ब्रेकिंग न्यूज़
BIG STORY : अस्तित्व बचाने के लिए कांग्रेस को "कामराज प्लान"लागू करना होगा         BIG NEWS: सीसीएल के सीएमडी को क्या सीवीओ के गाइडलाइन की जानकारी नहीं या फिर उन्हें किसी की परवाह नहीं         BIG NEWS : भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष सौरभ गांगुली बुधवार को होम क्वारंटीन         BIG NEWS : बिहार के रोहतास में धर्मान्तरण का खुल्ला खेल          BIG NEWS : अगर ठोस कदम नहीं उठाया गया तो कोरोना वायरस की महामारी बद से बदतर होती जाएगी : टेड्रोस एडनाँम ग्रेब्रीयेसोस         BIG NEWS : बारामूला से अगवा बीजेपी नेता को सुरक्षाबलों ने कराया मुक्त         BIG NEWS : राज्य में बुधवार को मिले रिकार्ड 316 कोरोना के नए मरीज, दो मरीजों की मौत          BIG NEWS : राहुल बोले - कांग्रेस से जो जाना चाहता है जा सकता है!          BIG NEWS : चीन के हुवावे को भारत का करारा जवाब है Jio5G         BIG NEWS : LOC के पास एक पाकिस्तानी घुसपैठिया गिरफ्तार         BIG NEWS : बारामूला में आतंकियों ने बीजेपी नेता को किया अगवा, तलाश जारी         BIG NEWS : 15 अगस्त को लॉन्च हो सकती है देश की पहली कोरोना वैक्सीन         CBSE 10th Result : लड़कियों का पास प्रतिशत 93.31 फीसदी और लड़कों का 90.14 फीसदी रहा         BIG NEWS : पाकिस्तान आर्मी का नया कारनामा, बकरीद पर जिबह के लिए फौजी कसाई सर्विस लॉन्च         बिहार में बाढ़ की शुरुआत और नेपाल का पानी छोड़ना          BIG NEWS : राज्य में मंगलवार को रिकार्ड 247 कोरोना मरीज, तीन संक्रमितों की हुई मौत          BIG NEWS : अमेरिका के बाद ब्रिटेन ने भी Huawei को किया बैन         BIG NEWS : छवि रंजन बने रांची के नये डीसी, झारखंड में 18 IAS अधिकारियों का तबादला         BIG NEWS : विकास दुबे की तरह मेरा एनकाउंटर करना चाहते थे डीएसपी और इंस्पेक्टर : भोला दांगी         BIG NEWS : श्रीनगर पुलिस हेडक्वार्टर सील, जम्मू कश्मीर में कुल 10827 कोरोना के मरीज         BIG NEWS : भारत-चीन के बीच चौथे चरण की कोर कमांडर स्तर की बैठक शुरू, कई अहम मुद्दों पर होगी चर्चा         BIG NEWS : सचिन पायलट पर कार्रवाई, उप मुख्यमंत्री के पद से हटाए गए         नेपाल पीएम के बिगड़े बोल, कहा – “नेपाल में हुआ था भगवान राम का जन्म, नेपाली थे भगवान राम”         CBSE 12वीं का रिजल्ट : देश में 88.78% स्टूडेंट पास         BIG NEWS : सेना प्रमुख एमएम नरवणे जम्मू पहुंचे, सुरक्षा स्थिति का लिया जायजा         अनंतनाग एनकाउंटर में 2 आतंकी ढेर         बांदीपोरा में 4 OGWS गिरफ्तार, हथियार बरामद         BIG NEWS : हाफिज सईद समेत 5 आतंकियों के बैंक अकाउंट फिर से बहाल         BIG NEWS : लालू यादव का जेल "दरबार", तस्वीर वायरल         मान लीजिए इंटर में साठ प्रतिशत आए, या कम आए, तो क्या होगा?         BIG NEWS : झारखंड में रविवार को कोरोना संक्रमण से 6 मरीजों की मौत, बंगाल-झारखंड सीमा सील         BIG NEWS : सोपोर में सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी, अब तक 2 आतंकी ढेर         BIG NEWS : देश में PMAY के क्रियान्वयन में रामगढ़ नंबर वन         BIG NEWS : श्रीनगर में तहरीक-ए-हुर्रियत के चेयरमैन अशरफ सेहराई गिरफ्तार         BIG NEWS : ऐश्वर्या राय बच्चन और आराध्या बच्चन की कोरोना रिपोर्ट आई पॉजिटिव         BIG NEWS : मध्यप्रदेश की राह पर राजस्थान !         अमिताभ बच्चन ने कोरोना के खौफ के बीच सुनाई थी उम्मीद भरी कविता, अब..         .... टिक-टॉक वाले प्रकांड मेधावियों का दस्ता         BIG BRAKING : नक्सलियों नें कोल्हान वन विभाग कार्यालय व गार्ड आवास उड़ाया         BIG NEWS : महानायक अमिताभ बच्चन के बाद अभिषेक बच्चन को भी कोरोना         BIG NEWS : अमिताभ बच्चन करोना पॉजिटिव        

समरथ को नहीं दोष गुंसाईं...

