ब्रेकिंग न्यूज़
बारामूला में हिजबुल मुजाहिदीन का एक OGW गिरफ्तार, हैंड ग्रेनेड बरामद         अंदरखाने खोखला, बाहर-बाहर हरा-भरा...!         BIG NEWS : आतंकियों के साथ मिले जम्मू-कश्मीर पुलिस के निलंबित डीएसपी देविंदर सिंह के खिलाफ चार्जशीट दायर         BIG NEWS : LAC पर चीनी सेना ने टेंट, वाहन और सैनिकों को 2 किलोमीटर तक पीछे हटाया         BIG NEWS : खालिस्तानी समर्थक संगठन “सिख फॉर जस्टिस” पर बड़ी कार्रवाई, 40 वेबसाइट्स बैन         BIG NEWS : चीन का मोहरा बना पाकिस्तान, POK में अतिरिक्त पाकिस्तानी फोर्स तैनात         हुवावे बैन : चीनी राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग को बड़ा झटका         BIG NEWS : चीन की शह पर रात के अंधेरे में सरहद पर फौज तैनात कर रहा है पाकिस्तान         गोडसे की अस्थियां अपने मुक्ति को...         दिल्ली-एनसीआर में बार-बार क्यों कांप रही धरती...         इस्कॉन के प्रमुख गुरु भक्तिचारू स्वामी का अमेरिका में कोरोना की वजह से निधन         BIG NEWS : कुलगाम एनकाउंटर में सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को मार गिराया         BIG NEWS : लेह अस्पताल पर उठे सवाल, आर्मी ने दिया जवाब, "बहादुर सैनिकों की उपचार की व्यवस्था को लेकर सवाल उठाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण"         BIG NEWS : JAC ने जारी किया 11वीं का रिजल्ट, 95.53 फीसदी छात्रों को मिली सफलता         कानपुर: चौबेपुर के SHO विनय तिवारी सस्पेंड, विकास दुबे से मिलीभगत का आरोप         राजौरी में आतंकी ठिकाने का पर्दाफाश, कई हथियार बरामद         BIG NEWS : विस्तारवाद पर दुनिया में अकेला पड़ गया चीन, भारत के साथ खड़ी हो गई महा शक्तियां         गुरु पूर्णिमा के दिन 5 जुलाई को लगेगा चंद्र ग्रहण, इन राशियों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर         BIG NEWS : कराची में आतंकवादी हाफिज सईद के सहयोगी आतंकी मौलाना मुजीब की हत्या         BIG NEWS : भारत ने बॉलीवुड प्रोग्राम के पाकिस्तानी ऑर्गेनाइजर रेहान को किया ब्लैकलिस्ट         क्या रोक सकेंगे चीनी माल         BIG NEWS : सरहद पर मोदी का ऐलान, दुनिया में विस्तारवाद का हो चुका है अंत, PM मोदी के लेह दौरे से चीन में खलबली         BIG NEWS : CRPF जवान और 6 साल के बच्चे को मारने वाला आतंकी श्रीनगर एनकाउंटर में ढेर         भारत में बनी कोविड वैक्सीन 15 अगस्त तक होगी लॉन्च         BIG NEWS : आतंकवादियों से लोहा लेते हुए श्रीनगर में झारखंड का लाल शहीद         BIG NEWS : अचानक सुबह लेह पहुंचे पीएम मोदी, जांबाज जवानों से मिले और हालात का लिया जायजा         बॉलीवुड में फिर छाया मातम, मशहूर कोरियोग्राफर सरोज खान का निधन         BIG NEWS : गुंडों ने बरसाई अंधाधुंध गोलियां, सीओ समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद         श्रीनगर एनकाउंटर में सुरक्षा बलों ने एक आतंकी को मार गिराया, 1 जवान शहीद         BIG NEWS : चीन की राजदूत हाओ यांकी के इशारे पर ओली गा रहे हैं ओले ओले...         बोत्सवाना में क्यों मर रहे हैं हाथी...         BIG NEWS : पुलवामा हमले का एक और आरोपी गिरफ्तार         झारखंड में हेमंत सोरेन की सरकार गिर जाएगी : सांसद निशिकांत दुबे         BIG NEWS : बीजेपी का नया टाइगर         BIG BREAKING : रामगढ़ के पटेल चौक पर दो ट्रेलर के बीच फंसी कार, दो की मौत, आधा दर्जन लोग कार में फसे         BIG NEWS : चीन को बड़ा झटका; DHL के बाद FedEX ने बंद की चीन से भारत आने वाली शिपमेंट सर्विस        

