ब्रेकिंग न्यूज़
TIT FOR TAT : आंखों में आंख डालकर खड़ी है भारतीय सेना         BINDASH EXCLUSIVE : गिलगित-बाल्टिस्तान में बौद्ध स्थलों को मिटाकर इस्लामिक रूप दे रहा है पाकिस्तान         अब पाकिस्तान में भी सही इतिहास पढ़ने की ललक जाग रही है....         BIG NEWS : लेह से 60 मजदूर रांची पहुंचे, एयरपोर्ट पर अभिभावक की भूमिका में नजर आए सीएम हेमंत सोरेन         BIG NEWS : CM हेमंत सोरेन का संकेत, सूबे में बढ़ सकता है लॉकडाउन !         कश्मीर जा रहा एलपीजी सिलेंडर से भरा ट्रक बना आग का गोला, चिंगारी के साथ बम की तरह निकलने लगी आवाजें         BIG NEWS : मशहूर ज्योतिषी बेजन दारूवाला का निधन, कोरोना संक्रमण के बाद अस्पताल में थे भर्ती         नहीं रहे अजीत जोगी          BIG NRWS  : IED से भरी कार के मालिक की हुई शिनाख्त         SARMNAK : कोविड वार्ड में ड्यूटी पर तैनात जूनियर डॉक्टर से रेप की कोशिश         BIG NEWS : चीन बोला, मध्यस्थता की कोई जरूरत नहीं, भारत और चीन भाई भाई         BIG NEWS : लद्दाख पर इंडियन आर्मी की पैनी नजर, पेट्रोलिंग जारी         BIG NEWS : डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा, चीन से सीमा विवाद पर मोदी अच्छे मूड में नहीं         BIG STORY : धरती की बढ़ती उदासी में चमक गये अरबपति         समाजवादी का कम्युनिस्ट होना जरूरी नहीं...         चीन और हम !         BIG NEWS : CRPF जवानों को निशाना बनाने के लिए जैश ने रची थी बारूदी साजिश !         BIG NEWS : अमेरिका का मुस्लिम कार्ड : चीन के खिलाफ बिल पास, अब पाक भी नहीं बचेगा         एयर एशिया की फ्लाइट से रांची उतरते ही श्रमिकों ने कहा थैंक्यू सीएम !         वियतनाम : मंदिर की खुदाई के दौरान 1100 साल पुराना शिवलिंग मिला         BIG NEWS : पुलवामा में एक और बड़े आतंकी हमले की साजिश नाकाम, आईईडी से भरी कार बरामद, निष्क्रिय         झारखंड के चाईबासा में पुलिस और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़, 3 उग्रवादी ढेर 1 घायल         भारतीय वायु सेना की बढ़ी ताकत, सियाचिन बॉर्डर इलाके में चिनूक हैलीकॉप्टर किए तैनात          क्या किसी ने ड्रैगन को म्याऊं म्याऊं करते सुना है ?         सत्ताइस साल बाद क्यों भयंकर हुए टिड्डे...         BIG NEWS : दो महीने का बस भाड़ा नहीं लेंगे और ना ही फीस बढ़ाएंगे निजी स्कूल         BIG NEWS : घुटने के बल आया चीन, कहा- दोनों देश एक दूसरे के दुश्मन नहीं         BIG NRWS : बिना परीक्षा दिए प्रमोट होंगे इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक के विद्यार्थी         CBSE EXAMS : जो छात्र जहां फंसा है, अब वहीं दे सकेगा बची परीक्षा         BIG NEWS : भारत में फंसे 179 पाकिस्तानी नागरिक अटारी-वाघा बार्डर के रास्ते अपने वतन लौटे         इंडियन आर्मी देगी माकूल जवाब, भारत नहीं रोकेगा निर्माण कार्य         नेहरू जी ने भरे संसद में ये कहा था कि चीन पर विश्वास करना उनकी बडी भूल थी....         BIG NEWS : अमेरिका के बाद भारत और WHO आमने-सामने, इंडियन वैज्ञानिकों ने WHO के सुझाव को नकारा         भारत के 'चक्रव्यूह' में फंसेगा 'ड्रैगन'         युद्ध की तैयारी में चीन !         BIG NEWS : रांची के रिम्स में जब पोस्टमार्टम से पहले जिंदा हुआ मुर्दा         अमेरिका ने चीन की 33 कंपनियों को किया ब्लैकलिस्ट, ड्रैगन भी कर सकता है पलटवार         BIG NEWS : भारत अड़ंगा ना डालें, गलवान घाटी चीन का इलाका        

दोबारा लौटेगा जंगल का शहजादा !!!

