ब्रेकिंग न्यूज़
नेपाल पीएम के बिगड़े बोल, कहा – “नेपाल में हुआ था भगवान राम का जन्म, नेपाली थे भगवान राम”         CBSE 12वीं का रिजल्ट : देश में 88.78% स्टूडेंट पास         BIG NEWS : सेना प्रमुख एमएम नरवणे जम्मू पहुंचे, सुरक्षा स्थिति का लिया जायजा         अनंतनाग एनकाउंटर में 2 आतंकी ढेर         बांदीपोरा में 4 OGWS गिरफ्तार, हथियार बरामद         BIG NEWS : हाफिज सईद समेत 5 आतंकियों के बैंक अकाउंट फिर से बहाल         BIG NEWS : लालू यादव का जेल "दरबार", तस्वीर वायरल         मान लीजिए इंटर में साठ प्रतिशत आए, या कम आए, तो क्या होगा?         BIG NEWS : झारखंड में रविवार को कोरोना संक्रमण से 6 मरीजों की मौत, बंगाल-झारखंड सीमा सील         BIG NEWS : सोपोर में सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी, अब तक 2 आतंकी ढेर         BIG NEWS : देश में PMAY के क्रियान्वयन में रामगढ़ नंबर वन         BIG NEWS : श्रीनगर में तहरीक-ए-हुर्रियत के चेयरमैन अशरफ सेहराई गिरफ्तार         BIG NEWS : ऐश्वर्या राय बच्चन और आराध्या बच्चन की कोरोना रिपोर्ट आई पॉजिटिव         BIG NEWS : मध्यप्रदेश की राह पर राजस्थान !         अमिताभ बच्चन ने कोरोना के खौफ के बीच सुनाई थी उम्मीद भरी कविता, अब..         .... टिक-टॉक वाले प्रकांड मेधावियों का दस्ता         BIG BRAKING : नक्सलियों नें कोल्हान वन विभाग कार्यालय व गार्ड आवास उड़ाया         BIG NEWS : महानायक अमिताभ बच्चन के बाद अभिषेक बच्चन को भी कोरोना         BIG NEWS : अमिताभ बच्चन करोना पॉजिटिव         BIG NEWS : आतंकियों को घुसपैठ कराने की कोशिश में पाकिस्तानी बॉर्डर एक्शन टीम         अपराधी मारा गया... अपराध जीवित रहा !          BIG NEWS : भारत चीन के बीच बातचीत, सकारात्मक सहमति के कदम आगे बढ़े         BIG NEWS : बारामूला के नौगाम सेक्टर में LOC के पास मुठभेड़, दो आतंकी ढेर         BIG STORY : समरथ को नहिं दोष गोसाईं         शर्मनाक : बाबू दो रुपए दे दो, सुबह से भूखी हूं.. कुछ खा लुंगी         BIG NEWS : वर्चुअल काउंटर टेररिज्म वीक में बोले सिंघवी, कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, था और रहेगा         BIG NEWS : कानपुर से 17 किमी दूर भौती में मारा गया गैंगेस्टर विकास, एसटीएफ के 4 जवान भी घायल         BIG NEWS : झारखंड के स्कूलों पर 31 जुलाई तक टोटल लॉकडाउन         BIG NEWS : चीन के खिलाफ “बायकॉट चाइना” मूवमेंट          पाकिस्तानी सेना ने नौशेरा सेक्टर में की गोलाबारी, 1 जवान शहीद         मुसीबत देश के आम लोगों की है जो बहुत....         BIG NEWS : एनकाउंटर में मारा गया गैंगस्टर विकास दुबे         बस नाम रहेगा अल्लाह का...         BIG NEWS : सेना के काफिले पर आतंकी हमला, जवान समेत एक महिला घायल        

न जाने कितने वर्षों तक मैं यूं हीं लेटा रहूंगा ?

