ब्रेकिंग न्यूज़
BIG NEWS : झारखंड के लातेहार में 7 लड़कियों समेत 8 की तालाब में डूबने से मौत, पीएम मोदी ने जताया शोक         BIG NEWS : पंजाब कांग्रेस विधायक दल की बैठक खत्म, सोनिया गांधी तय करेंगी अगले CM का नाम         BIG NEWS : कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दिया इस्तीफा, इस्तीफे के बाद बोले कैप्टन- सुबह ही ले लिया था फैसला, अपमान हुआ         प्रियंका चोपड़ा जोनास बनने का मतलब लेखक बनना है का ?@!         BIG NEWS : चीन पाकिस्तान के बीच नया परमाणु समझौता भारत ही नहीं दुनिया के लिए बेहद खतरनाक         BIG NEWS : ऑस्ट्रेलिया की पूरी आबादी के बराबर इंडिया में 1 दिन में वैक्सीनेशन         BIG NEWS : कांग्रेस आलाकमान ने माँगा CM अमरिंदर का इस्तीफा, कैप्टन बोले- पार्टी छोड़ दूंगा..         जम्मू कश्मीर के लाइट इन्फेंट्री में शामिल हुए 460 जवान, ड्रोन हमलों से निपटने के लिए तैयार         BIG NEWS : जम्मू कश्मीर प्रशासन ने 'राष्ट्र विरोधी गतिविधियों' में शामिल सरकारी कर्मचारियों की जांच के लिए स्क्रीनिंग कमेटी का किया गठन         BIG NEWS : कुलगाम में आतंकियों ने पुलिसकर्मी की गोली मारकर की हत्या, हमलावरों की तलाश जारी         BIG NEWS : तालिबान को लेकर केंद्र सरकार अलर्ट, देश में पहली बार सभी ATS चीफ और खुफिया एजेंसियों की बुलाई बैठक         BIG NEWS : जम्मू कश्मीर सरकार का आदेश, सरकारी कर्मचारियों को पासपोर्ट आवेदन के लिए एसीबी से मंजूरी लेना अनिवार्य         BIG NEWS : पाकिस्तान में प्रशिक्षण प्राप्त आतंकवादी रच रहे थे बड़ी साजिश, पुल और रेलवे ट्रैक को बनाया था निशाना         BIG NEWS : 'टीम भूपेंद्र' ने ली गोपनीयता की शपथ, पुराने मंत्रियों की जगह सभी नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह         गुजरात में नए मंत्रिमंडल का गठन आज, पाटीदारों के हावी होने की संभावना, देखें लिस्‍ट         BIG NEWS : अनुच्छेद 370 निरस्त होने के बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर जाएंगे मोहन भागवत, जमीनी हालात का लेंगे जायजा         BIG NEWS : अफगानिस्तान के लिए भारत की भूमिका हुई अहम, क्वाड समिट से पहले मोदी से मिल सकते हैं बाइडेन         टाइम मैगजीन के 100 प्रभावशाली लोगों में पीएम मोदी, ममता और पूनावाला का नाम शामिल         BIG NEWS : “श्रीनगर में 4 आतंकियों समेत 15 OGWs मौजूद, सर्च ऑपरेशन जारी”: आईजी विजय कुमार         BIG NEWS : UNHRC में भारत ने पाकिस्तान और OIC को लगाई लताड़, जम्मू-कश्मीर पर कुछ भी बोलने का अधिकार नहीं         BIG NEWS : जम्मू-कश्मीर में महिलाओं को घर पर ही मिलेगी डिजिटल बैंकिंग सुविधा, डिजी सखी योजना शुरू         BIG NEWS : जनजातीय समुदाय को नौकरी और राजनीति में मिलेगा आरक्षण, 20 जिले में जनजातीय छात्रों के लिए बनेंगे छात्रावास         BIG NEWS : पाकिस्तान समर्थित आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़, ट्रेनिंग प्राप्त दो आतंकियों समेत 6 गिरफ्तार         WHO इस हफ्ते भारत बायोटेक की कोरोना वैक्सीन कोवैक्सीन को दे सकता है मंज़ूरी         BIG NEWS : देश में टीकाकरण का आंकड़ा 75 करोड़ के पार पहुंचा, WHO ने की तारीफ         BIG NEWS : पाकिस्तान के गृहमंत्री शेख रशीद ने कबूला सच, कहा – “सेना चला रही है इमरान खान की सरकार”         BIG NEWS : श्रीनगर में एक बड़ी आतंकी साजिश नाकाम, पुलिस पब्लिक स्कूल के पास 6 ग्रेनेड बरामद          बिगड़े बोल के कारण ही सरकार में रखे गये हैं रामेश्वर उरांव         BIG NEWS : श्रीनगर में आतंकी ने इंस्पेक्टर अर्शीद अहमद की गोली मारकर की हत्या, सीसीटीवी में कैद हुई वारदात         BIG NEWS : भूपेंद्र पटेल होंगे गुजरात के अगले मुख्यमंत्री, बीजेपी विधायक दल की बैठक में फैसला         BIG NEWS : कौन होगा गुजरात का अगला मुख्यमंत्री, रेस में कितने नाम?          BIG NEWS : जम्मू कश्मीर में मुंसिफ जज बर्खास्त, एलजी मनोज सिन्हा ने हाईकोर्ट की सिफारिश पर की कार्रवाई         GOOD NEWS : श्रीनगर के प्राचीन गणेश मंदिर में कश्मीरी हिंदूओं ने की पूजा-अर्चना, घाटी में गूंजे गणपति के जयकारे         ध्वस्त मिनारें और बदले के अभियान         कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच PM मोदी ने की समीक्षा बैठक, राज्यों को दवाओं के बफर स्टॉक का निर्देश         BIG NEWS : कश्मीर फाइट ब्लॉग मामला, “कानून की उचित प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है” : आईजी विजय कुमार         BIG NEWS : मैं कश्मीरी पंडित हूं, मेरा परिवार कश्मीरी पंडित है', जम्मू में राहुल गांधी का बयान         BIG NEWS : एलजी मनोज सिन्हा ने विश्व भर के निवेशकों को आने का दिया न्योता, कहा- “नया जम्मू कश्मीर कारोबार के लिए खुला”         BIG NEWS : श्रीनगर में आतंकियों ने किया ग्रेनेड हमला, CRPF का एक जवान घायल        