जब "जूनागढ़ रियासत" ने भारत में विलय से इंकार कर दिया था

Bhola Tiwari Sep 20, 2019, 12:17 PM IST टॉप न्यूज़
img


अजय श्रीवास्तव

द्वितीय विश्वयुद्ध के परिणाम ने ये तय कर दिया था कि कमजोर हो चुकी "ब्रितानी हुकूमत" भारत को आजाद कर देगी।महारानी ने भारत को आजाद करने के लिए कुछ तेजतर्रार आफिसर भारत भेजे जो समयबद्ध तरीके से भारत को आजाद करने की दिशा में काम कर रहे थे।देश बंटवारा एक ऐसा जख्म था जो आजतक नासूर बन चुभ रहा है।

रियासतों के एकीकरण का काम आजादी से पहले शुरू हो चुका था।27 जून,1947 को माउंटबेटन ने सरदार पटेल की सरपरस्ती में "राज्य विभाग" का पुनर्गठन किया।सरदार पटेल ने इस काम के सहयोगी के तौर पर वीपी मेनन को चुना जो बेहद चतुर कूटनीतिज्ञ और समझदार व्यक्ति थे।05 जुलाई,1947 को तत्कालीन गृहमंत्री सरदार पटेल ने सभी रियासतों को पत्र लिखकर तीन शर्तों के साथ भारत में विलय का न्योता दिया।उन्होंने लिखा कि रियासतों की प्रतिरक्षा,विदेश और संचार का जिम्मा भारत सरकार का होगा और बाकी के विभाग जैसे राजस्व इत्यादि उनके जिम्मे हीं रहेंगे।

उन दिनों बहुत सी रियासतों के पास काफी धन दौलत हुआ करती थी और उनके पास अपनी सेनाएं भी थी।लार्ड माउंटबेटन दूरदर्शी थे और उन्होंने समझ लिया था कि अगर रियासतें भारत या पाकिस्तान में शामिल नहीं होंगी तो आजादी बेमतलब रह जाएगी।माउंटबेटन बलपूर्वक रियासतों को मिलाने के खिलाफ थे और ये बात उन्होंने कांग्रेस के नेताओं को स्पष्ट कह दिया था।

आजादी से दो हफ्ते पहले माउंटबेटन ने "चैंबर ऑफ प्रिंसेस" के राजाओं और नवाबों की बैठक बुलाई और अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि उनकी ब्रिटेन की महारानी के प्रति वफादारी अब खत्म होती है और अब वे अपने और अपनी रियाया के भविष्य के लिए खुद जिम्मेदार हैं।माउंटबेटन ने उन्हें चेतावनी देते हुए कहा कि आप अपने सबसे नजदीक पडोसी यानी आजाद भारत से भाग नहीं सकेंगे और न हीं लंदन की महारानी आपकी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेंगी।बेहतर होगा कि आप आजाद होने की मुगालते दिल में न पालें, ये संभव नहीं है।अगर आप विलय पर सहमत हो जाते हैं तो मैं आपके लिए कांग्रेस की निर्वाचित सरकार से कुछ बेहतर शर्तें मनवा पाऊं।

माउंटबेटन के इस बैठक के बाद बहुत से राजा,नवाबों ने तरह तरह के प्रश्न उठाए मगर माउंटबेटन ने सभी से स्पष्ट कह दिया कि हर हाल में रियायत का विलय करना हीं होगा,बाद में सरकार कुछ भी करेगी तो इसकी जिम्मेदारी ब्रिटिश साम्राज्य की नहीं होगा क्योंकि अब हम भारत और पाकिस्तान को एक स्वत्रंत देश के रूप में मान्यता दे रहें हैं।माउंटबेटन के अनुरोध के बाद लगभग सभी रियासतों ने विलय संधि पर हस्ताक्षर कर दिये।तीन बडी रियासतें हैदराबाद,कश्मीर और जूनागढ़ के नवाबों ने विलय के प्रस्ताव को ठुकरा दिया और अपने आप को स्वत्रंत घोषित कर दिया।