Bhola Tiwari Jun 11, 2019, 7:32 AM IST टॉप न्यूज़
img

एस डी ओझा

सर्वमान्य तथ्य है कि एवरेस्ट पर फतह 29 मई 1953 को एडमण्ड हिलेरी और तेनजिंग शेरपा ने किया था । अगर हम कहें कि एवरेस्ट पर फतह जाॅर्ज मैलोरी और उनके सहयात्री सैंडी इरविन ने 08 जून 1924 को हीं कर लिया था तो आप विश्वास नहीं करेंगे । तथ्यों की मानें तो एडमण्ड हिलेरी और तेनजिंग शेरपा से 29 साल पहले हीं यह कारनामा किया जा चुका था । अपनी पुस्तक The wildest dream , Conquest of Everest में मार्क मेकेंजी ने तथ्यों का हवाला देते हुए यह सिद्ध करने की कोशिश की है कि जार्ज मैलोरी व सैंडी इरविन ने हीं सर्व प्रथम एवरेस्ट फतह किया था ।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार 08 जून 1924 को जाॅर्ज मैलोरी और सैंडी एरविन दो धब्बों के रुप में आगे पीछे एवरेस्ट की तरफ बढ़ते दिखे थे । तभी बादलों का एक हुजूम आया और सब कुछ अदृश्य हो गया । वर्ष 1999 में पर्वतारोही कोनार्ड एंकर ने एवरेस्ट से महज 800 फुट की दूरी पर जाॅर्ज मैलोरी का शव खोज निकाला था । ब्रिटेन के पर्वतारोहण के एक विशेषज्ञ ग्राहम होयलैण्ड ने भी यह दावा किया है कि एवरेस्ट पर प्रथम फतह हासिल करने वाले जाॅर्ज मैलोरी और उनके साथी सैंडी इरविन थे । एवरेस्ट की चढ़ाई के बाद लौटते समय वे हादसे के शिकार हो गये थे । ऐसी जानकारी उसने अपने तीन दशक के शोध के बाद दी है । ज्ञातव्य हो कि ग्राहम होयलैण्ड आठ बार एवरेस्ट पर आरोहण कर चुके हैं । उन्हें पर्वतारोहण का गहरा ज्ञान है । होयलैण्ड जाॅर्ज मैलोरी के पर्वतारोही दल में मिशनरी डाक्टर के रुप में भी शामिल थे ।

 जाॅर्ज मैलोरी ने अपनी पत्नी से वादा किया था कि वे अगर एवरेस्ट फतह कर लेंगे तो वे उनका (पत्नी का )फोटो एवरेस्ट पर छोड़ आएंगे । उनका यह कृत्य अपनी पत्नी के प्रति स्नेह का प्रतीक होता । जब 75 साल बाद 1999 में उनकी लाश मिली तो उनके बटुए में उनकी पत्नी का फोटो नहीं था । मतलब सीधा था । वे एवरेस्ट चढ़े थे । वहीं अपनी पत्नी का फोटो छोड़ आए थे । दूसरी बात यह कि उन्होंने अपना चश्मा नहीं पहना था । नीचे उतरते वक्त पर्वतारोही चश्मा नहीं पहनते । स्पष्ट है कि वे एवरेस्ट फतह कर नीचे उतर रहे थे । उतरते समय वे बर्फ के तूफान में फंस गये , जिसकी वजह से उनकी मृत्यु हो गयी । किंतु जाॅर्ज मैलोरी का कैमरा नहीं मिला । अगर कैमरा मिल जाता तो वह उनके एवरेस्ट विजय का पक्का सबूत होता ।

कैमरे में मौजूद फोटो उनके एवरेस्ट विजय की कहानी बताते ।

हो सकता है कि वह कैमरा उनके साथी सैंडी इरविन के पास हो । सैंडी इरविन की भी लाश नहीं मिली । जाॅर्ज मैलोरी का शव असहनीय ठंड के मध्य खुले आकाश में पड़ा है । उसे नीचे लाने का कोई साधन नहीं है । जाॅर्ज मैलोरी को सद्गति कब मिलेगी ? क्या वे यूं हीं खुले आकाश के नीचे दुधिया चांदनी में नहाते हुए तारों भरी रात की अकल्पनीय ठंड को झेलते हुए सूरज के ताप का इंतजार करते रहेंगे ??

Similar Post You May Like

Recent Post

Popular Links