गणतंत्र जब बड़ा होता है...

Bhola Tiwari Sep 15, 2021, 8:33 AM IST कॉलमलिस्ट
img


डॉ प्रवीण झा

(जाने-माने चिकित्सक)

नार्वे : गणतंत्र जब बड़ा होता है, तो उसे सँभालना कठिन हो जाता है। ख़ास कर जब वह भिन्न भाषाओं, धर्मों और संस्कृतियों से बना हो। दक्षिण इटली का राज्य रोम मात्र 130 वर्षों में एक विशाल राज्य में तब्दील हो गया था। उसकी संसद में जहाँ अपने आस-पास के खेतों और सड़कों की बातें होती थी, अब ऐसे प्रदेशों की बात करनी थी जो उन्होंने देखी भी नहीं थी। न उनके पास ऐसी कोई प्रशासन व्यवस्था थी, न कोई सिविल सर्विस की परीक्षा होती थी। 

कौन लुसितानिया, कौन बैक्टिका, कौन सार्डीनिया संभालता? कैसे संभालता? आय-कर संरचना कैसी होती? सेनाएँ कैसे बाँटी जाती? कुछ भी तो तय नहीं था। रोमन गणराज्य में यह माहौल उपयुक्त था एक शाश्वत चीज के लिए- भ्रष्टाचार!

लोग पैरवी लगा कर इन प्रांतों के गवर्नर बनने लगे। वहाँ जाकर खूब कमाते, और रोम के ख़ज़ांची को कहते - ‘यह प्रांत तो गरीब है। यहाँ धेला भी हाथ नहीं लगता, सब प्रशासन में ही खर्च हो जाता है।’

रोमन इतिहासकार सिसरो एक गवर्नर वेरस की चर्चा करते हैं, जिन्होंने पहले वर्ष की कमाई अपने लिए रखी, दूसरे वर्ष की कमाई वकीलों को दी, तीसरे वर्ष की कमाई भ्रष्ट न्यायाधीशों को रिश्वत दी, रोम के ख़ज़ाने में कुछ नहीं आया। मुमकिन है कि यह सुन कर आज के नेता स्मरण आ जाएँ। यह भ्रष्टाचार मानव इतिहास में तब से है, जब से पूँजी है, शक्ति है, अव्यवस्था है।

