - 'राम के वियोग में दुखी सीता से रावण ने कहा कि यदि आप मेरे प्रति काम-भाव नहीं रखती तो मैं आपका स्पर्श नहीं कर सकता।' आपके शास्त्रों में वंध्या, रजस्वला और अकामा स्त्री के स्पर्श का निषेष है। मैंने अपने प्रति अकामा सीता का स्पर्श न करके शास्त्रोचित मर्यादा का ही पालन किया था।

आपसे मेरी एक शिकायत यह भी है कि जलाने के पहले मेरे इतने कुरूप और वीभत्स पुतले आप क्यों बनाते हो ? वास्तव में मैं ऐसा कुरूप नहीं था। मेरे दस सिर भी नहीं थे। लोगों द्वारा मेरे दस सिर की कल्पना मात्र यह दिखाने के लिए थी कि मुझमें दस लोगों के बराबर बुद्धि थी और बल भी। जैसा कि आप सोचते हो, मैं सदा प्रचंड क्रोध से नहीं भरा रहता था और न बात-बेबात अट्टहास ही किया करता था। मुझमें शिष्टाचार भी था और स्थितियों के अनुरूप आचरण का विवेक भी। देखने में मैं आपके राम से कम रूपवान नहीं था। तब मेरे रूप-रंग और शारीरिक सौष्ठव के उदाहरण दिए जाते थे। स्वयं राम मुझे पहली बार देखकर मोहित हो गए थे। मुझपर विश्वास नहीं तो आप अपने ऋषि वाल्मीकि के ये शब्द पढ़ो - 'अहो रूपमहो धैर्यमहोत्सवमहो द्युति:।अहो राक्षसराजस्य सर्वलक्षणयुक्तता॥' अर्थात रावण को देखते ही राम मुग्ध हो जाते हैं और कहते हैं कि रूप, सौंदर्य, धैर्य, कांति सहित सभी लक्षणों से युक्त रावण में यदि अधर्म बलवान न होता तो वह देवलोक का भी स्वामी बन जाता।' 

कहीं हर वर्ष मुझे जलाकर और मेरी हत्या का समारोह मनाकर आप अपने भीतर के काम, क्रोध और अहंकार से आंखें चुराने का प्रयास तो नहीं कर रहे होते हो ? यदि ऐसा है तो यह आपके लिए भी घातक है। अहंकार मेरे पतन का कारण बना। आपको दशहरे पर किसी को जलाना हो तो अपने भीतर के अहंकार को ही जलाओ ! मैंने आपका कुछ नहीं बिगाड़ा। जिसका बिगाड़ा था, वह मुझे दंड दे चुका है। आश्चर्य मुझे इस बात का भी है कि मुझ सारस्वत ब्राह्मण पुलस्त्य ऋषि के पौत्र और विश्रवा के पुत्र को आप महाज्ञानी ब्राह्मण भी कहते हो और उस महाज्ञानी ब्राह्मण की हत्या का समारोह भी करते हो। क्या यह राक्षसी आचरण नहीं है ?

हे भारतवासियों, सहस्त्रों वर्षों से दहन की यातना झेलते-झेलते मैं अब थक चुका हूं। आपके लंबे इतिहास में मैं अकेला अपराधी नहीं था। मुझसे भी बहुत बड़े-बड़े अभिमानी, दुराचारी और हत्यारे आपके यहां हुए हैं। मेरा अपराध उनसे बड़ा नहीं था, फिर भी मैं अकेला ही जल रहा हूं हर वर्ष। क्या मुझे इस अपमान से मुक्ति कभी नहीं मिलेगी ? मुझे सम्मान चाहे न दो, कम से कम यह सोचकर ही मुझे अपने हाल पर छोड़ दो कि अगर यह रावण नहीं होता तो आपके राम को आज कोई याद भी नहीं करता !

Similar Post You May Like

Recent Post

Popular Links