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बंगाल का गुनहगार कौन ?

Bhola Tiwari Jun 13, 2019, 11:26 AM IST टॉप न्यूज़
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रंजीत कुमार

सभी संकेत बता रहे हैं कि पश्चिम बंगाल एक दीर्घकालीन अशांति के द्वार पर खड़ा है। सामान्य हालात बनाने के लिए अगर फौरन युद्ध स्तर पर चतुराईपूर्ण नागरिक-प्रशासनिक पहल नहीं हुई तो राज्य के इनसर्जेंसी में जाने की पूरी संभावना है। यह देखना और भी कष्टप्रद है कि वहां की सत्तारुढ़ पार्टी टीएमसी और सत्ता के लिए लालायित भाजपा और सत्ता से बहुत दुर जा चुकी कांग्रेस-वामपंथी पार्टी स्थिति को सुधारने के प्रति रत्ती भर भी चिंतित नहीं है। ऐसे में देश के शेष भाग के नागरिक के मन यह सवाल उठने लगा है कि आखिर बंगाल को इस हाल में पहुंचाने के लिए जिम्मेदार कौन है? 1) कांग्रेस ! जिसने 60 और 70 के दशक में सामंतवाद और जमींदारी के विरोध में खड़े हुए वामपंथी आंदोलन को बंदूक से कुचलने की कोशिश की और इस प्रकार सत्ता को थाली में सजाकर वामपंथी पार्टियों को सौंप दिया। 2) वामपंथी पार्टियां ! जिसने सत्ता पर एकाधिकार के लिए मुस्लिम वोट बैंक की स्थापना की और इसमें बांग्लादेशी को भरते गए और इस तरह राज्य की जनसांख्यिकी को बुरी तरह विकृत कर दिया। एकाधिकार के लिए उसने गुंडा तंत्र की स्थापना कर लोकतंत्र को गुंडातंत्र में तब्दील कर दिया। 3) टीएमसी, जिसने वामपंथी शस्त्रागार से शस्त्र चुराकर सत्ता हासिल की। अब जब टीएमसी की बॉरो की राजनीति जमीन पर मिसफायर करने लगी है तो वह सत्ता पर कब्जा बरकरार रखने के लिए राज्य को गृह युद्ध में भी झोंकने को तैयार है?        ये तीनों सवाल अब उठते ही रहेंगे... उठने भी चाहिए....गुनहगारों की पहचान आवश्यक है ताकि देश के अन्य राज्य आगे सचेत रहें। क्योंकि गुनहगार तो सत्ता में रहते हुए भी मौज करते हैं और सत्ता से जाने के बाद भी। भोगना तो आम जनता को पड़ता है...

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