Bhola Tiwari Sep 28, 2019, 11:10 AM IST टॉप न्यूज़
img


 कबीर संजय

पर्यावरण एक्टिविस्ट ग्रेटा थंबर्ग और उनके काम को लेकर लिखी गई अपनी पिछली पोस्ट पर आई कुछ प्रतिक्रियाओं से हैरत में हूं। सचमुच हमारे समाज में लोग कितना ज्यादा बीमार हो गए हैं। अपनी बीमारी को उन्होंने सिर का ताज समझ लिया है। उनके दिमाग में घुसे विषाणु एक सोलह वर्षीय किशोरी के पर्यावरण सुधारने के लिए की जा रही अपीलों के भी खिलाफ खड़े हैं। वे इस छोटी बच्ची के प्रयासों पर भी जोक और फोटोशॉप बना रहे हैं। उसे बदनाम करने में कोई कसर छोड़ नहीं रहे हैं। 

आखिर ग्रेटा से हमारी दुश्मनी क्या है। पिछली पोस्ट में भी मैंने कहा था कि व्यक्तिकेन्द्रित प्रदर्शनों और आंदोलनों की सफलता बेहद सीमित होती है। सामूहिक समस्याओं के हल सामूहिक होते हैं और उनके लिए व्यापक आंदोलन की जरूरत भी पड़ती है। इस अर्थ में ग्रेटा थंबर्ग के आंदोलन की सफलता सीमित है। लेकिन, अक्सर ही कोई एक व्यक्ति या एक घटना एक बड़े आंदोलन की प्रतीक बन जाती है। जैसे निर्भया हमारे समाज में बलात्कार और क्रूर हत्या का एक प्रतीक बन गई। वह सिंबल पूरे समाज को एकजुट करता है। 

ग्रेटा आज पूरी दुनिया में पर्यावरण संकट का एक प्रतीक बन चुकी हैं। दुनिया भर में लोग उनका समर्थन कर रहे हैं। समझ लें कि यह समर्थन ग्रेटा का नहीं है, उन मुद्दों का है, जिसे वे पुरजोर तरीके से उठा रही हैं। 

दुनिया का पर्यावरण सुधारने के लिए अमेरिका में हुई बैठक बेनतीजा ही रही है। अमेरिका को अपना कार्बन उत्सर्जन घटाने में कोई रुचि नहीं है। बल्कि वह उसे बढ़ाने में ही लगा हुआ है। जबकि, चीन का कहना है कि जब अमेरिका नहीं घटा रहा है तो हम क्यों घटाएं। भारत ने वायदे बड़े-बड़े किए हैं। लेकिन, सभी को जन्नत की हकीकत मालूम है। 

जब दुनिया को सबसे ज्यादा प्रदूषित करने वाले देश ही कार्बन कम उत्सर्जित करने पर सहमत नहीं हो पा रहे हैं तो जाहिर है कि जनता को ही अपने आंदोलनों-प्रदर्शनों से सरकारों को मजबूर करना होगा। ताकि वे पूंजीपति के मुनाफे की नहीं बल्कि इस पृथ्वी की चिंता करें। इस लड़ाई को लाखों-हजारों लोग लड़ रहे हैं। ग्रेटा भी उनमें से एक है। ग्रेटा के विरोध में ट्रंप खड़े हों या हमारे यहां के पूंजीपति और राजनेता, यह तो समझ में आता है। लेकिन, हम क्यों पूंजीपति के पक्ष में खड़े हों। ग्रेटा पर जोक और फोटोशाप बनाने में हमारा क्या स्वार्थ है। हम क्यों उसे बदनाम करने में जुटे हुए हैं। 

हमारे यहां सदियों से वीआईपी कल्चर रहा है। समरथ को नहीं दोष गुंसाईं। हमारे यहां का मूलमंत्र है। तभी तो अपने भाई की पत्नी पर कब्जा करने वाला, उसे जुएं में दांव पर लगाने वाला हमारे यहां धर्मराज है। अपने शिष्य का अगूंठा काट लेने वाले के नाम पर द्रोणाचार्य सम्मान दिया जाता है। यह लिस्ट बहुत लंबी है। चिन्मयानंद द्वारा किए जा रहे बलात्कारों और पापों के बाद भी वह पूजनीय है। मुझे याद है कि आसाराम बापू और राम रहीम के जेल जाने के बाद भी उसके समर्थक अपने गुरु के पक्ष में जुटे हुए हैं। उनके मन में भरोसा टूट जाने की नफरत क्यों नहीं है। क्यों नहीं वे ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा की मांग करते हैं। ताकि कोई दूसरा धर्म के नाम पर ऐसा करने की हिम्मत नहीं कर सके। 

पर्यावरण बचाने के लिए चलने वाले आंदोलन पूंजीवाद के खिलाफ है। इसलिए पूंजीपति इस आंदोलन के सारे प्रतीकों को भ्रष्ट करने में लगा हुआ है। उसे अपना काम करने दीजिए। हम तो अपनी सासें यानी आक्सीजन बचाने का प्रयास करें।

(फोटो मांट्रियल की है, जहां पर क्लाईमेट क्राइसिस के विरोध में सरकारों के निकम्मेपन के खिलफ पचास हजार से ज्यादा लोग जमा हुए। इंटरनेट से साभार)

Similar Post You May Like

Recent Post

Popular Links