मैंने कश्मीर और हैदराबाद रियासत के विलय की कहानी आपको बताई है आज चर्चा जूनागढ़ रियासत की।रियासत जूनागढ़ पर बाबी राजवंश का शासन था और शेर खान बाबी ने 1654 में जूनागढ़ पर कब्जा किया था।1807 में जूनागढ़ राज्य में एक ब्रिटिश संरक्षित बन गया और ईस्ट इंडिया कंपनी ने आधिपत्य ले लिया।जूनागढ़ के आसपास की सभी रियासतों ने भारत में विलय कर लिया था।उन दिनों जूनागढ़ रियासत की जनसंख्या तकरीबन सात लाख थी,जिसमें 80% हिंदू थे।रियासत के अधिकांश हिंदू चाहते थे कि रियासत का विलय भारत के साथ हो जाए।

भारत की आजादी के समय महावत खान जूनागढ़ के नवाब थे।उन्होंने 14 अगस्त,1947 को जूनागढ़ का पाकिस्तान में विलय की घोषणा कर दी,दरअसल जिन्ना ने महावत खान को बरगला रखा था दूसरी तरफ जिन्ना जूनागढ़ को लेकर कश्मीर पर बातचीत में भारत सरकार पर दबाव बनाना चाहते थे।एक महीने की चुप्पी के बाद पाकिस्तान ने इस विलय को मंजूरी दे दी।

सरदार पटेल रियासतों के विलय के मामलों में बेहद सख्त थे और उन्होंने माउंटबेटन के इस बात की भी अंदेखी कर दी कि रियासतों का विलय शांतिपूर्ण होगा,पुलिसिया कार्रवाई नहीं की जाएगी।सरदार पटेल ने जूनागढ़ के दो बडे प्रांत मांगरोल और बाबरियावाड़ सेना भेजकर कब्जा कर लिया।

सरदार पटेल के इस निर्णय से माउंटबेटन काफी खफा हुऐ मगर वे जानते थे कि सरदार पटेल को मनाया नहीं जा सकता।प्रधानमंत्री नेहरू उन दोनों के बीच खडे थे और वे जानते थे कि एक बार माउंटबेटन उनकी बात मान जाएंगे मगर पटेल से उम्मीद रखना बेमानी होगी।इसी दौरान बांबे में जूनागढ़ की अंतरिम सरकार बनी और सरकार ने वहां की हिंदू जनता को विलय के लिए उकसाना शुरू कर दिया।।जूनागढ़ में रोज आंदोलन शुरू हो गया और एक दिन चुपचाप वहाँ का शासक महावत खान कराची,पाकिस्तान भाग गया।नवंबर,1947 के पहले हफ्ते में रियायत का कामकाज देखरहे बेनजीर भुट्टो के नाना शाहनवाज भुट्टो ने रियासत की पाकिस्तान में विलय को रद्द करते हुए भारत में विलय की घोषणा कर दी।

लार्ड माउंटबेटन ने जूनागढ़ में सैन्य कार्रवाई की खुलेआम निंदा की और अपनी नाराजगी जाहिर की।सरदार पटेल ने उन्हें बताया कि वहाँ की जनता रियासत का विलय भारत में चाहती थी मगर महावत खान ने जिन्ना के भडकावे पर पाकिस्तान में विलय कर लिया।माउंटबेटन को खुश करने के लिए सरदार पटेल ने जूनागढ़ में जनमत संग्रह करवाया, जिसमें वहाँ की जनता को ये तय करना था कि वो जूनागढ़ का विलय भारत या पाकिस्तान, किसमें चाहते हैं।जूनागढ़ की 90% जनता ने जनमतसंग्रह में भारत में विलय की मंजूरी दी।इस जनमतसंग्रह को माउंटबेटन ने भी माना और 20 फरवरी,1948 को जूनागढ़ भारत का हिस्सा बन गया।

आपको बता दें जूनागढ़ में जनमतसंग्रह की तरह पाकिस्तान कश्मीर में जनमतसंग्रह चाहता है और उन्होंने इसकी मांग संयुक्त राष्ट्र संघ में भी कई बार रखी है।भारत सरकार ने पाकिस्तान के इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया था और अभी भी भारत सरकार जनमतसंग्रह पर बात करना नहीं चाहती है।भारत जानता है कि जनमतसंग्रह पर भारत का वही हाल होगा जो जूनागढ़ में महावत खान का हुआ था।

Similar Post You May Like

Recent Post

Popular Links