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एक पागल तानाशाह का तुगलकी फरमान

Bhola Tiwari Jun 24, 2019, 12:44 PM IST टॉप न्यूज़
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अजय श्रीवास्तव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जब सत्ता पर काबिज हुए थे तभी उन्होंने ईरान के साथ अपने पूर्वर्ती राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा किया गया परमाणु समझौते को रद्द कर नया समझौता करने की बात कही थी।

डोनाल्ड ट्रंप ने मई 2018 में ईरान के साथ हुआ परमाणु समझौत तोड लिया था और ईरान पर सख्त प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी थी।ईरान ने भी डोनाल्ड ट्रंप से कोई नया समझौता करने से इंकार कर दिया है।

आपको बता दें लंबी वार्ताओं के बाद ईरान से बहुप्रतीक्षित समझौते का एलान वियना में हुआ था।इस समझौते के तहत ईरान को अपने उच्च संवर्धित यूरेनियम भंडार का 98% हिस्सा नष्ट करना था और उसे अपने मौजूदा परमाणु सेंटीफ्यूज में से दो तिहाई को हटाना था।

इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र के निरीक्षक ईरान के सैन्य प्रतिष्ठानों की निगरानी कर सकेंगे, हलांकि ईरान इन प्रतिष्ठानों तक पहुंच के आग्रह को चुनौती दे सकता है।ईरान पर हथियार खरीदने के लिए लगाया गया प्रतिबंध पाँच वर्षों तक के लिए जारी रहेगा,जबकि मिसाइल प्रतिबंध आठ साल तक बने रहेंगे।इसके बदले ईरान को तेल गैस के कारोबार,वित्तीय लेनदेन, उड्डयन और जहाजरानी के क्षेत्रों में लागू प्रतिबंधों में ढील दी जाएगी और ईरान की अरबों डाँलर की सील संपत्ति को जारी किया जा सकेगा।

ईरान इस समझौते से संतुष्ट था और वह पूरा सहयोग भी कर रहा था मगर एक राष्टाध्यक्ष की झक्कीपन ने सब कुछ तहस-नहस कर दिया है।ट्रंप ने ईरान को नेस्तनाबूद करने का मन बना लिया है और वे इस दिशा में काफी सक्रिय भी हैं।

जिस समय अमेरिका ने ईरान के साथ समझौते को रद्द किया था, कई यूरोपीय देशों ने अमेरिका से आग्रह किया था कि वो ईरान के साथ 2015 में हुए समझौते से पीछे नहीं हटें।इस समझौते के तहत ईरान परमाणु कार्यक्रम सीमित करने के लिए बाध्य है।यूरोप की कई शक्तियों ने कहा कि सुरक्षित दूनिया के लिए यह समझौता पर्याप्त है।

डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी बात को मनवाने के लिए यूरोपीय संघ की उच्चस्तरीय अपील को भी खारिज कर दिया है और ईरान पर कडे प्रतिबंध लगा दिया है।आज अमेरिका ने भारत समेत सभी देशों को ईरान से तेल आयात करने में रोक लगा दी है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि ईरान के साथ बातचीत के लिए कोई पूर्व शर्त नहीं है,सिवाय इसके कि वह उसे परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे।

आपको बता दें कि कुछ दिनों पहले ईरान ने अमेरिका की टोही मानवरहित ड्रोन को मार गिराया था।बात ईरान पर आक्रमण की आ गई थी लेकिन हमले के आधे घंटे पहले ट्रंप ने अपने आदेश वापस ले लिये थे।डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह एक मानवरहित ड्रोन के बदले 150 ईरानियों को नहीं मारना चाहते थे इसी वजह से हमले के आधे घंटे पहले आदेश को वापस ले लिया गया।

अमेरिका और ईरान दोनों में कोई झुकने को तैयार नहीं है और जो परिस्थिति बन रही है उसमें युद्ध समय की बात है।एक सनकी बादशाह का सनक पूरे राष्ट्र को बरबाद करने पर तुला है।

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