ब्रेकिंग न्यूज़
दुबे के बाद क्या ?         मै हूं कानपुर का विकास...         BIG NEWS : रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने 6 पुलों का किया ई उद्घाटन, कहा-सेना को आवाजाही में मिलेगी सुविधा         BIG NEWS : कुख्यात अपराधी विकास दुबे उज्जैन के महाकाल मंदिर से गिरफ्तार         BIG MEWS : चुटुपालु घाटी में आर्मी का गाड़ी खाई में गिरा, एक जवान की मौत, दो घायल         BIG NEWS : सेना ने फेसबुक, इंस्टाग्राम समेत 89 एप्स पर लगाया बैन         BIG NEWS : बांदीपोरा में आतंकियों ने बीजेपी नेता वसीम बारी की हत्या, हमले में पिता-भाई की भी मौत         नहीं रहे शोले के ''सूरमा भोपाली'', 81 की उम्र में अभिनेता जगदीप का निधन         गृह मंत्रालय ने IPS अधिकारी बसंत रथ को किया निलंबित, दुर्व्यवहार का आरोप         BIG NEWS : कुलभूषण जाधव ने रिव्यू पिटीशन दाखिल करने से किया इनकार, पाकिस्तान ने दिया काउंसलर एक्सेस का प्रस्ताव         पुलिस पूछ रही है- कहां है दुबे         झारखंड मैट्रिक रिजल्ट : स्टेट टॉपर बने मनीष कुमार         झारखंड बोर्ड परीक्षा रिजल्ट : कोडरमा अव्वल और पाकुड़ फिसड्डी         BIG NEWS :  मैट्रिक का रिजल्ट जारी, 75 परसेंट पास हुए छात्र         पाकिस्तान की करतूत, बालाकोट सेक्टर के रिहायशी इलाकों में की गोलाबारी, एक महिला की मौत          BIG NEWS : होम क्वारंटाइन हो गए हैं सीएम हेमंत सोरेन, आज हो सकता है कोरोना टेस्ट !         BIG NEWS : मंत्री मिथिलेश, विधायक मथुरा समेत 165 नए कोरोना पॉजिटिव         BIG NEWS : उड़ी सेक्टर में भारी मात्रा में हथियार व गोला-बारूद बरामद         BIG NEWS : लद्दाख में एलएसी पर सेना पूरी तरह से मुस्तैद         CBSE: नौवीं से बारहवीं कक्षा तक के छात्रों के सिलेबस में होगी 30 फीसदी कटौती         BIG NEWS : पुलवामा आतंकी हमले में शामिल एक और OGW को NIA ने किया गिरफ्तार         BIG NEWS : कल घोषित होगा मैट्रिक का रिजल्ट         BIG NEWS : POK में चीन और पाकिस्तान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन         बारामूला में हिजबुल मुजाहिदीन का एक OGW गिरफ्तार, हैंड ग्रेनेड बरामद         अंदरखाने खोखला, बाहर-बाहर हरा-भरा...!         BIG NEWS : आतंकियों के साथ मिले जम्मू-कश्मीर पुलिस के निलंबित डीएसपी देविंदर सिंह के खिलाफ चार्जशीट दायर         BIG NEWS : LAC पर चीनी सेना ने टेंट, वाहन और सैनिकों को 2 किलोमीटर तक पीछे हटाया         BIG NEWS : खालिस्तानी समर्थक संगठन “सिख फॉर जस्टिस” पर बड़ी कार्रवाई, 40 वेबसाइट्स बैन         BIG NEWS : चीन का मोहरा बना पाकिस्तान, POK में अतिरिक्त पाकिस्तानी फोर्स तैनात         हुवावे बैन : चीनी राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग को बड़ा झटका         BIG NEWS : चीन की शह पर रात के अंधेरे में सरहद पर फौज तैनात कर रहा है पाकिस्तान         गोडसे की अस्थियां अपने मुक्ति को...         दिल्ली-एनसीआर में बार-बार क्यों कांप रही धरती...         इस्कॉन के प्रमुख गुरु भक्तिचारू स्वामी का अमेरिका में कोरोना की वजह से निधन         BIG NEWS : कुलगाम एनकाउंटर में सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को मार गिराया         BIG NEWS : लेह अस्पताल पर उठे सवाल, आर्मी ने दिया जवाब, "बहादुर सैनिकों की उपचार की व्यवस्था को लेकर सवाल उठाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण"         BIG NEWS : JAC ने जारी किया 11वीं का रिजल्ट, 95.53 फीसदी छात्रों को मिली सफलता         कानपुर: चौबेपुर के SHO विनय तिवारी सस्पेंड, विकास दुबे से मिलीभगत का आरोप        

