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ये RIP क्या होता है ?

Bhola Tiwari Jun 15, 2019, 6:52 AM IST टॉप न्यूज़
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एस डी ओझा

आम तौर पर किसी दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि स्वरुप RIP लिखा जाता है । इसका फुल फार्म Rest in peace( शांति से आराम करें ) होता है । आजकल ट्रेंड चल पड़ा है सोशल मीडिया पर यह लिखने का । लिखने में छोटा होने के कारण आसानी होती है । सभी लिखते हैं तो हम भी लिखते हैं । कब्रों पर भी लिखा होता है -RIP . वास्तव में "शांति से आराम करें " लिखने के पीछे मंशा यह है कि एक दिन तो जीवित होना हीं है । तब तक आराम करें । ईसाई और इस्लाम धर्म में ऐसी मान्यता है कि एक दिन judgement day ( कयामत के दिन ) आएगा , जब कब्र में सोई हुई आत्माएं सशरीर बाहर आ जाएंगी । वे पुनः जीवित हो जाएंगी । इसलिए तब तक इन आत्माओं को " शांति से आराम करें " की दुआ दी जाती है ।

हिंदू धर्म में मृतक को जलाने की परम्परा है । इसमें जजमेंट डे या कयामत के दिन की कोई अवधारणा नहीं है । जब शरीर एक बार जल जाता है तो उसके पुनः जीवित होने का प्रश्न हीं नहीं है । हां ,हिंदू धर्म में पुर्नजन्म का कांसेप्ट है । गीता में लिखा है -

शरीराणि विहाय जीर्णा न्यन्यानि संयाति नवानि देही।

शरीर जब जीर्ण शीर्ण हो जाता है तो वह नया चोला पहनता ( पुर्नजन्म ) है । आत्मा पुराने शरीर को छोड़ नये शरीर में प्रवेश करती है । ऐसे में हम उस आत्मा को यह नहीं कह सकते कि शांति से आराम करो , क्योंकि आत्मा पुर्नजन्म लेती है , वह आराम नहीं करती । पुर्नजन्म के कई घटनाएं एशिया और योरोप में हो चुकी हैं । केवल भारत में हीं 1973 से आज तक 500 पुर्नजन्म की घटनाएं घट चुकी हैं । सुकरात , प्लूटो और पायथोगोरस जैसे विद्वान भी पुर्नजन्म की अवधारणा को मानते थे । वैज्ञानिक इयान स्टीवेंशन ने भी माना है कि पुर्नजन्म की अवधारणा काल्पनिक नहीं है ।

इस तरह से RIP लिखने का एक विशेष प्रयोजन है । मृत शरीर कब्र में आराम करता है । जब जजमेंट डे या कयामत का दिन आएगा तो सारे मृत शरीर जीवित हो जाएंगे । हिंदू धर्म में ऐसा सम्भव नहीं है । जिस्म जल चुका होता है । उसका जीवित होना मुमकिन हीं नहीं । इसलिए ऐसी बात लिखनी या कहनी हीं क्यों जो सम्भव हीं न हो ? हम श्रद्धांजलि लिख सकते हैं । हिंदू धर्म में ऐसी इच्छा व्यक्त की जाती है कि पुर्नजन्म न हो । आदमी को जीवन मरण से मुक्ति मिल जाय । इसके लिए साधु महात्मा जप तप करते हैं ताकि उन्हें पुनः इस मर्त्य लोक में न आना पड़े । इस हालत में हम मृत आत्मा के लिए " सद्गगति प्राप्त हो " " ईश्वर मोक्ष प्रदान करें " लिख सकते हैं ।

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