रोमन अपने छह गुणों पर गर्व करते थे- साहस, धर्मनिष्ठा, गंभीरता, दृढ़ता, आत्म-नियंत्रण और (स्त्रियों का) शर्म-लिहाज़। ये छह के छह गुण ध्वस्त होने लगे। न सिर्फ़ गवर्नरों या रईसों में, बल्कि भ्रष्टाचार ऊपर से नीचे तक हर वर्ग में किसी विषाणु की तरह पसरने लगा। हर कोई रिश्वत ले-दे कर काम करवाने लगा। पिसने लगी गरीब जनता।

प्युनिक युद्ध से लगभग ढाई लाख तो गुलाम ही लाए गए थे। इन गुलामों के आने के बाद खेतों और बाज़ारों में रोमन गरीब जनता के लिए वैतनिक कार्य ही नहीं बचा। यूनान से शिक्षक आने लगे, जिन्होंने रोमन बच्चों को यूनानी मूल्य देने शुरू किए। यूँ तो यूनानी शिक्षा बुरी नहीं थी, लेकिन यह रोमन सामाजिक नीतियों और मूल्यों से अलग थी। रोमनों के बच्चे ग्रीक होते जा रहे थे।

दूसरी तरफ़ इस बड़े साम्राज्य में कई नये और विचित्र पंथ आ गए थे। सब के अपने देवी-देवता और अपने व्यवहार थे। कुछ मानव-बलि देते, कुछ यौन-संबंधों से साधना करते। रोमन भी उनकी तरफ़ खिंचे जा रहे थे, और अपने देवी-देवताओं से दूर हो रहे थे। ख़ास कर एक बैकिक पंथ का ज़िक्र आता है, जो इतने प्रभावी थे कि आखिर रोमन सिनेट ने उनके सभी अनुयायियों को मार डालने का आदेश दिया। 

लेकिन, यूनानियों के प्रभाव में रोमनों ने खूब लिखना-पढ़ना शुरू किया। कविताएँ रचना, इतिहास लिखना, नाटक लिखना, यह सब इसी काल में शुरू हुआ। जब इतिहास और कविताएँ लिखी जाती है, तो मानव-संवेदना भी उमड़ने लगती है। गुलामों को स्वतंत्रता दिखने लगती है, घरों में बंद स्त्रियों को मुक्ति। यूनानी शिक्षा से एक बुद्धिजीवी वर्ग तैयार होने लगा, जो रोमनों की सत्ता को हिलाने वाला था। 

हालाँकि कुछ बुलबुले आए। जैसे एक हुए कैटो (ई. पू. 234-149) उन्होंने प्युनिक युद्ध के नायक शिपियो पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा दिए, और सभी युद्धों के हिसाब माँगे। शिपियो गुस्से में नाक फुलाते हुए रोम छोड़ कर चले गए, और कहा कि उन्हें इस कृतघ्न रोम में न दफ़नाया जाए। कैटो न सिर्फ़ आर्थिक भ्रष्टाचार खत्म करने आए थे, बल्कि यूनानी प्रभाव से भी रोमनों को मुक्त करना चाहते थे। एक रसूखदार व्यक्ति पर उन्होंने इसलिए जुर्माना लगा दिया क्योंकि वह अपनी पत्नी को सार्वजनिक रूप से गले लगा रहे थे। उन्होंने कहा कि ये यूनानी हमारी स्त्रियों का शर्म-लिहाज ही खत्म कर रहे हैं।

ऐसे ही एक परंपरावादी कैटो इस इतिहास में आगे भी आएँगे। ऐसे कितने कैटो आए और गए। उनके रोके, रोम कहाँ रुकने वाला था। अगर रोम ने यूनान की ज़मीन पर शासन किया, तो यूनान ने रोम के दिमाग पर। 

(क्रमशः)

चित्र: रोमन बाज़ारों में गुलाम बिक्री का चित्रण

Similar Post You May Like

Recent Post

Popular Links