जब तक जिये खुली किताब की तरह

Bhola Tiwari Jun 22, 2019, 7:13 AM IST टॉप न्यूज़
img

अजय श्रीवास्तव

सरदार खुशवंत सिंह अपने जिंदगी के अंतिम क्षण तक जवाँदिल बने रहे।अपनी 90 वीं जन्मदिन पर उन्होंने कहा,"तम्मना तो बहुत रहती है दिल में,कहाँ खत्म होती है, जिस्म से बुढा जरूर हो गया हूँ लेकिन आँख अभी तक बदमाश है दिल अब भी जवान है,दिल में ख्वाहिशें तो रहती हैं, आखिरी दम तक रहेंगी पूरी नहीं कर पाऊँगा ये भी मुझे मालूम है।"

ये बिंदास बोल खुशवंत सिंह हीं बोल सकते थे क्योंकि उनकी जिंदगी लोगों के लिए खुली किताब थी।उन्होंने जिंदगी में कुछ छूपाया नहीं।उनकी छवि शराबी, रसिया,सेक्स के प्रति आशक्त की बन गई थी जबकि उनके जानने वालों की नजर में वे खुशदिल, अनुशासनप्रिय सख्शियत के मालिक थे।उनके पुत्र राहुल सिंह का कहना है कि वह रोज सुबह चार बजे उठ जाते थे,अपनी चाय वे स्वयं बनाते थे फिर दूरदर्शन पर हरमंदिर साहिब से आ रहे कीर्तन सुना करते थे।दोपहर बारह बजे वे लंच कर घंटे डेढघंटे आराम करते थे।रात आठ बजे का मतलब आठ बजे वे डिनर कर लेते और नौ बजे सो जाते थे।मरने तक यही उनकी दिनचर्या थी।उनसे बिना समय लिए कोई मिल नहीं सकता था।स्वभाव से नास्तिक खुशवंत सिंह अपनी सिख रूपी पहचान अंत तक बनाये रहे।उनके बेटे राहुल सिंह बताते हैं कि जब उन्होंने बाल कटवा लिये तो पिताजी बहुत नाराज हुऐ थे।धर्म में विश्वास न करने वाला व्यक्ति रोज हरमंदिर साहिब का कीर्तन सुनता था ये भी उनकी जिंदगी का अजीब पहलू था।इमेरजेंसी के दौर में उन्होंने संजय गांधी और इंदिरा गांधी का खूब साथ दिया मगर स्वर्ण मंदिर में सेना के घुसने का खूब विरोध भी किया।ऐसा नहीं था कि वे अलगावादियों का समर्थन करते थे।उन्होंने भिंडरावाला को खूब खरी खोटी सुनाई थी।खुशवंत सिंह को सन् 1974 में पद्मभूषण सम्मान से नवाजा गया था, लेकिन इंदिरा गांधी द्वारा ब्लूस्टार चलाये जाने के खिलाफ आवाज उठाते हुऐ सन्1984 में इस सम्मान को वापस कर दिया।उनके सम्मान वापिसी का समाज के हर क्षेत्रों में स्वागत किया गया।सिखों के तो वे निर्विवाद हीरो बन गए थे।

खुशवंत सिंह का जन्म दो फरवरी 1915 को पंजाब के हदाली में हुआ था जो अब पाकिस्तान में है।उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस काँलेज से पढाई की।सन्1947 में उनका चयन फाँरेन सर्विश के लिए हो गया।उन्होंने स्वतंत्र भारत में सरकार के इंफारमेशन आँफिसर के तौर पर टोरंटो और कनाडा में सेवाएं दी,लेकिन उनका मन वहाँ भी नहीं लगा।उन्होंने इलुस्टेडेड वीकली आँफ इंडिया, नेशनल हेराल्ड और हिंदूस्तान टाईम्स में बतौर संपादक काम किया जो उनका स्वर्ग काल थी।उन्होंने "ट्रेन टु पाकिस्तान",आई शैल नाँट हियर द नाइटिंगेल, दिल्ली जैसी कालजयी रचनायें भी लिखी।उनकी सक्रियता 99 वर्ष में भी ठीक वैसी हीं बनी रही जैसे पहले हुआ करती थी।95 वर्ष की आयु में उन्होंने उपन्यास "द सनसेट क्लब" लिखा जो प्रबुद्ध वर्ग में काफी सराही गई।

उन्होंने पूरी जिंदगी ईमानदारी से बिताया।बहुत से निर्णय पर उनकी आलोचना भी खूब हुई लेकिन वे अपने निर्णय पर अडिग रहे।प्रसिद्ध इतिहावीद रामचंद्र गुहा ने उनकी मौत पर कहा कि वे हमेशा सिखों के इतिहास लिखने के लिए और बेबाक राय के लिए याद किये जायेंगे।दिल्ली में उन्हें "ओल्ड डर्टी मैन"के नाम से भी जाना जाता था लेकिन उन्हें कोई शिकायत नहीं थी।

एक साहित्यकार के रूप में,इतिहावीद के रूप में,संपादक के रूप में उनका कोई मुकाबला नहीं था वे अपनी शर्तों पर जिंदा रहे और बेहद आराम से सोते सोते चले गए।आप हमेशा याद रहोगे सरदार खुशवंत सिंह।

Similar Post You May Like

Recent Post

Popular Links