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तबरेज अंसारी मौत के मामले में हटायी गयी हत्या की धारा

Bhola Tiwari Sep 10, 2019, 6:10 PM IST टॉप न्यूज़
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रांची : तबरेज अंसारी मॉब लिंचिंग मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कार्डियक अरेस्ट से उसकी मौत की वजह सामने आने के बाद पुलिस ने मामले में 11 आरोपियों से मर्डर का चार्ज हटा दिया। अब उन पर गैर इरादतन हत्या का मामला चलेगा।

बकौल पुलिस डॉक्टरों की रिपोर्ट में तबरेज की मौत तनाव और कार्डियक अरेस्ट की वजह से हुई बताया गया है। इसी आधार पर चार्जशीट दाखिल हुई। 

गौरतलब है कि सरायकेला-खरसावां में चोरी के कथित आरोप में भीड़ द्वारा पीटे गए तबरेज अंसारी की मौत हो गई थी। पुलिस ने आईपीसी की धारा 302 के तहत 11 आरोपियों पर दर्ज मामले को खारिज कर दिया। पिछले महीने चार्जशीट में धारा 304 के तहत मामला दर्ज किया था। रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने इससे पहले अंसारी की पत्नी की शिकायत पर दर्ज एफआईआर में आरोपियों पर हत्या का आरोप लगाया था। 

इस संबंध में सरायकेला-खरसावां के एसपी कार्तिक एस ने कहा कि धारा 304 के तहत आरोप पत्र दायर करने की दो वजह है।

 पहली वजह तबरेज अंसारी की मौके पर मौत नहीं हुई। ग्रामीणों का अंसारी को मारने का कोई इरादा नहीं था। दूसरी वजह यह है कि मेडिकल रिपोर्ट में हत्या के आरोप की पुष्टि नहीं हुई। अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि अंसारी की मृत्यु कार्डियक अरेस्ट के कारण हुई है। चिकित्सा रिपोर्ट में कहा गया कि मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट और सिर की चोट थी।

  आपको याद होगा 17 जून की रात धातकीडीह गांव में चोरी के आरोप में तबरेज अंसारी को ग्रामीणों ने रात भर पीटा। 18 जून को खरसावां पुलिस गांव पहुंची और तबरेज को सदर अस्पताल में भर्ती कराया। वहां चिकित्सकों ने स्वस्थ होने का हवाला देकर तबरेज को पुलिस को सौंप दिया और पुलिस ने उसे जेल भेज दिया। 22 जून को उसकी तबीयत बिगड़ी तो जेल पुलिस ने सदर अस्पताल भेज दिया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।

इस मामले में सबसे रोचक तथ्य एसडीएम की रिपोर्ट है। सरायकेला एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि तबरेज से मारपीट के बाद पुलिसवालों की लापरवाही और तीन डॉक्टरों ने उसका सही से इलाज नहीं किया, जिस वजह से उसकी मौत हो गई। रिपोर्ट में यह बात भी कही गई थी कि तबरेज के साथ हुई मारपीट के बाद तबरेज को इलाज की जरूरत थी। लेकिन पुलिस ने उसे नजरअंदाज करते हुए उसे जेल भेज दिया। झारखंड हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता पंकज कुमार यादव के अधिवक्ता राजीव कुमार ने ये जानकारी दी थी।

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