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तुम्हारी अमृता

Bhola Tiwari Jun 21, 2019, 6:05 AM IST टॉप न्यूज़
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एस डी ओझा

"तुम्हारी अमृता " जावेद सिद्दकी द्वारा रुपांतरित नाटक है , जो बहुत दिनों से खेला जा रहा था । इसमें फारुख शेख और शबाना आजमी ने मुख्य रोल निभाया था । फारुख शेख की मृत्यु के बाद यह नाटक बंद हो गया है । हो सकता है दूसरे किरदार बाद में इसे पुनः खेलें । 

"लिखना मुझे अच्छा लगता है अमृता। खास तौर से तुम्हें। ये खत नहीं हैं। मेरी जान ये मैं हूं। ये मेरी रूह के टुकड़े हैं। तुम चाहो तो इन्हें टुकड़े-टुकड़े कर डालो। "

यह किसी फिल्म नहीं बल्कि उस नाटक के संवाद हैं जो पिछले 20 सालों से लगातार दिवंगत अभिनेता फारुख शेख दोहरा रहे थे। ये उनकी अदाकारी का ही कमाल है कि इन संवादों की ताजगी पिछले 20 बरस से आज भी बरकरार है। तुम्हारी अमृता एआर गर्नी के 1988 लिखे नाटक लव लेटर्स का रूपांतरण है। यह नाटक मशहूर चित्रकार अमृता शेरगिल के जीवन पर आधारित है ।

अमृता शेरगिल की माँ मेरी एंटोनी महाराजा रणजी सिंह की पोती के साथ भारत आईं थीं । वे कुछ दिन लाहौर में रुकने के बाद शिमला आ गईं । यहीं पर समर हिल में उनकी मुलाकात उमराव सिंह शेरगिल से हुई । दोनों की आंखें चार हुईं । साथ जीने और मरने की कसमें खाईं गयीं । शादी हुई । मेरी एंटोनी और उमराव सिंह शेरगिल हंगरी के लिए प्रस्थान कर गये । हंगरी में इनके प्यार की निशानी पैदा हुई । इस निशानी का नाम अमृता शेरगिल रखा गया । अमृता शेरगिल का रुझान चित्रकारी की तरफ बचपन से हीं था । वह जब कक्षा 8 में पढ़ रही थी, तभी उसे चित्रकारी के लिए इनाम मिलने लगा था । बड़ी होकर 1921 में वह भारत आ गयी । शिमला में रहकर वह चित्रकारी करने लगी । यहीं से उसे एक चित्रकार के रुप में पहचान मिली । 1924 में अमृता शेरगिल इंग्लैण्ड चली गईं थीं । वहां से चित्रकारी के गुर सीखकर फिर भारत लौट आईं ।

अमृता शेरगिल भारत लौटकर अपने पैतृक स्थान गोरखपुर को अपनी कर्म भूमि बनाया । उनके पिता उमराव सिंह शेरगिल गोरखपुर के सरयां गांव के निवासी थे । अमृता भी सरयां में रहने लगीं । यहाँ रहते हुए उन्होंने कहा था - " यूरोप भले हीं पाब्ले पिकासो का है , पर भारत अमृता शेरगिल का है ।" सरयां में रहते हुए उन्होंने Village Scene शीर्षक से एक चित्र बनाया । इस चित्र की कीमत 6•9 करोड़ आंकी गयी । यह किसी भी महिला द्वारा बनायी गयी सबसे महंगी पेंटिंग थी । उनकी बनाई हुई The little girl in blue साल 2018 में 18•69 करोड़ में नीलाम हुई थी । साल 1938 साल में अमृता शेरगिल ने ( 25 वर्ष की उम्र में ) डाक्टर विक्टर ईगान से शादी कर ली । अमृता शेरगिल एक अद्वितीय चित्रकार के साथ साथ एक अनिंद सुंदरी भी थीं । उनका तन सुंदर तो मन भी सुंदर था ।

1940 में जब पण्डित नेहरु गोरखपुर आए थे तो वे अमृता शेरगिल के गाँव सरयां भी गये थे । वे अमृता शेरगिल से मिलकर उनकी हौसला अफजाई की थी ।अमृता को अचानक एक अज्ञात बीमारी ने धर दबोचा । मात्र 28 साल की उम्र में ही उनकी मौत हो गयी थी । 2013 में यूनेस्को ने उनकी जन्म शताब्दी मनायी थी ।भारत सरकार ने उनके नाम पर डाक टिकट जारी किया था । उस डाक टिकट पर अमृता शेरगिल का प्रसिद्ध चित्र " हिल वूमन " छपा था । अमृता शेरगिल के चित्र भारत की अमूल्य धरोहर हैं । भारत सरकार ने इनकी कला को राष्ट्रीय कला घोषित किया है ।

अपनी मृत्यु के वक़्त अमृता सिर्फ 28 साल की थीं , पर अपने छोटे से जीवन में उन्होंने अपने काम से भारतीय कला की दुनिया में एक ऐसी मौलिक छाप छोड़ी जिसका समानांतर उनकी मृत्यु के 80 साल बाद भी कोई खड़ा नहीं हो पाया है ,पर तस्वीर का एक पहलू यह भी है कि उनकी कर्मभूमि रहा गोरखपुर का सराया गांव आज उन्हें भुला चुका है । वह सरयां जिसे गोरखपुर जाते समय कुसुमी जंगल पार कर हमने अनगिनत बार देखा है । अमृता शेरगिल के पति विक्टर बहुत दिनों तक जिंदा रहे थे । अमृता शेरगिल की मौत के बाद उन्होंने समाज सेवा में बिताया था । 1997 में उनकी मौत हुई थी ।

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