Bhola Tiwari Aug 13, 2019, 6:07 AM IST कॉलमलिस्ट
img


 कबीर संजय

क्या जंगल का शहजादा चीता दोबारा भारत लौटेगा। सुप्रीम कोर्ट के रुख से अब इसकी उम्मीद बंधती दिख रही है। अगर सब कुछ सही दिशा में चला तो अफ्रीका के नामीबिया के चीते मध्यप्रदेश के नौरादेही के जंगलों में दौड़ते हुए दिखाई पड़ सकते हैं। 

दुनिया में बड़ी बिल्लियों की आठ प्रजाति पाई जाती है। इनमें से जेगुआर और प्यूमा दो ऐसी प्रजातियां हैं जो केवल अमरीकी महाद्वीप में पाई जाती है। भारत की वन्यजीवन की खूबसूरती और विशेषता रही है कि बाकी छह प्रजातियां---शेर यानी लायन, बाघ यानी टाइगर, तेंदुआ यानी लेपर्ड, हिम तेंदुआ यानी स्नो लेपर्ड, बादली तेंदुआ यानी क्लाउडेड लेपर्ड और चीता कभी भारत के अलग-अलग जंगलों में स्वच्छंद विचरण किया करते थे। 

लेकिन, अंधाधुंध शिकार और पर्यावास छिनने के चलते इनमें से चीता भारत से विलुप्त हो गया। माना जाता है कि 1947 में अंतिम तीन चीते मार डाले गए थे। इसके बाद संभवतः 1952 में इसे विलुप्त घोषित कर दिया गया। 

चीता एकमात्र बड़ा जानवर है जो हाल की सदियों में भारत से विलुप्त हुआ है। इससे पहले शेर लगभग विलुप्ति की कगार पर पहुंचकर वापसी कर चुके हैं। 

चीता को दोबारा भारत में बसाने की कार्ययोजना पर लगभग दस साल पहले काम शुरू किया गया था। उस समय भारत में तीन स्थानों राजस्थान के शाहगढ़ और मध्यप्रदेश के नौरादेही और कूनोपाल पुर के जंगलों में इन्हें बसाने की योजना थी। तत्कालीन केन्द्रीय मंत्री जयराम रमेश नामीबिया में जाकर चीते देख भी आए थे। लेकिन, कुछ दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम के चलते चीता के आने पर रोक लग गई। 

दरअसल,सुप्रीम कोर्ट में गिर के शेरों की कुछ आबादी को अन्यत्र बसाने को लेकर बहस चल रही थी। गुजरात सरकार इसका विरोध कर रही थी। वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना था कि शेरों की आबादी को बचाए रखने के लिए ऐसा करना जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट में बहस के दौरान यह मुद्दा आया कि कूनोपाल पुर में शेरों को बसाया जाना है। इस पर गुजरात सरकार ने कहा कि वहां पर तो चीते बसाए जाने हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने उस समय बाहर से लाकर किसी प्रजाति को बसाए जाने पर रोक लगा दिया था। वर्ष 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने शेरों की आबादी के एक हिस्से को कूनो पालपुर में बसाने के निर्देश दिए। यह भी एक अलग किस्सा है कि किस तरह से बीते छह सालों में सुप्रीम के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया गया। शेर अपने छोटे से घर में कसमसा रहे है। 

अच्छी खबर यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने अब नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथारिटी को यह कहा है कि उसे चीता को भारत में बसाए जाने से आपत्ति नहीं है। अब इस पर विशेषज्ञों को अपनी राय सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करनी है। जिसके बाद चीता को दोबारा भारत में बसाने की प्रक्रिया पर काम शुरू हो सकता है। 

अगर ऐसा होता है तो यह भी एक बड़ी ऐतिहासिक परिघटना होगी। जिस पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी होंगी। 

(चीते की तस्वीर इंटरनेट से)

Similar Post You May Like

Recent Post

Popular Links