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पीएम मोदी की आलोचना बंद करने की तीन वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की सलाह और कांग्रेसी पार्टी

Bhola Tiwari Aug 24, 2019, 9:04 AM IST टॉप न्यूज़
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अजय श्रीवास्तव

कांग्रेस के तीन वरिष्ठ नेताओं ने अपनी पार्टी को सलाह दी है कि वे बेवजह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करना बंद करें, इससे कुछ हासिल होने वाला नहीं है।

सबसे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि पीएम मोदी के शासन का माँडल "पूरी तरह नकारात्मक गाथा" नहीं है और उनके काम के महत्व को स्वीकार नहीं करना और हर समय उन्हें खलनायक की तरह पेश करके कुछ हासिल नहीं होने वाला है।यह वक्त है कि हम मोदी के काम और 2014 से 2019 के बीच उन्होंने जो किया उसके महत्व को समझें, जिसके कारण वह सत्ता में लौटें।इसी के कारण 30% मतदाताओं ने उनकी सत्ता वापसी करवाई।


कांग्रेस के बडे नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने अपने सहयोगी जयराम रमेश का समर्थन करते हुए शुक्रवार को कहा कि "मैंने हमेशा कहा है कि मोदी को खलनायक की तरह पेश करना गलत है।सिर्फ इसलिए नहीं कि वह देश के प्रधानमंत्री हैं,बल्कि ऐसा करके एक तरह से विपक्ष उनकी मदद करता है।काम हमेशा अच्छा, बुरा या मामूली होता है।काम का मूल्यांकन व्यक्ति नहीं बल्कि मुद्दों के आधार पर होना चाहिए, जैसे उज्जवला योजना कुछ अच्छे कामों में एक है।"


अपने वरिष्ठ सहयोगियों के बयान से तिरूवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर भी सहमत नजर आए।उन्होंने ट्विटर पर लिखा,"अगर आप जानते हैं तो मैं छह साल से कहता आ रहा हूँ कि जब मोदी अच्छा कहें या करें तो उनकी प्रशंसा होनी चाहिए।इससे वह गलती करेंगे तो हमारी आलोचना को विश्वसनीयता मिलेगी।मैं इस बात का स्वागत करता हूँ कि विपक्ष के अन्य नेता भी उस विचार को मानने लगें हैं।"

मैं इनके बयान को व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखता हूँ, मैं ये नहीं जानता कि उनके मन में क्या है लेकिन उनका ये बयान मोदी के अच्छे कामों की तारीफ करता है और बेवजह आलोचना के लिए आलोचना करने वालों को आईना दिखाता है।यद्यपि भारत की राजनीति में में विपक्ष की सराहना यदाकदा हीं दिखता है, ये हमारी संस्कृति नहीं है बल्कि इसको इस तरह कह सकते हैं कि हम लोग हमेशा विपक्ष की आलोचना पर हीं अपने आप को फोकस किये रहते हैं।इन तीन वरिष्ठ नेताओं का बयान किसी को पच नहीं रहा है।कांग्रेस के प्रवक्ता ने इस विषय पर बडी रूखी प्रतिक्रिया दी है और कहा कि ये उनके व्यक्तिगत विचार हैं और इस विषय पर उनसे हीं बात करनी चाहिए।

सबसे घटिया प्रतिक्रिया बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने दी,उन्होंने कहा कि चिताबंरम के कानूनी शिकंजे में फंसने के बाद कांग्रेस नेताओं ने पीएम का गुणगान शुरू कर दिया है।

लगातार गर्त में जा रही कांग्रेस अभी भी जमीनी हकीकत को समझने में नाकामयाब है या ये हो सकता है कि मोदी विरोध की ज्वाला इतनी तेज धधक रही है कि वे मोदी के तारीफ में कुछ सुनना हीं नहीं चाहती।सोनिया,प्रियंका और राहुल गांधी को अपनी राजनीति का फिर से मूल्यांकन करना होगा।सिर्फ विरोध के लिए विरोध करने से विश्वसनीयता पर संकट खडा हो जाता है।मीडिया उनके तयशुदा परसेप्शन पर कागज काला कर देता है।लिखने और पढ़ने वाला तो यही सोचता है कि उनका बयान सरकार की नीतियों के खिलाफ हीं होगा।

विपक्ष की आलोचना करने में भाजपा भी खूब आगे है।आपको याद होगा जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं बने थे तो उन्होंने आधार कार्ड, मनरेगा, जीएसटी, आर्थिक मंदी जैसे मुद्दों पर सरकार की खूब आलोचना की थी मगर जब वे सत्तारूढ़ हुए तो यूपीए के कामों को उन्होंने आगे बढ़ाया क्योंकि वे योजनाएं वाकई अच्छे थे।

भारतीय राजनीति में विपक्ष सरकार के अच्छे कामों की तारीफ यदाकदा हीं करता है जो गलत है।मोदी सरकार ने बहुत से अच्छे काम किये हैं उसमें उज्जवला योजना प्रमुख है।अगर अच्छे कामों की तारीफ हो रही है तो ये स्वस्थ्य लोकतंत्र के लिए बहुत अच्छा है।

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