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जो रब का है वो सबका है

Bhola Tiwari Jul 04, 2019, 10:15 AM IST टॉप न्यूज़
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कबीर संजय

इब्ने इंशा जी ने लिखा है---इस जग में सबकुछ रब का है, जो रब का है वो सबका है। यानी कोई निजी संपत्ति नहीं और कोई चोरी नहीं। हम इंसानों ने तो इसके उलट नियम-कानून बना लिये, लेकिन बाकी जीव-जंतु अभी इसी बात पर कायम हैं। उनके लिए जग में जो कुछ भी है वो रब का और सब का है।

अब ऐसे में इंसानों द्वारा बनाई गई दुनिया में उन्हें अपना अस्तित्व बचाने के लिए कितना संघर्ष करना पड़ता होगा। सहज ही इसे समझा जा सकता है। 

इंसानों के सबसे ज्यादा करीब रहने के चलते कुत्तों को इस बात की कुछ-कुछ समझ आ चुकी है। घरों में पलने वाले ज्यादातर कुत्ते भूखे होने पर भी तब तक कुछ नहीं खाते जब तक कि उन्हें दिया न जाए। अपना शिकार खुद मारकर खाने की आदत तो वे कब की छोड़ चुके हैं। उनकी तुलना में बिल्लियों ने यह सबक नहीं सीखा है। वे मौका मिलते ही दूध के भगोने में मुंह डाल सकती हैं। भूखी होने और खाना देखने पर वे उतावली हो जाती हैं। इसके अलावा, उन्होने अपना शिकार खुद पकड़ने की आदत भी नहीं छोड़ी है। 

हाथी कई किलोमीटर दूर से ही खाने सुगंध पहचान लेते हैं। जंगल के बीच से गुजरता गन्ने से भरा ट्र्क सोचिए उन्हें कितना ललचाता होगा। गन्ने के खेत, मक्के के ढेर। उनके मुंह में पानी आ जाता होगा। उन्हें नहीं पता कि यह किसी की निजी संपत्ति है। इसे लेने का मतलब है चोरी। पता नहीं इंसान ने कितनी पीढ़ियां खर्च करने के बाद निजी संपत्ति और चोरी के द्वैत को स्थापित किया होगा। 

शेरों में मुखिया पहले खाता है। शेरनियां और बच्चे बाद में। लेकिन, यह खाने का एक शिष्टाचार जैसा है। यहां पर निजी संपत्ति के नियम के उल्लंघन और पालन जैसा कुछ नहीं है। 

लेकिन, हम इंसान इन नियमों का कड़ाई से पालन करते हैं। चिड़ियों को पता नहीं है कि इन फसलों को नहीं खाना है, यह किसी इंसान की निजी संपत्ति है। वह तो जंगल के अन्य फलों को भी वैसे ही खाएगी जैसे कि किसी खेत या उद्यान के फल या बीज को। पक्षी नदी में भी मछली पकड़कर खाएगा और इंसान के तालाब में भी। उसे नहीं पता है कि इंसान ने मछलियों का तालाब खुद के लिए पाला है। और इंसानी हुक्म का उल्लंघन करना अपनी मौत को दावत देने से कम नहीं है। 

हम यह तो नहीं सोच सकते हैं कि हमारे नियम-कानूनों को पशु-पक्षी व प्राणी समझ लेंगे और उनका पालन करेंगे। वे उसका उल्लंघन करते रहेंगे। हमें यह जरूर सोचना होगा कि उन्हें इन नियमों की जानकारी नहीं है और अपने जीवन को बचाना संसार के सबसे पवित्र कर्तव्यों में से एक है।

(चित्र इंटरनेट से साभार। इसमें एक किशोर हाथी गन्ने से लदे वाहन से गन्ना चुराने की कोशिश कर रहा है।

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